आशा वर्मा

जन्म -लखनऊ, वहीं पली, पढ़ीं, बड़ी हुई अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर शिक्षा , लखनऊ विश्वविद्यालय के महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज में अंग्रेज़ी की भूतपूर्व प्रोफ़ेसर । माँ की चुटीली मुहावरेदार हिन्दी से प्रेरित हिन्दी में लेख व कवितायें सरिता में प्रकाशित , रेडियो व दूरदर्शन पर सामाजिक विषयों पर हास्य - व्यंग्य नाटक प्रसारित, प्रकाशित -तीन उपन्यास - रूप-रुपैया, मत कर इतना प्यार, इक्कीसवीं सदी का अकबरनामा दो नाटक - आत्म हत्या की दुकान, आफ़त के बम का गोला और यह लड़कों का टोला।दोनो नाटक दिल्ली के श्रीराम सेन्टर में मंचित हुए ।