भगवान परशुराम का समतामूलक एवं क्रांतिकारी समाज सुधारक कार्य

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डा.राधेश्याम द्विवेदी हमारे धर्मग्रंथ, कथावाचक ब्राह्मण और दलित राजनीति की रोटी सेकने वाले नेतागण भारत के प्राचीन पराक्रमी महानायकों की संहारपूर्ण हिंसक घटनाओं के आख्यान खूब सुनाते हैं, लेकिन उनके समाज सुधार से जुड़े क्रांतिकारी कार्यों को नजरअंदाज कर जाते हैं। विष्णु के दशावतारों में से छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम के साथ… Read more »

वैश्विक मंच पर प्राचीन भारतीय शिक्षण-पद्धति की धमक

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मनोज ज्वाला भारत को सदा-सदा के लिए अंग्रेजों का उपनिवेश बनाये रखने की कुटिल मंशा के तहत यहां के नवनिहालों पर अंग्रेजी शिक्षण-पद्धति को थोप देने वाला षड्यंत्रकारी टी०बी० मैकाले अपनी सफलता पर भले ही कभी विहंसता रहा हो , किन्तु अब वह यह जान कर भारी सदमें में है कि उसकी कुटिल बुद्धि से… Read more »

संतकवि नरसी मेहता : ईश्वर से सम्पर्क के सूत्रधार

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नरसी मेहता की जन्म जयन्ती- 19 दिसम्बर, 2016 के लिये विशेष ललित गर्ग ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन में एक बात अच्छी प्रकार से कह दी है। ‘पर दुःखे उपकार करे’ कह कर भजन में रुक गए होते, तो वैष्णव जनों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। ‘पर दुःखे उपकार करे तोए मन अभिमान… Read more »

महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक ‘खाटू श्याम’ का शीशदान कथा

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बर्बरीक एक यक्ष और महाभारत का महान योद्धा था, उनका पुनर्जन्म एक इंसान के रूप में हुआ था। वह गदाधारी भीमसेन का पोता, नाग कन्या अहिलावती और घटोत्कच का पुत्र था । बाल्यकाल से ही वह बहुत वीर और महान योद्धा था । उन्होंने युद्ध-कला अपनी माँ से सीखी। उनकी माँ ने यही सिखाया था कि हमेशा हारने वाले की तरफ से लड़ना और वह इसी सिद्धांत पर लड़ता भी रहा।

ऐसे करें भगवान् शिव जी की आराधना —-

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ऐसे करें भगवान् शिव जी की आराधना —- ।। || ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं,वन्दे जगत्कारणम् lवन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं,वन्दे पशूनां पतिम् लाल वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं,वन्दे मुकुन्दप्रियम् lवन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं,वन्दे शिवंशंकरम।।। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कुछ छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है, ये उपाय… Read more »

वसिष्ठ के ब्रहम ज्ञान व बसावट से सम्बन्धित गाथा

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हर्षि वसिष्ठ का निवास स्थान से सम्बन्धित होने के कारण बस्ती और श्रावस्ती का नामकरण उनके नाम के शब्दों को समेटते हुए पड़ा है। दोनो स्थान आज दो रूप में देखे जा सकते हैं , परन्तु प्राचीन काल में ये एक ही इकाई रहे हैं।इसी क्रम में आज वशिष्ठ के विकास यात्रा के कुछ अनछुये पहलुओं एवं कुछ प्रमुख स्थलों की कहानी का

राष्ट्र्रगान का सम्मान

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सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्र्रगान अनिवार्य कर दिया है। इस दौरान सिनेमा के पर्दे पर राष्ट्र्रध्वज की लहराती उपस्थिति भी जरूरी है। अर्थात न्यायालय के इस एक आदेशों में राष्ट्र्रगान और राष्ट्रीय झंडे का सम्मान और गरिमा अंतर्निहित हैं।

मकर संक्रान्ति पर्व के महत्व को जानकर श्रद्धापूर्वक मनायें

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मकर संक्रान्ति का पर्व प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को देश भर में मनाया जाता है। आजकल लोग पर्व तो मनाते हैं परन्तु बहुत से बन्धुओं को पर्व का महत्व व उससे जुड़ी हुई घटनाओं का ज्ञान नहीं होता।

नदियों में स्नान का धार्मिक औचीत्य और महर्षि दयानन्द

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आज एक आर्य मित्र से प्रातः गंगा स्नान की चर्चा चली तो हमने इस पर उनके साथ विचार किया और हमारे मन में जो जो विचार आये उसे अपने मित्रों से साझा करने का विचार भी आया। हमारी धर्म व संस्कृति संसार के सभी मतों व पन्थों में सबसे प्राचीन व वैज्ञानिक है। प्राचीन काल में परमात्मा ने मनुष्यों को कर्तव्यों व अकर्तव्यों का ज्ञान कराने के लिए चार आदि ऋषियों को चार वेदों का ज्ञान दिया था।

द्रोपदी के पांच नही, एक मात्र पति युधिष्ठिर

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डा. राधेश्याम द्विवेदी महाभारत ग्रंथ की मूल कथा में अनेक परिवर्तन हुए हैं. इन परिवर्तनों से आर्य-संस्कृति का रूप काफी दयनीय स्थिति को प्राप्त हुआ है. द्रौपदी के पांच पति वाली कथा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. महाभारत के आदि-पर्व में द्रौपदी के पांच पतियों का उल्लेख पाया जाता है. महाभारत की द्रौपदी तथा परवर्ती किसी… Read more »