लेखक परिचय

सुरेश हिन्‍दुस्‍थानी

सुरेश हिन्‍दुस्‍थानी

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

पाकिस्तान का एक और झूठ उजागर

Posted On & filed under राजनीति.

इस संदेह को दूर करने के लिए मुसलमानों को भी राष्ट्र की मुख्य धारा में आने का प्रयास करना चाहिए, जिससे समाज के अंदर व्याप्त वैमनस्य के भाव को समाप्त करने में सहयोग मिल सके।
पाकिस्तान ने जिस प्रकार से कुलभूषण को मौत की सजा सुनाई है, उससे पाकिस्तान की नीयत में खोट दिखाई देता है। भारत ने जिस प्रकार से आतंकी कसाब को सारे प्रमाण होने के बाद भी वकील उपलब्ध कराकर उसे अपने आपको निर्दोष प्रमाणित करने की खुली छूट दी थी, लेकिन पाकिस्तान ने कुलभूषण को अधिकार होने के बाद भी किसी प्रकार की कोई सुनवाई का अधिकार नहीं दिया। ऐसा केवल इसलिए ही किया होगा, क्योंकि कुलभूषण भारत का बेटा है।

सच्चाई को समझें भारतीय मुसलमान

Posted On & filed under विविधा.

सबसे बड़ा सत्य तो यह है कि भारत और पाकिस्तान में निवास करने वाले मुसलमान के पूर्वज पहले हिन्दू ही थे। अगर वे इतिहास उठाकर देखेंगे, तो उन्हें इस सच्चाई का पता चल जाएगा। वैसे भारत के कई मुसलमान आज भी इस सत्य को बेहिचक स्वीकार करने का साहस दिखाते हैं। यह भी सच है कि दुनियाभर में जितने भी मुसलमान निवास करते हैं, उनमें सबसे ज्यादा सुरक्षित भारत में ही हैं। आज कुछ मुसलमान संदेह की दृष्टि से देखे जा रहे हैं, उसके पीछे भी सबसे बड़ा कारण स्वयं मुसलमान ही हैं।



गलती कांग्रेस की, ठीकरा राज्यपाल पर

Posted On & filed under राजनीति.

भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद महात्मा गांधी ने कहा था कि देश को अब कांग्रेस की आवश्यकता नहीं है। इसलिए कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहिए। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर नजर डाली जाए तो यही परिलक्षित होता दिखाई देता है कि देश की जनता ने महात्मा गांधी की बात पर अमल करना प्रारंभ कर दिया है। क्योंकि इन पांच राज्यों में से चार राज्यों में भाजपा की सरकार बन चुकी है या बनने वाली है। वर्तमान में पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के सपने को साकार करने के लिए अपने कदम बढ़ाता हुआ दिखाई दे रहा है।

देश की जनता ने राष्ट्रवाद का किया समर्थन

Posted On & filed under राजनीति.

उत्तरप्रदेश : राजनीतिक आकाश में उड़ा केसरिया रंग सुरेश हिन्दुस्थानी पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद जहां कई दलों की होली उल्लासमय हो गई है, वहीं कई दल बेरंग होते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। अकेले उत्तरप्रदेश की बात करें तो सपा और कांगे्रस गठबंधन पूरी तरह से सत्ता में आने के लिए… Read more »

बुराई को त्यागने का प्रतीक है होली

Posted On & filed under पर्व - त्यौहार, वर्त-त्यौहार, समाज.

रंगों का पर्व होली हिन्दुओं का पवित्र त्यौहार है। यह मौज-मस्ती व मनोरंजन का त्योहार है। सभी हिंदू जन इसे बड़े ही उत्साह व सौहार्दपूर्वक मनाते हैं। यह त्योहार लोगों में प्रेम और भाईचारे की भावना उत्पन्न करता है।

अभिव्यक्ति की आजादी नहीं अलगाववादी नारे

Posted On & filed under राजनीति.

सुरेश हिन्दुस्थानी भारत में देश विरोधी गतिविधियों को जिस प्रकार से समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है, वह किसी भी प्रकार से सही नहीं कहा जा सकता है। यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमारे देश में ही राष्ट्रवाद पर सवाल खड़े किए जाते हैं, जबकि अन्य देशों में ऐसे प्रकरणों पर कठोर… Read more »

सत्ता केन्द्रित राजनीति और राष्ट्र हित

Posted On & filed under राजनीति.

सुरेश हिंदुस्थानी वर्तमान में देश में विधानसभा सीटों के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रहीं हैं। इसमें चार प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस चुनाव मैदान में दम दिखाने के लिए उतावली दिखाई दे रहे हैं। सभी राजनीतिक दल कमोवेश सत्ता… Read more »

पाक के लिए भष्मासुर बनता आतंकवाद

Posted On & filed under विविधा.

सुरेश हिन्दुस्थानी पाकिस्तान में आज जो वातावरण दिखाई दे रहा है, उसके पीछे पाकिस्तान की अपनी नीतियां जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान की सरकार आज भी स्वपोषित आतंकवादियों का विरोध करने की हिम्मत नहीं कर पा रही है। इसके कारण पाकिस्तान के अंदर कोहराम जैसे हालात निर्मित होते जा रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो… Read more »

सामाजिक भेदभाव बढ़ा रहे हैं पर्सनल कानून

Posted On & filed under समाज.

सुरेश हिंदुस्थानी भारत में सम्प्रदाय के बने लिए निजी कानूनों को लेकर हमेशा बहस होती रही है। इस बहस में हमारे देश के राजनीतिक दल भी शामिल हो जाते हैं। प्राय: कहा जाता है कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है, लेकिन यह धर्मनिरपेक्षता कहीं भी दिखाई नहीं देती। सरकार ने कुछ किया तो दूसरा… Read more »

सपा का घमासान लोकतंत्र पर प्रहार

Posted On & filed under प्रवक्ता न्यूज़.

उत्तरप्रदेश में चल रहा समाजवादी पार्टी का घमासान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर करारा प्रहार कहा जा सकता है। राजनीतिक पार्टियां लोकतांत्रिक व्यवस्था का भले ही दम भरती हों, लेकिन इस प्रणाली का राजनीतिक दलों के नेता कितना पालन करते हैं, यह कई बार देखा जा चुका है। पूरी तरह से एक ही परिवार पर केन्द्रित समाजवादी पार्टी अलोकतांत्रिक रुप से आगे बढ़ती हुई दिखाई देने लगी है। समाजवादी पार्टी की खानदानी लड़ाई के चलते पिछले कई दिनों से समाचार पत्रों व विद्युतीय प्रचार तंत्र की मुख्य खबर बनी हुई है।