आलोक कुमार

बिहार की राजधानी पटना के मूल निवासी। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक (राजनीति-शास्त्र), दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नाकोत्तर (लोक-प्रशासन)l लेखन व पत्रकारिता में बीस वर्षों से अधिक का अनुभव। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सायबर मीडिया का वृहत अनुभव। वर्तमान में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के परामर्शदात्री व संपादकीय मंडल से संलग्नl

संघ, संघ परिवार और भाजपा के मूल में ही दलितोन्मुखी विचारधारा का प्रतिक्रियावादी विरोध

अजीब विडम्बना है …. आजादी के लगभग सात दशकों के बाद भी, सामाजिक कुरीतियों और विषमताओं

बिहार में अति-पिछ़ड़ी जातियों के मतदाता निश्चित तौर पर निर्णायक भूमिका में रहेंगे

-आलोक कुमार- आसन्न बिहार विधानसभा चुनावों में  अति-पिछ़ड़ी जातियों के मतदाता  निश्चित तौर पर निर्णायक

मीडिया के दाग केजरीवाल और उनके कुनबे से कम काले हैं

-आलोक कुमार- कल जब दिल्ली के ‘मुख्य-संतरी’ और ‘आम आदमी नौटंकी पार्टी’ के संचालक अरविंद केजरीवाल को ‘जनता का रिपोर्टर’ कार्यक्रम