लेखक परिचय

डॉ. मधुसूदन

डॉ. मधुसूदन

मधुसूदनजी तकनीकी (Engineering) में एम.एस. तथा पी.एच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त् की है, भारतीय अमेरिकी शोधकर्ता के रूप में मशहूर है, हिन्दी के प्रखर पुरस्कर्ता: संस्कृत, हिन्दी, मराठी, गुजराती के अभ्यासी, अनेक संस्थाओं से जुडे हुए। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (अमरिका) आजीवन सदस्य हैं; वर्तमान में अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्‍था UNIVERSITY OF MASSACHUSETTS (युनिवर्सीटी ऑफ मॅसाच्युसेटस, निर्माण अभियांत्रिकी), में प्रोफेसर हैं।

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डॉ. मधुसूदन

वैसे क-ग उच्चारण और ड द त का भी ऐसे ही बदला जाता है।

(७)MEDIUM: चौथा लेते है माध्यम जैसे प्रचार माध्यम –यही माध्यम अंग्रेज़ी में Medium( मिडीयम) बना हुआ है। इस मिडियम का बहुवचन मिडीया है। तो आज कल बहु चर्चित बिका हुआ मिडीया मिडीया हम करते रहते हैं। उसके बदले हमारा शुद्ध माध्यम शब्द का प्रयोग किया जा सकता है।

एक और विशेष बात ध्यान में आयी है। कुछ अंग्रेज़ी के शब्दों को ध्वन्यानुसारी रीति से पढ़कर देखिए तो आपको उसके मूल जानने में सरलता होगी। एकाध उदाहरण से यह बिंदू विषद करता हूं।

(८) CENTRE: शब्द है Center (सेंटर) इसका इंग्लिश स्पेल्लिंग Centre होता है। अब C को स और क भी पढा जा सकता है। जब हम उसका क उच्चार करते हुए बोलेंगे, तो Centre को केंट्र ही पढे़ंगे। अब सोचिए कि यह केंट्र हमारे केंद्र के निकट है या नहीं।

(९) बीच की कडियों को अनुमानित करते हुए, एक सरल सूचि प्रस्तुत करता हूं। समझने में, आप को, कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

चरित्र –> चारित्र्य –> चॅरेक्टर–> कॅरेक्टर–> Character, दंत —> डंट–> डेंट–>Dent —>Dentist, अस्थि से —> एस्टि –>Asteopath, एक –>(एकसा के अर्थ में ) —> Equal,

दौग्धार: (दूध दोहन करने वाली अर्थमें, कन्या ) –> डौग्ढर –> Daughter, मातृ–> मातर—>Mother, भ्रातृ—> भ्रातर—>Brother, विधवा—विडवा–>Widow, विधुर–>विडोर–> Widower. सुनू: —>Son, स्तभ—स्टप–>Stop, स्तब्ध —>Stopped, पथ—>Path, सुइ—> सुइंग–सोइंग–SowIng, हंत (जैसे अरिहंत)–> हंट–>Hunt, और, Hunter (शिकारी)

अक्ष–> अक्स–> Axis, अंश (एक १६ वा भाग ) –औंस –>Ounce.

और व्याकरण के आधार पर शब्द सूचि है। जो आगे कभी बताने का प्रयास करूंगा।

टिप्पणियों के लिए सभी का मनः पूर्वक आभार मानता हूं।

अगले ८-१० दिन प्रवास पर रहूंगा, प्रश्न-या टिप्पणी का उत्तर एक सप्ताह बाद दे सकूंगा।

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7 Comments on "हिंदी-संस्कृत-अंग्रेज़ी स्रोत"

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Dr. Dhanakar Thakur
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प्रस्तुति अच्छी है. हिमवंत का कतः की “खास कर भारतीय भाषाओ की बात करे तो भोजपुरी, अवधि, मैथिली, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, राजस्थानी, गढवाली आदि भाषा के अधिकांश शब्द एक जैसे है।” क्योंकि संस्कृत सबों के मूल में है – या कहें संस्कृत कभी उनसे ही बना था जिसका प्रभाव उन पर पड़ता रहा है – पर “उन सब के अंग ले कर हिन्दी बनी है” कथन गलत है । हिन्दी नहीं संस्कृत इस एकात्मकता यात्रा की गति को तीव्र कर सकटी है ।

कुन्दन पाण्डेय
Guest

शानदार प्रस्तुति, सहज समझ के दुर्लभ तर्क

abhishek upadhyay
Guest

सदर चरण स्पर्श ,
अदभुत , दुर्लभ लेखन….

डॉ. मधुसूदन
Guest

हिमवंत जी, वर्णिका जी, और अभिषेक जी, –आपकी टिपण्णीयोnसे प्रभावित एवं उत्साहित अनुभव कर रहा हूँ| सभीका ह्रदय तलसे धन्यवाद|

प्रवक्ता के पुराने निम्न संदर्भित लेख देख लें. —यह बिनती और आगे कुछ और प्रतीक्षा की बिनती करें|
अभी प्रवास पर हूँ| संक्षेप में आपकी सेवा में —लिखता हूँ|
प्रवक्ता पर ही प्रकाशित —–
(१) ‘प्रवक्ता, प्रावदा, और प्रॉवोक’- संस्कृत स्रोत
(२)हिंदी का भाषा वैभव (विशेष यह है)
(३) सपताम्बर, अश्ताम्बर नवंबर दशअम्बर भी पढ़ ले|
(४) इसी लेखका पहला भाग [ १ से ६ क्रम वाला} –भ्रष्ट हो गया है| फिरसे घर पहुंचकर भेजूंगा|
पढ़ने की बिनती|
आगे भी लेखों की प्रतीक्षा के लिए बिनती|

अभिषेक पुरोहित
Guest

कुछ एक shabd mujhe jaise
matar-मदर-मदर
पंथ-पाथ{इंग्लिस शब्द}-पथ{hindi शब्द}
संत-सैंट{इंग्लिस शब्द}
बहुत सुन्दर लेख है,मेने kahi par padha है ki ise बहुत se शब्द है जिन्हें संस्कृत से शीधे ही इंग्लिश में लिया है ,में उस किताब का नाम भूल रहा पर ये कुछ एक शब्द मुझे yaad है

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