अनुसंधान से आर्थिक उन्नति संभव – मुलख राज विरमानी

Posted On by & filed under आर्थिकी, खेत-खलिहान

भारत के उद्योगपति अनुसंधान में इतनी रुचि नहीं लेते जितना संपन्न हुए देशों के उद्योगपति। यह कड़वा सत्य भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है। कुछ थोड़े से उद्योगपतियों ने इस ओर ध्यान दिया वह आज अपने उद्योग के क्षेत्र में विश्व के उद्योगपतियों के बराबर हैं या उनसे भी आगे निकल गए। उदाहरणतया कुछ भारतीय… Read more »