हमारी भारतीय संस्कृति खुद उन्नति साधक एवं चरित्र निर्णायक

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खुला खत देशवासियों के नाम एक ऐसा खुला खत, जो प्रत्येक भारतीय को अपनी भारतीयता से रूबरू कराकर गौरवान्वित कर देगा और साथ ही साथ गर्त की ओर बढ़ रहे कदम पर भी विराम लगाने को मजबूर कर देगा । मेरे प्रिय देशवासियों, हम सबको पता है कि हममें से अधिकतर लोग या तो पाश्चात्य… Read more »

यज्ञोपवीत संस्कार

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डा. राधेश्याम द्विवेदी बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है। जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के… Read more »

डॉक्टरों की योग्यता पर उठते सवाल?

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एलोपैथिक डॉक्टरों की योग्यता पर अब सवालिया निशान उठने शुरू गय हैं और क्यों न हो जो एलोपैथिक आंकड़े उनकी योग्यता पर सामने आये हैं वो रोमटे खड़े करने वाले हैं। भारत में डॉक्टरों के मामले अकसर सामने आते रहते हैं लकिन जो आंकड़ों से अब हम रूबरू होने जा रहे हैं वो एक दम… Read more »

योग विषयक सर्वजनहितकरी सत्य व यथार्थ मान्यताएं’

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योगऋषि स्वामी रामदेव जी की योग विषयक सर्वजनहितकरी सत्य व यथार्थ मान्यताएं’ मनमोहन कुमार आर्य योगदर्शन वेदों के 6 उपांगों में से एक है। आर्यसमाज के विद्वान संन्यासी स्वामी वेदानन्द तीर्थ जी ने ‘योगोपनिषद्’ नामक एक लघु ग्रन्थ लिखा था जो वेदों के कुछ मन्त्रों का संकलन व वेद में योग विषयक किसी एक सूक्त… Read more »

भाषा-विज्ञान में साम्राज्यवादी षड्यंत्रों से सावधान !

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मनोज ज्वाला यूरोप के रंग-भेदकारी औपनिवेशिक साम्राज्यवादियों ने सम्पूर्ण विश्व, विशेष कर भारत पर अपना दबदबा कायम रखने और जबरिया उसका औचित्य सिद्ध करने तथा स्वयं को सर्वोपरी स्थापित करने के लिए एक ओर उपनिवेशित देशों की ऐतिहासिक सच्चाइयों व सांस्कृतिक विरासतों एवं सामाजिक संरचनाओं को तदनुरुप तोड-मरोड कर विकृत कर दिया , वहीं दूसरी… Read more »

नमामि गंगे की रुकावटें, कुछ कम नहीं हैं

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी मोदी सरकार ने अपने बहुप्रतिक्षि‍त नमामि गंगे के पहले चरण का जयघोष कर दिया है। यह जिस अंदाज में देश के सात राज्यों में 104 स्थानों पर एक साथ 231 परियोजनाओं के शुभारंभ से जो शुरू हुआ है। जमीन पर उनका समय पर पूरा होना तथा इससे गंगा को उसके शुद्ध रूप… Read more »

बांग्लादेशी घुसपैठ ने बदला पश्चिम बंगाल का जनसंख्या चरित्र

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राजेन्द्र चड्डा आज देश में मुख्य राजनीतिक धारा में अपवाद स्वरूप ही एकआध को छोड़कर शायद कोई राजनीतिक दल भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर बांग्लादेश से लगातार हो रही मुसलमानों की अवैध आवाजाही और घुसपैठ से इंकार करेगा। जबकि दूसरी ओर, धार्मिक समुदायों की जनसंख्या के जनगणना 2011 के आंकड़े दूसरी ही… Read more »

शिवराज जी, मध्यप्रदेश पुलिस में बढ़ते गुण्डाराज को रोकिए

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी मध्यप्रदेश पुलिस की छवि वैसे तो सहयोगात्मक है, यदि अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की तुलना की जाए तो भी राज्य की पुलिस का ओहदा खासकर जनता जनार्दन को दिए जाने वाले अपने सहयोग के मामले में अव्वल ही प्रतीत होता है। किंतु जिस तरह से पिछले कुछ महीनों… Read more »

सपनों की मायावी दुनिया का सच

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 ललित गर्ग  स्वप्न का हमारे जीवन के साथ गहरा तादात्म्य है। स्वप्न क्यों आते हैं, उनका वास्तविक जीवन से क्या संबंध है, क्या स्वप्न सच के प्रतिबिम्ब होते हैं, क्या स्वप्न जीवन को प्रभावित करते हैं- ऐसे अनेक प्रश्न है जो बंद पलकों के पीछे की इस रोमांचक दुनिया से जुडे़ है। इस… Read more »

दुनिया में आतंकी दहशत?

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पूरी दुनिया पर आतंकी साया बढ़ता जा रहा है। कोई भी आतंकी संगठन हो आज के इस दौर में अपने आतंक का नंगा नाच दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। इस पूरी दुनिया में लागातार बढ़ते आतंकी हमलों से हर एक इंशान दहशत में जी रहा है। आतंकियों की बढ़ती तादात से दुनिया… Read more »