लेखक परिचय

ललित गर्ग

ललित गर्ग

स्वतंत्र वेब लेखक

फतवों की राजनीति में सुराज्य कैसे संभव?

Posted On & filed under राजनीति.

 ललित गर्ग – सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावों में धर्म, जाति, सम्प्रदाय या वर्ग विशेष के नाम पर वोट मांगने को या वोट देने के लिये प्रेरित करने को भ्रष्ट प्रक्रिया करार देकर भारतीय लोकतंत्र में पहली सबसे खतरनाक बीमारी को दूर करने का प्रयास किया है। बावजूद इसके दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के इमाम अहमद… Read more »

चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों?  

Posted On & filed under राजनीति.

 ललित गर्ग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर मतदाता को अपने भाग्य का फैसला करने का अधिकार मिला है। यदि मतदाता सशक्त  और स्वस्थ लोकतंत्र चाहता है तो उसे कम-से-कम मतदान में उत्साह का प्रदर्शन करना होगा और अधिकतम मतदान को संभव बनाना होगा। मतदान के प्रति मतदाता… Read more »



स्वामी दयानन्द सरस्वती : धर्मक्रांति के साथ राष्ट्रक्रांति के प्रेरक

Posted On & filed under धर्म-अध्यात्म.

स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती – 12 फरवरी 2017 पर विशेष ललित गर्ग – महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन त्रैकालिक, सार्वभैमिक एवं सार्वदेशिक होता है और युग-युगों तक समाज का पथदर्शन करता है। स्वामी दयानंद सरस्वती हमारे ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ है। जिस युग में उन्होंने… Read more »

बजट 2017 : सशक्त वित्तीय अनुशासन का सन्देश

Posted On & filed under आर्थिकी, राजनीति.

 ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है। इस बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे और अन्य बुनियादी… Read more »

जंकफूड से बीमार हो रहा है समाज

Posted On & filed under खान-पान, समाज.

ललित गर्ग दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोग खानपान की विकृति की वजह से बीमार हो रहे हैं। खानपान की इस विकृति का नाम है जंकफूड और इससे पैदा हुई महामारी का नाम मोटापा है। स्थिति तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब हमें पता चलता है कि इनमें चैथाई तो बच्चे हैं।… Read more »

पर्यावरण के इस उजाले को कोई तो बांचे

Posted On & filed under पर्यावरण, शख्सियत.

 ललित गर्ग – आदर्श की बात जुबान पर है, पर मन में नहीं। उड़ने के लिए आकाश दिखाते हैं पर खड़े होने के लिए जमीन नहीं। दर्पण आज भी सच बोलता है पर हमने मुखौटे लगा रखे हैं। ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व के सामने सबसे बड़ी गंभीर समस्या है और हम पर्यावरण को दिन-प्रतिदिन प्रदूषित… Read more »

गांधी का पुनर्जन्म हो

Posted On & filed under राजनीति, शख्सियत.

महात्मा गांधी पुण्यतिथि- 30 जनवरी – ललित गर्ग – महात्मा गांधी बीसवीं शताब्दी में दुनिया के सबसे सशक्त, बड़े एवं प्रभावी नेता के रूप में उभरे, वे बापू एवं राष्ट्रपिता के रूप में लोकप्रिय हुए, वे पूरी दुनिया में अहिंसा, शांति, करूणा, सत्य, ईमानदारी एवं साम्प्रदायिक सौहार्द के सफल प्रयोक्ता के रूप में याद किये… Read more »

मर्यादा महोत्सव है तेरापंथ का महाकुंभ मेला

Posted On & filed under कला-संस्कृति, धर्म-अध्यात्म, वर्त-त्यौहार.

153वें मर्यादा महोत्सव- 3 फरवरी, 2017 – ललित गर्ग भारत की वसुंधरा ऋषिप्रधान है। भारतीय संस्कृति में दो प्रकार की पद्धतियों का प्रचलन हैµ एक है श्रमण संस्कृति, और दूसरी है वैदिक संस्कृति। दोनों ही संस्कृतियों में अनेक पर्व, उत्सव मनाए जाते है। पर्व, उत्सव क्यों मनाए जाते है? क्योंकि इन उत्सवों के माध्यम से… Read more »

लोकतंत्र के दुर्ग में अनैतिक मूल्यों के छिद्र

Posted On & filed under विविधा.

ललित गर्ग इन दिनों सभी दलों द्वारा विभिन्न जातियों में समीकरण बैठाने की कोशिशें की जा रही हैं। पंजाब में तो धार्मिक स्थान राजनीतिक मंच बने हुए हैं। हर कोई डेरों की तरफ दौड़ रहा है। किसी नेता को अर्जुन के रूप में पेश किया जा रहा है तो किसी को भगवान श्रीकृष्ण। कुछ राजनीतिक… Read more »

गणतंत्र का नया सूरज उगाना होगा

Posted On & filed under विविधा.

ललित गर्ग यही वही 26 जनवरी का गौरवशाली ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने आजादी के लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद इसी दिन हमारी संसद ने भारतीय संविधान को पास किया। खुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करने के साथ ही भारत के लोगों द्वारा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस… Read more »