हाईटेक शहरों में बारिश का कहर

Posted On by & filed under जन-जागरण, पर्यावरण, विविधा

प्रमोद भार्गव गुरूग्राम बनाम गुड़गावं समेत देश के दिल्ली-मुबंई बैंगलुरु और हैदराबाद जैसे हाईटेक शहर बारिश की चपेट में हैं। आफत की बारिश के चलते डूब में आने वाले इन शहरों ने संकेत दिया है कि तकनीकि रूप से स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शहरों में वर्षा जल के निकासी का समुचित ढांचा खड़ा करने… Read more »

स्वयं के ही अविष्कारों से अभिशप्त हुए दुनिया के कुछ विरले वैज्ञानिक

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा

डॉ. शुभ्रता मिश्रा सदियों से वैज्ञानिक अपने अद्भुत चमत्कारी अविष्कारों के माध्यम से विश्व समाज को विज्ञान के अद्भुत वरदान प्रदान करते आ रहे हैं। वर्तमान में जीवनशैली में आईं सुविधाओं और सम्पन्नताओं के पीछे प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप से इन महान वैज्ञानिकों की खोजें ही हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम उन… Read more »

प्राचीन कश्मीर का अनसुना इतिहास

Posted On by & filed under जन-जागरण, महत्वपूर्ण लेख, विविधा, साहित्‍य

डा. राधेश्याम द्विवेदी हम आपको एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई बताने जा रहे है। जो देश के 99% से ज्यादा लोगो को पता नहीं है। आप सभी ने सुना होगा कश्मीरी पंडितो के बारे में। हम सभी ने सुना है की हा कुछ तो हुआ था कश्मीरी पंडितो के साथ। लेकिन क्या हुआ था क्यों हुआ… Read more »

नौजवान देखें नये समाज निर्माण का स्वप्न?

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा

ललित गर्ग सारी दुनिया प्रतिवर्ष 12 अगस्त को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाती है। सन् 2000 में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन आरम्भ किया गया था। यह दिवस मनाने का मतलब है कि पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। न केवल सरकारें बल्कि आम-जनजीवन में भी युवकोें की… Read more »

इंटरव्यू आसान बनाने के कुछ नुस्खे

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा

जब आप साक्षात्कार/इंटरव्यू के लिए जाते हो तो आपका व्यक्तित्व, निर्णय के ऊपर जरूर प्रभाव डालता हैं। हो सकता हैं किसी के बारे में इसका प्रभाव नगण्य हो या फिर किसी का चुनाव सिर्फ उसके व्यक्तित्व की वजह से हो जाए। आप खुद को कैसे प्रस्तुत करते हो उसके ऊपर सारा खेल निर्भर करता हैं।… Read more »

आइये, पानी से रिश्ता बनायें

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा

नदियों को जोङने, तोङने, मोङने अथवा बांधने का काम बंद करो। रिवर.सीवर को मत मिलने दो। ताजा पानी, नदी में बहने दो। उपयोग किया शोधित जल, नहरों में बहाओ। जल बजट को जल निकासी में कम, वर्षा जल संचयन में ज्यादा लगाओ। नहर नहीं, ताल, पाइन, कूळम आदि को प्राथमिकता पर लाओ। ‘फाॅरेस्ट रिजर्व’ की… Read more »

हमारी भारतीय संस्कृति खुद उन्नति साधक एवं चरित्र निर्णायक

Posted On by & filed under कला-संस्कृति, जन-जागरण, मीडिया

खुला खत देशवासियों के नाम एक ऐसा खुला खत, जो प्रत्येक भारतीय को अपनी भारतीयता से रूबरू कराकर गौरवान्वित कर देगा और साथ ही साथ गर्त की ओर बढ़ रहे कदम पर भी विराम लगाने को मजबूर कर देगा । मेरे प्रिय देशवासियों, हम सबको पता है कि हममें से अधिकतर लोग या तो पाश्चात्य… Read more »

यज्ञोपवीत संस्कार

Posted On by & filed under कला-संस्कृति, जन-जागरण, धर्म-अध्यात्म

डा. राधेश्याम द्विवेदी बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है। जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के… Read more »

डॉक्टरों की योग्यता पर उठते सवाल?

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा, स्‍वास्‍थ्‍य-योग

एलोपैथिक डॉक्टरों की योग्यता पर अब सवालिया निशान उठने शुरू गय हैं और क्यों न हो जो एलोपैथिक आंकड़े उनकी योग्यता पर सामने आये हैं वो रोमटे खड़े करने वाले हैं। भारत में डॉक्टरों के मामले अकसर सामने आते रहते हैं लकिन जो आंकड़ों से अब हम रूबरू होने जा रहे हैं वो एक दम… Read more »

योग विषयक सर्वजनहितकरी सत्य व यथार्थ मान्यताएं’

Posted On by & filed under जन-जागरण, विविधा

योगऋषि स्वामी रामदेव जी की योग विषयक सर्वजनहितकरी सत्य व यथार्थ मान्यताएं’ मनमोहन कुमार आर्य योगदर्शन वेदों के 6 उपांगों में से एक है। आर्यसमाज के विद्वान संन्यासी स्वामी वेदानन्द तीर्थ जी ने ‘योगोपनिषद्’ नामक एक लघु ग्रन्थ लिखा था जो वेदों के कुछ मन्त्रों का संकलन व वेद में योग विषयक किसी एक सूक्त… Read more »