लेखक परिचय

डा. राधेश्याम द्विवेदी

डा. राधेश्याम द्विवेदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में रोचक तथ्य

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परिचय:- नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितम्बर 1950 को हुआ था. मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो आजादी के बाद पैदा हुए हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उनकी कुंडली काफी हद तक बाल गंगाधर तिलक से मिलती हैं.1958 में दिवाली के दिन गुजरात में कुछ बच्चों ने बाल स्वयंसेवक की शपथ ली थी. उनमें से… Read more »

टाप जासूस ‘ब्लैक टाइगर’ के कुरबानी की कहानी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी यह एक भारतीय जासूस एवं बीर की सच्ची कहानी है जो रॉ का जासूस होकर ‘रविन्द्र कौशिक से अपना नाम बदलकर ‘नवी अहमद शाकिर’ रख लिया था और सरकार ने उसे ‘ब्लैक टाइगर’ की उपाधि से सम्मानित कर रखा था। जिसकी सूचनाओं के कारण भारत पाकिस्तान के हर कदम पर भारी पड़ता… Read more »



यमुना शुद्धीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल

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डा. राधेश्याम द्विवेदी यमुना निधि के संयोजक तथा श्री गुरु वशिष्ठ मानव सर्वांगीण विकास सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पण्डित अश्विनी कुमार मिश्र जी ने एक अनूठी पहल शुरु किया है। आगरा में विगत पचीसों साल से यह भागीरथ प्रयास को पंडित श्री मिश्रजी द्वारा किया जा रहा है। इनकी संस्था व इनका जीवन स्वच्छ… Read more »

सार्वभौमिक-समन्वित भारतीय हिन्दू संस्कृति

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दूसरों को दुख देना सबसे बड़ा अधर्म है एवं दूसरों को सुख देना सबसे बड़ा धर्म है । यही हिन्दू की भी परिभाषा है। कोई व्यक्ति किसी भी भगवान को मानते हुए एवं न मानते हुए हिन्दू बना रह सकता है। हिन्दू की परिभाषा को धर्म से अलग नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि भारत में हिन्दू की परिभाषा में सिख, बौद्ध, जैन, आर्यसमाजी व सनातनी इत्यादि आते हैं। हिन्दू की संताने यदि इनमें से कोई भी अन्य पंथ अपना भी लेती हैं तो उसमें कोई बुराई नहीं समझी जाती एवं इनमें रोटी बेटी का व्यवहार सामान्य माना जाता है।

इतिहास के आइने में 64वीं बांसी माघ मेला एव प्रर्दशनी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी इतिहास एवं विस्तार :- बांसी भारत के मानचित्र पर 27040‘ उत्तरी अक्षांस तथा 820 56‘ पश्चिमी देशान्तर पर स्थित है। यह राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है जिसके इस पार मेंहदावल व डुमरियागंज तथा उस पार विस्कोहर , चिल्हिया तथा उस्का बाजार है। नदी के तट पर ही राजा साहब का… Read more »

अमोढ़ा राज्य: इतिहास से वर्तमान तक का सफरनामा

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डा.राधेश्याम द्विवेदी प्रागैतिहासिक पौराणिक युगः-बस्ती एवं गोरखपुर का सरयूपारी क्षेत्र प्रागैतिहासिक एवं प्राचीन काल से मगध,कोशल तथा कपिलवस्तु जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरों, मयार्दा पुरूषोत्तम भगवान राम तथा भगवान बुद्ध के जन्म व कर्म स्थलों, महर्षि श्रृंगी, वशिष्ठ, कपिल, कनक, तथा क्रकुन्छन्द जैसे महान सन्त गुरूओं के आश्रमों, हिमालय के ऊॅचे-नीचे वन सम्पदाओं को समेटे… Read more »

2017 में भाजपा सरकार के एजेंडे, चुनौतियां और घोषणायें

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डा. राधेश्याम द्विवेदी कालेधन से सम्बन्धित प्रभावी फैसले :- 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा तथा 30 दिसम्बर के इसके प्रथम चरण पूरे होने के बाद लोग इस बात पर चर्चा कर रहे है कि काले धन,भ्रष्टाचार तथा आतंकवाद को मुख्य मुद्दा बनाकर मोदी सरकार आने वाले समय में और भी प्रभावी फैसले ले सकती… Read more »

बसपा और मायावतीजी के दिन चुनौती भरे

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डा. राधेश्याम द्विवेदी आज बसपा और कुमारी बहन मायावती उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित शक्शियत बन गई हैं। चार प्रमुख पार्टियों में उनका खासा स्थान है। वह प्रदेश की चार बार मुख्य मंत्री भी रह चुकी हैं। इस बार उनका वजूद सामान्य सा नही दिख रहा है। यह बहुत चुनौती भरा भी हो… Read more »

मिर्जा ग़ालिब का जीवन व आगरा की हवेली

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डा. राधेश्याम द्विवेदी जन्म व परिवार :- मिर्जा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर सन् 1796 को आगरा के काला महल में हुई थी । गालिब ने अपनी जिंदगी का लंबा वक्त आगरा शहर के बाजार सीताराम की गली कासिम जान में बनी हवेली में गुजारा है। इस हवेली को संग्रहालय का रुप दे दिया गया… Read more »

समाजवादी पार्टी में उत्तराधिकार की लड़ाई

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डा. राधेश्याम द्विवेदी मुगल साम्राज्य से प्रेरित पुरानी पीढ़ी बनाम नई पीढ़ीः-उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में जारी पारिवारिक घमासान भी मुगलों की याद दिलाता है. पार्टी में बाप से बेटे व चाचा भतीजे की बगावत और पार्टी के अंदर एक दूसरे के खिलाफ साजिश और षड्यंत्र से मुगल साम्राज्य की स्मृति ताजी हो… Read more »