गोरखा मोर्चे का अलगाववाद

Posted On by & filed under विविधा

ममता बनर्जी ने यहां तक कह दिया है कि वे पहाड़ी-क्षेत्र के गोरखा बच्चों पर बांग्ला भाषा नहीं थोपेंगी। यह आंदोलन तो इसी बात को लेकर शुरु हुआ है कि बांग्ला भाषा सभी बच्चों के लिए अनिवार्य कर दी गई थी। अब आंदोलन अपने आप खत्म हो जाना चाहिए था लेकिन अब वह पृथक गोरखालेंड की मांग में बदल गया है।