लेखक परिचय

डा. राधेश्याम द्विवेदी

डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

सहारनपुर के पुरातात्विक स्थलों पर शोध जारी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी हड़प्पा कालीन सकतपुर में खुदाई शुरु:- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम के अनुसार हड़प्पा कालीन सभ्यता में पहले मेरठ के आलमगीर स्थान को छोर माना गया था, लेकिन सहारनपुर में हुलास और बाड़गांव में मृदभांड मिलने के बाद दक्षिणी छोर पर मौजूद गांव में तांबे की… Read more »

अनोमा नदी की बदहाली

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डा. राधेश्याम द्विवेदी वर्तमान आमी नदी का पुराना नाम अनोमा है। अनोमा का मतलब सामान्य होता है। हो सकता है कि इस नदी के सामान्य आकार और स्वरुप के कारण इसका अनोमा जैसा छुद्र नाम रहा हो। छोटी नदी होते हुए भी इस नदी में हमेशा कुछ ना कुछ पानी जरुर रहता है। यह बौद्ध… Read more »



भगवान शिव के अनेक अवतार

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डा.राधेश्याम द्विवेदी हिंदू धर्म ग्रंथ पुराणों के अनुसार भगवान शिव ही समस्त सृष्टि के आदि कारण हैं। उन्हीं से ब्रह्मा, विष्णु सहित समस्त सृष्टि का उद्भव होता हैं। जिस प्रकार विष्णु के 24 अवतार हैं उसी प्रकार शिव के भी 28 अवतार हैं। वेदों में शिव का नाम ‘रुद्र’ रूप में आया है। रुद्र संहार… Read more »

बृहत्तर भारत का गौरवमय अतीत

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भारत की संस्कृति :- भारत की संस्कृति कई चीज़ों को मिला-जुलाकर बनती है जिसमें भारत का लम्बा इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, बौद्ध धर्म एवं स्वर्ण युग की शुरुआत और उसके अस्तगमन के साथ फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल… Read more »

कुवानो नदी और अमहट पुल की व्यथा

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डा. राधेश्याम द्विवेदी कुवानो नदी का दर्द : – कुवानों का उद्गम कोई पहाड़ ना होकर कुंवा है। इसे कूपवाहिनी भी कहते हैं। यह बहराइच जिले के पूर्वी निचले भाग से प्रारम्भ होकर गोण्डा के बीचोबीच होकर रसूलपुर में बस्ती मण्डल को स्पर्श करती है। यह बस्ती पूर्व, बस्ती पश्चिम, नगर पश्चिम, नगर पूर्व, महुली… Read more »

सेक्युलर( धर्म-निरपेक्षता )का सही स्वरुप : राजनेताओं से सावधान

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डा. राधेश्याम द्विवेदी भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द :- सेकुलरिज्म एक भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द है. अधिकाँश लोग इस शब्द का सही अर्थ भी नहीं जानते। इस शब्द की न तो कोई सटीक परिभाषा है, और न ही कोई व्याख्या है। आजकल गलतफहमी में सेकुलर मतलब केवल “हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई” समझ लिया जाता है और, ऐसा करके… Read more »

आगरा का सुरक्षा घेरा चहारदीवारी और प्रमुख गेट

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डा. राधेश्याम द्विवेदी आगरा की सुरक्षा घेरा एक समान नहीं रहीं। यह समय समय पर आवश्यकता के अनुकूल बदलती रही। प्रथम सुरक्षा घेरा शेरशाह सूर के पुत्र सलीम शाह सूर के समय हुई थी। उस समय यहां 16 दरवाजों से शहर के सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई जाती थी। द्वितीय सुरक्षा घेरा अकबर के समय देखी… Read more »

विश्व में मोदीजी का कोई विकल्प नहीं

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मान लो की मैं मूर्ख हूँ और मुझे नहीं मालूम कि मैं मोदी जी को क्यों पसंद करता हूं। लेकिन मेरे पास कोंग्रेस , सपा ,बसपा , आप को नापसंद करने के बहुत कारण है। मुझे नहीं मालूम कि अच्छे दिन आएंगे कि नहीं, पर मोदी जी के अतरिक्त और कोई राजनेता दूर दूर तक दिखाई नहीं देता जो भारत के अच्छे दिनों के लिए तन और मन से प्रयत्न करता हो।

हाथीयुद्ध मनोरंजन का लोकप्रिय साधन तथा आगरा के हाथीघाट का इतिहास

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डा- राधेश्याम द्विवेदी हाथियों का व्ंशानुगत इतिहास :- हाथी जमीन पर रहने वाला विशाल आकार का स्तनपायी प्राणी है। आज के समय में हाथी परिवार कुल में केवल दो प्रजातियाँ जीवित हैं। एलिफस तथा लॉक्सोडॉण्टा। तीसरी प्रजाति मैमथ विलुप्त हो चुकी है। जीवित दो प्रजातियों की तीन जातियाँ पहचानी जाती हैं। लॉक्सोडॉण्टा प्रजाति की दो… Read more »

सुभाष चंद्र बोस की 121वीं जयन्ती

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डा. राधेश्याम द्विवेदी जन्म परिचय:- नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा में कटक के एक संपन्न बंगाली परिवार में हुआ था। बोस के पिता का नाम ‘जानकीनाथ बोस’ और माँ का नाम ‘प्रभावती’ था। जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वक़ील थे। प्रभावती और जानकीनाथ बोस की कुल मिलाकर 14… Read more »