आशुतोष

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहे आशुतोषजी स्‍वतंत्र पत्रकार के नाते विभिन्‍न पत्र-पत्रिकाओं एवं अंतर्जाल पर सम-सामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं। आप हिंदुस्‍थान समाचार एजेंसी से भी जुडे रहे हैं। सांस्‍कृतिक राष्ट्रवाद को प्रखर बनाने हेतु आप इसके बौद्धिक आंदोलन आयाम को गति प्रदान करने में जुटे हुए हैं।

न्यूटन का नियम और राजनैतिक स्थिरता – आशुतोष

यह स्थिरता भी गजब चीज है। न्यूटन ने बताया कि जो चीज स्थिर है वह तब तक स्थिर बनी रहती है जब तक बाहर से बल न लगाया जाय। 1687 में न्यूटन ने जब इस नियम को…

‘जरनैलिज्म’ नहीं जर्नलिज्म

यह अघोरपंथी राजनीति का दौर है। या यूं कहें कि अघोरपंथी राजनीति पर भदेस किस्म की प्रतिक्रिया है। अघोरपंथ में सांसारिक बंधनों और लोक मर्यादाओं की परवाह नहीं की जाती। आज राजनीति भी…