‘पशुधन’ नहीं, ‘धनपशु’ हैं आवारा

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अर्पण जैन ‘अविचल’ शहर में ट्राफ़िक सिग्नल के सामने, अस्पताल में लगे नीम के पेड़ के नीचे, रास्ते के किनारे, कचहरी के खुले बरामदे में, चौराहों के बीचों-बीच, हाँफती रेलवे लाइन पर नेरोगेज रेल के सहारे खड़ा, कभी पोलिथीन तो कभी कूड़ा करकट ख़ाता, कभी शहरी सभ्यता के बीच आ जाता,कभी कुछ ज़हरीला खा लेने… Read more »

सफल जीवन के लिये विश्वास से भरा मन जरूरी

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ललित गर्ग- हम जीवन खुशनुमा तभी बना सकते हैं जब हमारा जिन्दगी के प्रति सकारात्मक नजरिया होता है। हर व्यक्ति की यह स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि वह अपने जीवन में सफलता की उच्चतम ऊंचाइयों को छूना चाहता है। उसकी यह नैसर्गिक आकांक्षा होती है कि उसे मनचाही वस्तु मिले, मनचाहा पद मिले, मनचाहा जीवन साथी… Read more »

रियो ओलंपिक से मिलते सबक

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी दुनिया का सबसे बड़ा खेल मेला समाप्‍त हो गया और इसी के साथ हमारी वह सभी उम्‍मीदें भी कि एक कास्‍य, एक सिल्‍वर पदक के बाद कोई और अब गोल्‍ड भी दिला सकता है समाप्‍त हो गईं। यदि इस खेल मेले की पूरी सूची देखें तो भारत बहुत नीचे कहीं नजर आता… Read more »

मनुष्य शरीर ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी

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मनुष्य शरीर मल-मूत्र बनाने की मशीन सहित  ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी -मनमोहन कुमार आर्य वास्तविक दृष्टि से देखा जाय तो शरीर मल-मूत्र बनाने की एक मशीन ही है। इसको उत्तम-से-उत्तम भोजन या भगवान् का प्रसाद खिला दो तो वह मल बनकर निकल जायगा तथा उत्तम-से-उत्तम पेय या गंगाजल पिला दो तो वह… Read more »

सावधान ! शायद आप सेल्फीटिस की चपेट में हैं ?

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स्व-जागृति : बीती सदियों में जब इंसान सार्थक ज्ञान के सन्निकट पहुँच जाता था तो वह संसारिक झंझावातों से दूर हटकर स्वयं में लीन हो जाता था । जिसे सनातन धर्म में समाधि, जैन धर्म में कैवल्य और बौद्ध धर्म में निर्वाण कहा जाता है । मुख्यतः यह योग का अन्तिम पड़ाव होता है जिसमें… Read more »

कहां गये वो लोग ?

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राकेश कुमार आर्य देश अपने 70वें स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंग गया है। सचमुच यह पावन पर्व हमें अपने स्वतंत्रता सैनानियों और अमर बलिदानियों के उद्यम और पुरूषार्थ का स्मरण कराकर अपने देश के प्रति समर्पित भाव से जीने के लिए प्रेरित करता है। भारत की संस्कृति की महानता का राज ही यह है… Read more »

हाईटेक शहरों में बारिश का कहर

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प्रमोद भार्गव गुरूग्राम बनाम गुड़गावं समेत देश के दिल्ली-मुबंई बैंगलुरु और हैदराबाद जैसे हाईटेक शहर बारिश की चपेट में हैं। आफत की बारिश के चलते डूब में आने वाले इन शहरों ने संकेत दिया है कि तकनीकि रूप से स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शहरों में वर्षा जल के निकासी का समुचित ढांचा खड़ा करने… Read more »

स्वयं के ही अविष्कारों से अभिशप्त हुए दुनिया के कुछ विरले वैज्ञानिक

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डॉ. शुभ्रता मिश्रा सदियों से वैज्ञानिक अपने अद्भुत चमत्कारी अविष्कारों के माध्यम से विश्व समाज को विज्ञान के अद्भुत वरदान प्रदान करते आ रहे हैं। वर्तमान में जीवनशैली में आईं सुविधाओं और सम्पन्नताओं के पीछे प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप से इन महान वैज्ञानिकों की खोजें ही हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम उन… Read more »

प्राचीन कश्मीर का अनसुना इतिहास

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डा. राधेश्याम द्विवेदी हम आपको एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई बताने जा रहे है। जो देश के 99% से ज्यादा लोगो को पता नहीं है। आप सभी ने सुना होगा कश्मीरी पंडितो के बारे में। हम सभी ने सुना है की हा कुछ तो हुआ था कश्मीरी पंडितो के साथ। लेकिन क्या हुआ था क्यों हुआ… Read more »

नौजवान देखें नये समाज निर्माण का स्वप्न?

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ललित गर्ग सारी दुनिया प्रतिवर्ष 12 अगस्त को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाती है। सन् 2000 में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन आरम्भ किया गया था। यह दिवस मनाने का मतलब है कि पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। न केवल सरकारें बल्कि आम-जनजीवन में भी युवकोें की… Read more »