एक अचम्भा मैंने देखा- माडर्न इण्डिया में प्राचीन भारतीय शिक्षा !

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मनोज ज्वाला अपने देश के गीने-चुने अत्याधुनिक शहरों में शुमार अहमदाबाद में पिछले दिनों मैंने एक अचम्भा सा देखा- मात्र एक सौ आठ बिद्यार्थियों तथा उन्हें पढाने-लिखाने-सिखाने में लगे एक सौ बीस गुरुओं-शिक्षकों और पैसठ शिक्षकेत्तर कर्मियों का एक अनुठा गुरूकुल । जीवन के विविध क्षेत्रों से जुडी समस्त विद्याओं और ७२ कलाओं की शिक्षा… Read more »