आदर्श ग्राम योजना को लागू करने में पाटिल ने मिसाल कामय की

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agyनवसारी। स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, सांसद आदर्श ग्राम योजना जैसी योजनाएं, योजना मात्र नहीं हैं, बल्कि देश को बेहतर बनाने के रास्ते हैं। इन योजनाओं पर अगर अमल किया जाए और काम किया जाए तो परिणाम होता है, चीखली जैसा गांव। गुजरात के नवसारी का चीखली, एक ऐसा गांव जो करीब डेढ़ साल पहले तक पानी और ज़रूरी सुविधाओं के लिए तरसता था, आज इसी गांव में आदर्श गांव की सारी विशेषताएं नज़र आने लगी हैं। आज ये गाँव मिसाल है पूरे देश के लिए। सीधे शब्दों में कहें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस आदर्श ग्राम योजना की आज परिकल्पना पूरे देश के हर एक सांसद से सकारात्मक उम्मीद के साथ कर रहे हैं, उसकी बुनियाद भाजपा के ही सांसद ने पहले ही अपने संसदीय क्षेत्र में रख दी है। जी हाँ वो सांसद हैं – सी आर पाटिल।
इतने कम समय में क्या हो गया खास…
20 लाख रुपए के खर्च से लगे यहां के सभी 450 घरों में पानी के नल के कनेक्शन
2 लाख रुपए खर्च कर 172 शौचालयों का निर्माण
10 लाख खर्च कर सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए
06 लाख के खर्च से किया गया वृक्षारोपण
20 लाख खर्च किए गए स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की लिए
20 लाख के खर्च से बना जिले का पहला रिवरफ्रंट
यह परिवर्तन सांसद सीआर पाटिल की पहल…
इस गांव में आए परिवर्तन के पीछे यहां से भाजपा सांसद सीआर पाटिल की बड़ी भूमिका है। पाटिल ने अक्टूबर 2014 में चीखली गांव को गोद लेकर इसे बदलने का बीड़ा उठाया। पाटिल के प्रयासों को असर आज देखा जा सकता है। एक साल में इस गांव पर तीन करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब ढाई करोड़ रुपए ग्राम पंचायत ने खर्च किए। जिसका नतीजा है कि जिस गांव के लोगों को खराब सड़को की वजह से आसपास के इलाके में भी जाने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, वह गांव आज पक्की सड़क से सीधा जिला मुख्यालय से जोड़ा जा चुका है।
गांव की सरपंच ज्योति बेन का कहना है सांसद सीआर पाटिल गांव के विकास को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में पर्यावरण का भी खासा ध्यान रखा गया है। सीवेज का गंदा पानी सीधा नदी में न गिरे, इसके लिए फिल्टर प्लांट लगाया गया है। गांव और सड़क के किनारे वृक्षारोपण को लेकर पूरे गांव वाले सजग हैं और काफ़ी काम किया गया है। आंगनवाड़ी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसी भी बच्चे को या संचालक को किसी तरह की परेशानी न हो।
अगर सीआर पाटिल की तरह हरेक सांसद सरकार की तमाम योजनाओं को लेकर दृढ़ निश्चय के साथ पूरी इमानदारी से काम करे, तो देश की तस्वीर बदली जा सकती है। योजनाओं के नाम सिर्फ गिनाने के लिए नहीं होंगे, उनका परिणाम भी जनता के सामने और उन्हें अपेक्षित सहूलियत भी मिल पायेगी।

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