भोजपुरी के नाम रही राजधानी की एक शाम

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“दिल्ली, बंबई, कलकत्ता, चाहें रहिह मसूरी में… पढिह-लिखिह कवनो भाषा, बतिअइह भोजपुरी में….” भोजपुरी की प्रसिद्ध गायिका भानुश्री ने मंच पर आकर जब यह गीत शुरु किया, तो एक पल के लिये ऐसा लगा मानो देश-विदेश में फैले करोडों भोजपुरी भाषियों को एक संदेश दिया जा रहा हो, कि आप कहीं भी रहें, कोई भी… Read more »