वीरभान सिंह
नारों से होता था पार्टियों का प्रचार बदलते दौर में हवा हो गए चुनावी नारे
भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां के लोकतंत्र में लोक अर्थात लोगों की अहमियत हो ना हो, मगर उनके वोट की अहमियत बहुत ज्यादा है। वोट हासिल करने के लिए देश के नेता साम, दाम, ...
अब्दुल रशीद
सपने देखना अच्छी बात है लेकिन सपनों के लिए गहरी नींद चाहिये। नींद तब आती है जब पेट भरा हो खाली पेट किसी को नींद नहीं आती। गरीबी से बड़ी न तो कोई गाली है,भूख से बड़ी न तो कोई लाचारी है और भ्रष्टाचार से बड़ी न तो कोई ...
गौतम चौधरी
हिन्दी के दैनिक अखबार में गुजरात के यशस्वी मुख्यमंत्री नरेन्द्रभाई दामोदरभाई मोदी से संबघित एक खबर पढी। इस बार गुजरात कांग्रेस ने मोदी के बारे में प्रशंसा का विज्ञापन छपवाया है। खबर का कुल लब्बोलुआब, अखबार के खबरची यह साबित करने पर तुले हैं कि प्रशंसा वाला यह विज्ञपन ...
सिद्धार्थ शंकर गौतम
एक बार फिर राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक अवनति का कारण संघ का साम्प्रदायिक रवैया ही है| उत्तरप्रदेश चुनाव में येन-केन प्रकरेण सत्ता पर काबिज होने की चाह में "युवराज" अब अपनी हदें पार ...
तनवीर जाफरी
गांधीवाद के सिद्धांतों पर चलते हुए जिस प्रकार अन्ना हज़ारे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में नई दिल्ली के जंतरमंतर व रामलीला मैदान पर आमरण अनशन किया तथा उनके इस गांधीवादी कदम से अपने कदम मिलाते हुए देश के कोने-कोने में लाखों लोगों ने जोकि ...
पिछले सप्ताह मैं नरेन्द्र मोदी के साथ चेन्नई में तमिल पत्रिका ‘तुगलक‘ के वार्षिक कार्यक्रम में भाग लेने गया था। क्या था! कुछ अन्य ही पत्रकार शायद इतने लोग जुटा सकते हैं। यदि चेन्नई में ‘तुगलक‘ घर-घर में जाना जाने वाला नाम है। तो चो रामास्वामी देशभर के बुध्दिजीवियों में ...
डॉ0 आशीष वशिष्ठ
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, ऊर्जावान नेता और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश जिस तेजी से राजनीतिक गगन में उभरे हैं, वो किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि राजनीति उनकी रगों में दौड़ती है और राजनीति का ककहरा उन्होंने पालने में ही पढ़ लिया ...
गौतम चौधरी
इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली शिरोमणी अकाली दल नीत गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। जहां एक ओर अकाली गठबंधन निवर्तमान सरकार का नेतृत्व कर रही थी वही कांग्रेस पहले सरकार का नेतृत्व कर चुकी है। पंजाब में जिस ...
निर्मल रानी
अगले महीने देश के 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तिथि ज्यों-ज्यों करीब आती जा रही है,राजनैतिक दल वैसे-वैसे अपने चुनाव प्रचार को और तेज़ करते जा रहे हैं। जहां राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियां अपने दल के पक्ष में तमाम स्टार प्रचारको को अपने प्रत्याशियों के समर्थन में ...
डॉ. शशि तिवारी
लोक का स्थान स्वयं ने ले लिया और तंत्र का स्थान परिवादवाद ने, बची-कुची कसर जातिवाद के तंत्र ने कर दी। बढ़ते लम्पट तंत्र एवं गिरते राजनीतिक तंत्र से कहीं न कहीं नुकसान गणतंत्र को अवश्य ही हुआ है। गुलाम भारत को स्वतंत्र कराने में जिन नेताओं ने ...
अब्दुल रशीद
उत्तर प्रदेश के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की खामोशी सबको आश्चर्यचकित कर रही है क्योंकि न कहीं प्रचार दिख रहा है और न ही कहीं राजनैतिक बयानबाज़ी। कुछ लोग भले ही इसे पार्टी का अतिआत्मविश्वास कहे या फिर चुनाव परिणाम आने से पहले हार मान लेना कहे। लेकिन हकीक़त ...
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह धीरे-धीरे ही सही मगर हाशिये पर धकेले जा रहे हैं| तीन वर्ष पूर्व दिग्विजय सिंह ने एकदम से पाला बदलते हुए जिस सेक्युलर राजनीति की शुरुआत की थी, उससे कांग्रेस को भले ही कोई लाभ न हुआ हो मगर दिग्विजय ...
सिद्धार्थ शंकर गौतम
राहुल गाँधी के लिए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल बन गए हैं जहां उन्हें हर कीमत पर जीतना ही होगा वरना उनकी राजनीति पर प्रश्नचिन्ह लगना तय है| गाँधी-नेहरु परिवार का वारिस होने के चलते शायद वे सत्ता के शीर्ष तक भी पहुँच जायेंगे मगर इतिहास उन्हें ...
गौतम चौधरी
लाल कुत्ता
जो भौंकता है, काटने के लिए दौड़ता,
बडा खतरनाक है।
मैंने भी मान लिया।
कुत्ता कुछ अलग किस्म का है।
इसकी रगों में माओ और लेनिन दोनों के खून बह रह है।
यह अपने देष का नहीं,
विदेशी नस्ल का है,
क्योंकि इसके पुंछ कट हुए हैं।
ऐसे ही कुछ कुत्तों को शहर में लाया गया।
कुछ ...
अंततः जैसा अपेक्षित था, आगामी माह में होने चुनावों के प्रपंच अपनी चरम सीमा पर पहुंचने लगे हैं, और इन सभी प्रपंचो का एक मात्र लक्ष्य सत्ता पर पहुंचना है. जो भारतीय समाज के लिये अनावश्यक और अवांछनीय है, क्योंकि सत्ता पर कोई भी पहुंचे उसका आचरण बदलने की संभावना ...
प्रमोद भार्गव
चुनाव आयोग का हाथी और मायावती की मूर्तियों पर पर्दा डालने का फरमान विवेक और औचित्य से परे है। यह संयोग मात्र है कि हाथी बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिन्ह है, लेकिन ऐसा नहीं है कि देश का मतदाता हाथी की छवि को सिर्फ इसलिए जानता है कि ...
डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
उत्तर प्रदेश में पाँच वर्षों पहले भ्रष्टाचार और भय सबसे बड़े मुद्दे हुआ करते थे। आज भी प्रदेश की राजनीति में वही है। इन मुद्दों पर विफलता के कारण सपा को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था। इनसे निपटने के लिए बसपा पर 'सर्वजन' ने विश्वास किया। कांग्रेस ...
पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा उत्तरप्रदेश में शेष अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक दांव पर लगी है| कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में अपनी खोई प्रतिष्ठा को प्राप्त करने की जद्दोजहद में लगी हैं तो अन्य क्षेत्रीय दल अपना ...
डॉ. आशीष वशिष्ठ
कांग्रेस युवराज राहुल गांधी के लिए यूपी विधानसभा चुनाव नाक का सवाल बन गए हैं। मिशन 2012 के लिए राहुल पिछले विधानसभा चुनावों के बाद से ही पसीना बहा रहे हैं, लेकिन मौजूदा जमीनी हालात जो तस्वीर पेश कर रही है, उसने राहुल और उनकी टीम की रातों ...
निर्मल रानी
गुज़रे वर्ष देश में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर अब तक की सबसे बड़ी मुहिम छिड़ी देखी गई। अन्ना हज़ारे तथा बाबा रामदेव ने अपने-अपने तरीक़े से छेड़ी गई इस भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के माध्यम से बार-बार यह बात साबित करने की कोशिश की कि पूरा देश उनकी इस ...