मृत्युंजय दीक्षित
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय के बाद अमेरिका में बैठा भारत व हिन्दू विरोधी गैंग फिर से जाग उठा है क्योंकि बंगाल लहराता भगवा उसे पसंद नहीं आ रहा है। बंगाल में हिंदुत्व की विजय से छद्म धर्मनिरपेक्ष लॉबी को नींद नहीं आ रही है। अमेरिका से जैसे समाचार आ रहे हैं उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बंगाल चुनावों के दौरान बीजेपी को रोकने के लिए जो प्रयास किए जा रहे थे उनको अमेरिकी डीप स्टेट का संरक्षण प्राप्त था। विगत दिनों सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कॉकरोच शब्द का प्रयोग कर दिया देखते देखते अमेरिका मे बैठे कुछ लोगों ने इसे पकड़ लिया और कॉकरोच जनता पार्टी बना दी। इस पार्टी का संस्थापक आम आदमी पार्टी का ही संस्थापक सदस्य अभिजीत दीपके है।
कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर कहा जाने लगा कि अगर युवाओ की बात नही सनी गई तो यह कॉकरोच जनता पार्टी जिसके दो करोड़ से अधिक सोशल मीडिया फॉलोअर बन चुके हैं, देश में क्रांति कर देगी। भारत की विरोधी पार्टियों ने कॉकरोजनता पार्टी को हाथों हाथ लिया और टीवी चैनलों पर बहस के दौरान इस पार्टी का भय दिखाने लगे। ये भूल गए कि धरातल पर भारतीय जनता पार्टी दुनिया के 14 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।
अमेरिका की एक संस्था “यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम” कथित रूप से दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए काम करती है। ये संस्था स्वयं को धार्मिक आजादी की स्वयंभू पहरेदार और रक्षक मानती है। वास्तविकता यह है कि यह संस्था सनातन हिंदू धर्म के प्रति अपनी कुंठित मानसिकता के कारण जानी जाती है और अवसर मिलते ही हिंदुओं के प्रति विकृत घृणा का प्रदर्शन करती दिखाई देती है। यह संस्था हिंदुओं के प्रति नफरत से भरी हुई है । इस संस्था ने भारत में ”धार्मिक आजादी खतरे में है” का दुष्प्रचार किया है। इस बार इसके निशाने पर तीन मुख्यमंत्री हैं उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, असम के हिमंता बिस्वा सरमा और उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद इस सूचि में स्वाभाविक रूप से शुभेंदु अधिकारी का नाम भी जुड़ गया है ।
इसी अमेरिकी संस्था की एक सुनवाई में अपने आप को तथाकथित मानवाधिकार कार्यकर्ता व पत्रकार बताने वाला रकीब हमीद नाइक भी पंहुचा और उसने इन लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों पर जहर उगलते हुए इन पर रोक लगाने की मांग की।रकीब अहमद नाइक मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है और उसका एकमात्र कार्य भारत विरोध है। यह हिंदुत्व वाच के नाम से एक संगठन भी चलाता है जिसका काम हिंदुत्व को घृणा व नफरत के तौर पर ट्रैक करना। रकीब का ये संगठन भारत में भी हिंदू राष्ट्रवाद की निगरानी करता है। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम” का अपना एक राजनीतिक एजेंडा है जिसके तहत उसने हिंदू घृणा व नफरत से भरपूर रकीब को मंच दिया गया।
हिंदू विरोधी एजेंडे के अंतर्गत ही रकीब ने तीनों मुख्यमंत्रियो के खिलाफ जहर उगला गया क्योंकि ये तीनों ही मुख्यमंत्री हिदुओं को एकजुट और जागरुक करने के लिए कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्र्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में दिव्य व भव्य राम मंदिर बना, प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों का विकास हो रहा है, प्रदेश में गोवध व लव जिहाद की रेाकथाम के लिए कानून बना है, माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है । तीनों ही राज्यों में मतांतरण की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। तीनों ही राज्यों में बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ कार्यवाही हो रही है। असम व उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। घुसपैठिए भारत छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अमेरिका में बैठे हिन्दू विरोधियों को ये रास नहीं आ रहा है ।
फिलहाल तो सोशल मीडिया पर जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी, सोशल मीडिया पर धूल चाट चुकी है अब देखते हैं कि इनका अगला पैंतरा क्या होगा ?