ये इल्म का सौदा, ये रिसालें, ये किताबें

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-फ़िरदौस ख़ान ये इल्म का सौदा, ये रिसालें, ये किताबें इक शख्स की यादों को भुलाने के लिए हैं शायद जां निसार अख्तर साहब ने किताबों को जो अहमियत दी है, उसे किसी भी सूरत में नकारा नहीं जा सकता। यह हकीकत है कि अच्छे दोस्तों के न होने पर किताबें ही हमारी सबसे अच्छी… Read more »