टोंटी में फंसे अखिलेश, नहीं थम रहा विवाद

पारसमणि अग्रवाल

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में सियाशी गोटें कब किसके पाले में आ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता ऐसा ही कुछ नजारा वर्तमान परिवेश में दिखाई दे रहा है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नल की टोंटी के कारण विवादों से नाता जोड़ बैठे। बात निकली है तो दूर तक जाएगी कि तर्ज पर इस विवाद में नए नए दिलचस्प मोड़ सामने आ रहे है।
हम आपको बता दें कि  सुप्रीम कोर्ट ने लोक प्रहरी संस्था की याचिका पर फैसला सुनाते हुये कहा था कि कोई भी व्यक्ति एक बार पद छोड़ने के बाद आम आदमी के बराबर हो जाता है। अदालत ने यूपी मिनिस्टर सैलरी अलाउन्ट ऐंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट के ऊन प्रावधानों को निरस्त कर दिया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला देने का प्रावधान किया गया था।
इस फैसले के बाद से मुलायम सिंह यादव , राजनाथ सिंह, मायावती, कल्याण सिंह, नारायणदत्त तिवारी, अखिलेश यादव आदि को बंगले खाली करने थे बीते दिनों अधिकांश मंत्रियों द्वारा बंगले खाली कर दिए गए।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव  विक्रमादित्य मार्ग पर अपने कार्यकाल में बनवाये गए बंगले से नाता तोड़ते हुये टोंटी में फंस विवादों की सुर्खियों में आ गए । 42 करोड़ रुपये 
की लागत से सजे इस बंगले को खाली करने से पूर्व की गई तोड़-फोड़ अखिलेश की गले की फांस बन गया है बताया जा रहा है कि  बंगला खाली होने के बाद राज्य सम्पति विभाग ने बंगलों की वीडियोग्राफी कराई थी जिसमें सरकारी मार्ग स्थित अखिलेश के बंगले में तोड़-फोड़ की बात सामने आई । जंगल में लगी आग की तरह राजनैतिक गलियारों में इस बात ज्वाला बन भड़क उठी और सपा अध्यक्ष अखिलेश नल की टोंटी में फँसकर चर्चा का विषय बने हुये है।
बंगले के बढ़ते विवाद को देखकर अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार उन्हें टूटे फूटे सामानों की लिस्ट मुहैया कराए वह एक एक समान वापस कर देंगे। सामान की लिस्ट मांगते हुये अखिलेश यादव ने सम्भवतः इतने नादान हो गए और वह कहने से भी नहीं चूके कि आवंला और कई मंहगे वृक्ष घर में छूट गए है उसे सरकार वापस लौटाए।
वृक्ष वापस लौटाए जाने की मांग हास्यपद पूर्ण है क्योंकि घर मे लगे वृक्ष लौटना ठीक उसी प्रकार होगा जिस प्रकार आसमान से तारे तोड़ना।
बताया जा रहा है कि विक्रमादित्य मार्ग स्थित अखिलेश का बंगला जब खोला गया तो अंदर की दशा देखकर सभी चौंक गए। कभी आलीशान महल की तरह दिखने वाला यह बंगला अंदर से एकदम तहस-नहस मिला। एसी, स्विच बोर्ड, बल्ब और वायरिंग तक बंगले से गायब मिले। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल और लॉन भी उजड़े हुए हैं। सीढ़ियां तोड़ दी गई हैं। साइकल ट्रैक भी खोद दिया गया है। बंगले में पहली मंजिल पर (जहां अखिलेश रहते थे) वहां बने सफेद संगमरमर के मंदिर के अलावा कोई हिस्सा ऐसा नहीं है, जहां तोड़फोड़ न की गई हो
विवादों के साये में फंसे अखिलेश ने आरोपों को निराधार बताते हुये एक प्रेस वार्ता तक कर डाली जिसमें टोंटी में फंसे अखिलेश टोंटी के साथ दिखाई दिये। प्रेस वार्ता में अखिलेश बोले कि “मेरे ऊपर लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। बंगले के जो फोटो दिखाए जा रहे हैं, उसमें सच्चाई छुपाई जा रही है। मैं सिर्फ वही सामान लेकर गया हूं, जिन्हें मैंने अपने पैसे से लगाया था।”
अखिलेश यादव पर टोंटी इतनी भारी पड़ी कि उन्हें टोंटी लेकर प्रेस वार्ता में आना पड़ा और कहना पड़ा कि मैं टोंटी लेकर आया हूं जो गायब हो गई थी। वही लौटाने आया हूं। सीएम आवास में भी बहुत सारा मेरा सामान है, वो सब लौटा दें सीएम। लोग प्यार में अंधे होते हैं, लेकिन गुस्से में कितने अंधे होते हैं, वो अब दिख रहा है।
फिलहाल अखिलेश का बंगला विवाद थमने का नाम नही ले रहा है बीजेपी के मंत्रियों सहित राज्यपाल तक इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ चुके है ।
बंगले विवाद की टोंटी में फंसे अखिलेश पर राज्यपाल रामनाईक ने यह कहते हुये सरकार से कार्यवाही को कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को आवंटित सरकारी आवास खाली किए जाने से पहले उसमें की गई तोड़फोड़ का मामला अनुचित और गंभीर है।
बंगला विवाद के दलदल में फंसे अखिलेश कब इससे बाहर निकल पाते है और टोंटी से सुर्खियों में अखिलेश की क्या यह विवाद वोटों की टोंटी खोलने में अपनी भूमिका निभाएगी इन सब सवालों का जवाब भविष्य के गर्भ में छिपा है अब देखना यह है कि माननीयों का यह बंगला खेल कब खत्म होता है और आम जनता के मुद्दों से सरोकार किया जाएगा।

1 thought on “टोंटी में फंसे अखिलेश, नहीं थम रहा विवाद

  1. यह लगता है अखिलेश के चमचों का काम. यदि एक भी पकडा गया, तो सारा बता देगा. सारे नाम भी बताएगा. अब पोल खुल के ही रहेगी. राह देखिए.
    ==> क्या अखिलेश आप भी कैसे निकले? इतना घिनौना काम?

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