लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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    मिलन  सिन्हा

old man

पहले खुद  पर ऊँगली उठा सको तो जानें

पहले गैर के आंसू पोंछ सको तो जानें .

 

जानना समझना तो अभी बहुत कुछ है यहाँ

कितने अज्ञानी है हम, पहले यही जान सको तो जानें .

 

भाई – भाई में झगड़ा, बाप-बेटे में मतान्तर

रिश्तों  की  बुनियाद अब क्या है बता सको तो जानें .

 

जिसे देखो वही पैसे  के पीछे भाग रहा है

पैसा में ऐसा क्या है  समझा  सको तो जानें .

 

आँख  होते हुए भी बहुत लोग अंधे हैं यहाँ

इन आंखवालों को नजर दे  सको तो जानें .

 

गोदाम भरे पड़े हैं, पर गरीब भूखा है यहाँ

इन गरीबों  के लिए कुछ कर  सको तो जानें .

 

सुनता हूँ गरीबी, बेकारी, बेबसी अब नहीं रहेगी यहाँ

हरियाली,खुशहाली से मिलन कब होगा बता सको तो जानें .

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