भाषा-विज्ञान में साम्राज्यवादी षड्यंत्रों से सावधान !

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मनोज ज्वाला यूरोप के रंग-भेदकारी औपनिवेशिक साम्राज्यवादियों ने सम्पूर्ण विश्व, विशेष कर भारत पर अपना दबदबा कायम रखने और जबरिया उसका औचित्य सिद्ध करने तथा स्वयं को सर्वोपरी स्थापित करने के लिए एक ओर उपनिवेशित देशों की ऐतिहासिक सच्चाइयों व सांस्कृतिक विरासतों एवं सामाजिक संरचनाओं को तदनुरुप तोड-मरोड कर विकृत कर दिया , वहीं दूसरी… Read more »

नमामि गंगे की रुकावटें, कुछ कम नहीं हैं

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी मोदी सरकार ने अपने बहुप्रतिक्षि‍त नमामि गंगे के पहले चरण का जयघोष कर दिया है। यह जिस अंदाज में देश के सात राज्यों में 104 स्थानों पर एक साथ 231 परियोजनाओं के शुभारंभ से जो शुरू हुआ है। जमीन पर उनका समय पर पूरा होना तथा इससे गंगा को उसके शुद्ध रूप… Read more »

बांग्लादेशी घुसपैठ ने बदला पश्चिम बंगाल का जनसंख्या चरित्र

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राजेन्द्र चड्डा आज देश में मुख्य राजनीतिक धारा में अपवाद स्वरूप ही एकआध को छोड़कर शायद कोई राजनीतिक दल भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर बांग्लादेश से लगातार हो रही मुसलमानों की अवैध आवाजाही और घुसपैठ से इंकार करेगा। जबकि दूसरी ओर, धार्मिक समुदायों की जनसंख्या के जनगणना 2011 के आंकड़े दूसरी ही… Read more »

शिवराज जी, मध्यप्रदेश पुलिस में बढ़ते गुण्डाराज को रोकिए

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी मध्यप्रदेश पुलिस की छवि वैसे तो सहयोगात्मक है, यदि अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की तुलना की जाए तो भी राज्य की पुलिस का ओहदा खासकर जनता जनार्दन को दिए जाने वाले अपने सहयोग के मामले में अव्वल ही प्रतीत होता है। किंतु जिस तरह से पिछले कुछ महीनों… Read more »

सपनों की मायावी दुनिया का सच

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 ललित गर्ग  स्वप्न का हमारे जीवन के साथ गहरा तादात्म्य है। स्वप्न क्यों आते हैं, उनका वास्तविक जीवन से क्या संबंध है, क्या स्वप्न सच के प्रतिबिम्ब होते हैं, क्या स्वप्न जीवन को प्रभावित करते हैं- ऐसे अनेक प्रश्न है जो बंद पलकों के पीछे की इस रोमांचक दुनिया से जुडे़ है। इस… Read more »

दुनिया में आतंकी दहशत?

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पूरी दुनिया पर आतंकी साया बढ़ता जा रहा है। कोई भी आतंकी संगठन हो आज के इस दौर में अपने आतंक का नंगा नाच दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। इस पूरी दुनिया में लागातार बढ़ते आतंकी हमलों से हर एक इंशान दहशत में जी रहा है। आतंकियों की बढ़ती तादात से दुनिया… Read more »

मोदी की उपलब्धि, योग की पताका

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प्रधानमंत्री आते हैं और जाते हैं। किसी को उनके नाम भी याद नहीं रहते। 15-20 साल बाद लोग यह भी भूल जाते हैं कि भारत का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कौन कब रहा है? आगरा, दिल्ली और काबुल में कई बादशाह हुए, अब उन्हें कौन जानता है? उनका जन्म-दिन न कोई मनाता है और न ही… Read more »

कल्प-वृक्ष की कहानी : उत्तर प्रदेश के बस्ती में होने की पुष्टि

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डा. राधेश्याम द्विवेदी कल्प-वृक्ष का अर्थ पुराणानुसार स्वर्ग का एक वृक्ष जिसकी छाया में पहुँचते ही सब कामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं। लाक्षणिक अर्थ में ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की बहुत उदारतापूर्वक सहायता करता हो कल्प-वृक्ष माना जाता है। यह बहुत बड़ा दानी वृक्ष है। यह एक प्रकार का वृक्ष जो बहुत अधिक ऊँचा, घेरदार… Read more »

लखनऊ स्मार्ट सिटी के लिए चुना तो गया लेकिन क्या जनता है तैयार

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मृत्युंजय दीक्षित जब केंद्र की मोदी सरकार अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाने की तैयारी कर रही थी ,ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को फास्ट ट्रेक स्मार्ट सिटी की सूची में आने का गौरव प्राप्त हुआ है। जब से राजधानी लखनऊ का स्मार्ट सिटी के लिये चयन हो… Read more »

मानवता का नासूर! दहेज

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फौजिया रहमान खान “जो मुझे मेरी बेटियों ने सिखाया है वह यह कि आज की पीढ़ी एक अच्छे संसार की रचना के लिए किसी का इंतजार नही करेगी ये खुद आगे जा रही है” ये वाक्य है अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के जिन्होने टाइम मैगजीन मे छपे एक लेख मे अपनी बेटियों के प्रति इस… Read more »