अमन कौशिक

पूर्व छात्र- दिल्ली विश्वविद्यालय

बेसहारा बाप की व्यथा

उधर भूख से बिलख रही थी नवासी मेरी..
इधर दुनिया को छोड़ चुकी थी बिटिया मेरी..

क्या करूँ, क्या पूछूँ, कुछ नहीं था सूझ रहा..
क्या वज़ह थी इसके पीछे, कुछ नहीं था दिख रहा..