मोदी की उपलब्धि, योग की पताका

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प्रधानमंत्री आते हैं और जाते हैं। किसी को उनके नाम भी याद नहीं रहते। 15-20 साल बाद लोग यह भी भूल जाते हैं कि भारत का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कौन कब रहा है? आगरा, दिल्ली और काबुल में कई बादशाह हुए, अब उन्हें कौन जानता है? उनका जन्म-दिन न कोई मनाता है और न ही… Read more »

कल्प-वृक्ष की कहानी : उत्तर प्रदेश के बस्ती में होने की पुष्टि

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डा. राधेश्याम द्विवेदी कल्प-वृक्ष का अर्थ पुराणानुसार स्वर्ग का एक वृक्ष जिसकी छाया में पहुँचते ही सब कामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं। लाक्षणिक अर्थ में ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की बहुत उदारतापूर्वक सहायता करता हो कल्प-वृक्ष माना जाता है। यह बहुत बड़ा दानी वृक्ष है। यह एक प्रकार का वृक्ष जो बहुत अधिक ऊँचा, घेरदार… Read more »

लखनऊ स्मार्ट सिटी के लिए चुना तो गया लेकिन क्या जनता है तैयार

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मृत्युंजय दीक्षित जब केंद्र की मोदी सरकार अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाने की तैयारी कर रही थी ,ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को फास्ट ट्रेक स्मार्ट सिटी की सूची में आने का गौरव प्राप्त हुआ है। जब से राजधानी लखनऊ का स्मार्ट सिटी के लिये चयन हो… Read more »

मानवता का नासूर! दहेज

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फौजिया रहमान खान “जो मुझे मेरी बेटियों ने सिखाया है वह यह कि आज की पीढ़ी एक अच्छे संसार की रचना के लिए किसी का इंतजार नही करेगी ये खुद आगे जा रही है” ये वाक्य है अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के जिन्होने टाइम मैगजीन मे छपे एक लेख मे अपनी बेटियों के प्रति इस… Read more »

हिंदी में उपलब्‍ध वि‍ज्ञान और तकनीकी साहि‍त्‍य और पाठ्यक्रम

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राहुल खटे प्राय: समझा जाता है कि, वि‍ज्ञान और तकनीकी की पढाई केवल अंग्रेजी में ही संभव है। ऐसी धारणा होना स्‍वाभावि‍क भी है क्‍योंकि हमारी शि‍क्षा प्रणाली में यही पढाया जाता है कि वि‍ज्ञान की पढाई केवल अंग्रेजी में ही हो सकती है। वि‍ज्ञान और हिंदी के सभी वि‍द्वान यही बताते हुए पाए जाते… Read more »

समवर्ती सूची में पानी

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एक बहस, समवर्ती सूची में पानी (भाग-1) प्यास किसी की प्रतीक्षा नहीं करती। अपने पानी के इंतजाम के लिए हमें भी किसी की प्रतीक्षा नहीं करनी है। हमें अपनी जरूरत के पानी का इंतजाम खुद करना है। देवउठनी ग्यारस का अबूझ सावा आये, तो नये जोहङ, कुण्ड और बावङियां बनाने का मुहूर्त करना है। आखा… Read more »

मानवोपयोगी धरती, जल और नदियां

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सुवर्णा सुषमेश्वरी   इस पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत धरातल पानी से  आच्छादित है , परन्तु अलवणीय जल अर्थात पीने योग्य पानी कुल जल का केवल लगभग 3 प्रतिशत ही है। दरअसल अलवणीय जल का एक बहुत छोटा भाग ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है तथा अलवणीय जल की उपलब्धता स्थान और समय के… Read more »

क्या इतना बुरा हूँ में माँ,तो………

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परीक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं का समय चल रहा है और हमारे बच्चों द्वारा आत्महत्याएं समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बनी हुई हैं। पूरे देश में हमारे बच्चे परीक्षा दे रहे हैं या दे चुके हैं और इस दौरान बच्चों से ज्यादा मनोवैज्ञानिक दबाव में माता पिता रहते हैं जिसे वह जाने अनजाने अपने बच्चों के भीतर स्थानांतरित… Read more »

विश्व रेडक्रॉस दिवस

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डा. राधेश्याम द्विवेदी रेड क्रॉस क्या है:- रेड क्रॉस के किसी भी देश में एक आपातकालीन प्रतिक्रिया संगठन है। यह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के शिकार के लिए मानवीय सहायता प्रदान करता है। यह रक्त – जीवन का उपहार एकत्र करता है और यह जरूरतमंदों के लिए देता है। रेडक्रॉस एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी… Read more »

मूलतः पाकिस्तान की परिकल्पना थी – भगवा आतंकवाद – सन्डे गार्जियन

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विगत रविवार को द संडे गार्जियन में श्री माधव नालपत का एक आलेख प्रकाशित हुआ है ! इस आलेख में काल्पनिक भगवा आतंक को पाक प्रायोजित बताया गया है, जिसमें भारतीय सिक्यूलर राजनेता भी जाने अनजाने सहयोगी बन गए ! लेख के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में कार्यरत उसके आतंकी संगठनों पर… Read more »