लेखक परिचय

रमेश पांडेय

रमेश पांडेय

रमेश पाण्डेय, जन्म स्थान ग्राम खाखापुर, जिला प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन में शौक। सामयिक समस्याओं और विषमताओं पर लेख का माध्यम ही समाजसेवा को मूल माध्यम है।

…आओ बचाएं अपनी वसुंधरा?

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पृथ्वी दिवस पर जल, जंगल और जमीन बचाने का संकल्प लें रमेश पाण्डेय हाल के कुछ साल, महीने और दिवस में नेपाल में आयी भूकंप त्रासदी, पाकिस्तान में बाढ़, जम्मू कश्मीर में जल प्रलय, जापान से लेकर अफगानिस्तान तक धरती के कंपने, इक्वाडोर में भूकंप जैसी भयावह खबरे अखबार की सुर्खियां रहीं। वर्तमान में लातूर… Read more »

कन्हैया को भारत में कैसी आजादी चाहिए?

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सन्दर्भ : जवाहरलाल यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा तिहाड़ जेल से छूटने के बाद दिया गया भाषण रमेश पाण्डेय हमारे युग की कला क्या है? न्याय की घोषणा, समाज का विश्लेषण, परिमाणत: आलोचना। विचारतत्व अब कलातत्व तक में समा गया है। यदि कोई कलाकृति केवल चित्रण के लिए ही जीवन का चित्रण करती है, यदि… Read more »



किसानों को स्नेह और सहानुभूति की जरुरत

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असमय बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर भारत के किसानों को तबाह कर रखा है। देश के कोने-कोने से किसानों के आत्महत्या करने और फसल की बर्बादी को देख सदमे से मौत हो जाने की खबरें आ रही हैं। ऐसी खबरों से साफ है कि किसान और उनके परिवारीजन कितनी भयावह मनोदशा से गुजर रहे होंगे।… Read more »

बच्चियों के साथ दरिंदगी पर उदासीनता क्यों

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देश में लगातार बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में हुई हाल की घटनाओं ने दरिंदगी की इंतहा पार कर दी है। बावजूद इसके भी सरकारों की तरफ से उदासीनता बरती जा रही है। अगर ऐसे ही रहा तो आने वाले दिनों में सामान्य… Read more »

महिला सशक्तिकरण के नाम पर अभिनेत्रियों का भोंड़ापन

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समाज का सुन्दर एवं सुव्यवस्थित स्वरुप प्रदान करने में महिला समाज का अद्वितीय स्थान है। शायद इसी वजह से भारतीय संस्कृति मातृ प्रधान है। हमारी संस्कृति में अगर देवताओं के नाम भी लिए जाते हैं तो पहले शक्तिस्वरुपा उनकी पत्नियों के नाम लिए जाते हैं, यथा सीताराम, राधे कृण्ण। वैसे सामाजिक तौर पर भी घर… Read more »

बुलेट ट्रेन के सपने से पहले बदहाल ‘सूरत’ बदलनी होगी

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प्रधानमंत्री बनते ही नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों को बुलेट ट्रेन कासपना दिखाया। युवा पीढ़ी के लिए यह खुशी की बात रही। चुनाव प्रचार के दौराननरेन्द्र मोदी के मन में यह कसक दिखाई दे रही थी कि वह जैसे हीप्रधानमंत्री पद की कुर्सी पर आसीन होंगे, वैसे ही देश की सड़ी-गलीव्यवस्थाओं में आमूलचूल परिवर्तन… Read more »

मेक इन इण्डिया व स्किल्ड इंडिया की परिकल्पना

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‘मेक इन’ व ‘स्किल्ड इंडिया’ की परिकल्पना साकार करेगा छत्तीसगढ़ का बजट– छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 13 मार्च 2015 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए बजट पेश किया। बजट में पूंजीगत व्यय में 39 प्रतिशत वृद्धि की गई है। बजट में युवा, अधोसंरचना विकास एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी… Read more »

अफसरों की भ्रष्ट प्रवृत्ति रोकना जरुरी

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रमेश पाण्डेय देश और दुनिया में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने को लेकर कशमकश जारी है। सामाजिक संगठन से लेकर राजनैतिक संगठनों द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आए दिन भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर आन्दोलन करते रहते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव भी भ्रष्टाचार के मुद्दे… Read more »

शिविर लगाकर जान लेने का तमाशा बंद होना चाहिए

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रमेश पाण्डेय छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नसबंदी के बाद हुई 13 महिलाओं की मौत देश ही नहीं विदेशी मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। इस घटना के बाद हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इसके लिए असली गुनाहगार कौन है। इसे लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपनी… Read more »

‘किस आफ लव’ युवा पीढ़ी को बांटने की साजिश

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रमेश पाण्डेय 2 नवंबर 2014 से देश में एक प्रकार का नया उन्माद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। इस उन्माद में एक सोची समझी साजिश के तहत युवा पीढ़ी को बांटने की कोशिश की जा रही है। इसका नाम दिया गया है ‘किस आफ लव’। भारतीय संस्कृति में प्रेम को भगवान का… Read more »