राजनीति जनजातीय गौरव दिवस-कृतज्ञता ज्ञापन का महापर्व..! November 15, 2022 / November 15, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विगत वर्ष १५ नवम्बर को भोपाल के जम्बूरी मैदान से — जोहार मध्यप्रदेश! राम राम सेवा जोहार! मोर सगा जनजाति बहिन भाई ला स्वागत जोहार करता हूँ। हुं तमारो सुवागत करूं। तमुम् सम किकम छो? माल्थन आप सबान सी मिलिन,बड़ी खुशी हुई रयली ह। आप सबान थन, […] Read more » Tribal Pride Day जनजातीय गौरव दिवस-कृतज्ञता ज्ञापन
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार ‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है October 23, 2022 / November 5, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी, पूजा-पाठ सभी दीपक के साथ रीतिबद्ध रहते हैं। प्रत्येक शुभ कार्य के पूर्व दीप प्रज्वलन की अनूठी परम्परा सनातन काल से चली आ रही है, जिसमें सम्भवतः हमारे पूर्वजों का इस पध्दति के पीछे का यही उद्देश्य रहा होगा […] Read more » Diwali दिवाली
राजनीति सार्थक पहल हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई ; सीएम शिवराज ने इतिहास रच दिया October 18, 2022 / October 18, 2022 | Leave a Comment प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भाषा को लेकर विविध मंचों से विचार साझा करते हुए कहते हैं कि : - " साथियों, हमें एक ही वैज्ञानिक बात समझने की जरूरत है कि - भाषा, शिक्षा का माध्यम है, भाषा ही सारी शिक्षा नहीं है। जिस भी भाषा में बच्चा आसानी से सीख सके, वही भाषा पढ़ाई की भाषा होनी चाहिए। दुनिया के ज्यादातर देशों में भी आरंभिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जाती है। हमारे देश में खासकर ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ाई मातृभाषा से अलग होने पर ज्यादातर पालक, बच्चों की पढ़ाई से जुड़ भी नहीं पाते। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा के अलावा कोई अन्य भाषा सीखने-सिखाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, कोई रोक नहीं लगाई गई है। अंतर्राष्ट्रीय पटल पर जो भी सहयोगी भाषा सीखने की बच्चों को आवश्यकता है वह जरूर सीखें। Read more » medical studies in hindi राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई
राजनीति शख्सियत समाज राष्ट्रसंस्कृति से आप्लावित पं.दीनदयाल उपाध्याय का राजनैतिक दर्शन September 26, 2022 / September 26, 2022 | Leave a Comment कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय राजनीति के वृहदाकाश में दैदीप्यमान पं. दीनदयाल उपाध्याय अपने राष्ट्रीय विचारों, राष्ट्रवाद व भारतीय सनातन हिन्दू संस्कृति के मुखर पक्षधर व तदानुरुप रीति-नीति के आधुनिक राजनैतिक प्रवर्तकों में लब्ध-प्रतिष्ठित हैं।उन्होंने केवल विचार ही नहीं दिए,अपितु जनसंघ व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से विचारों को धरातलीय रुप भी दिया। एकात्ममानव दर्शन […] Read more » immersed in national culture Political Philosophy of Pt. Deendayal Upadhyay पं.दीनदयाल उपाध्याय का राजनैतिक दर्शन
राजनीति शख्सियत इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में महानायक के रुप में अंकित हो रहे नरेन्द्र मोदी September 17, 2022 / September 17, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी एक ऐसे व्यक्तित्व हैं,जिनके विचारों व कृतित्व में अद्भुत साम्य देखने को मिलता है। वे कर्मक्षेत्र में अपनी पूर्व परम्पराओं का पथानुसरण भी करते हैं, और रुढ़ हो चुकी बोझिल पध्दतियों को समाप्त करते हुए समायानुकूलित ढँग से ‘जन व तन्त्र’ के बीच अतीत से बनती हुई गहरी खाई […] Read more » narendra modi birthday Narendra Modi is being inscribed as a superhero in the golden pages of history. नरेन्द्र मोदी
हिंदी दिवस हिन्दी कल आज और कल :भाषा विकास चुनौतियाँ एवं हमारे कर्त्तव्य September 15, 2022 | Leave a Comment कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल हिन्दी साहित्य के शलाका पुरुष भारतेन्दु हरिश्चंद्र जी के दोहे:- निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।। विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार। सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।। उस सारतत्व को प्रस्तुत करते हैं,जो वास्तव में हमारी उन्नति […] Read more » Hindi Tomorrow Today and Tomorrow: Language Development Challenges and Our Duties
लेख मुंशी प्रेमचंद का साहित्य एवं वर्तमान में तैरते प्रश्न August 1, 2022 / August 1, 2022 | Leave a Comment आज प्रश्न -प्रतिप्रश्न उठते हैं कथाकार कैसा हो?उसका लेखन कैसा है? किन्तु हमारे हिन्दी साहित्य में एक ऐसा साहित्यकार हुआ जो सभी जगह उपस्थित है तथा यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि प्रेमचंद की स्थापित परिपाटी के माध्यम से ही आगे की दिशा तय हुई ।जब बात हिन्दी में कथासंसार की उठती है तो सबसे […] Read more » Literature of Munshi Premchand and the floating questions in the present
लेख अंग्रेजी के बढ़ते प्रभुत्व से संकट में देश का भविष्य..! July 27, 2022 / July 27, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस वर्ष ‘ बहुभाषावाद प्रस्ताव’ को पारित करते हुए हिन्दी समेत अन्य भारतीय भाषाओं उर्दू एवं बांग्ला को सहकारी भाषा के रुप में दर्ज कर लिया है। भारत सरकार विश्व स्तर पर यूएन की अन्य छ: आधिकारिक भाषाओं के साथ हिन्दी को भी यूएन की आधिकारिक ( सरकारी) […] Read more » The future of the country in trouble due to the increasing dominance of English..! अंग्रेजी के बढ़ते प्रभुत्व से संकट में देश
लेख शख्सियत समाज स्वातन्त्र्य आन्दोलन के प्रेरणापुञ्ज : स्वामी विवेकानंद July 4, 2022 / July 4, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल अमेरिका के शिकागो में सन् १८९३ में सम्पन्न हुई ‘विश्वधर्म महासभा’ ने विवेकानन्द के रुप में जिस सांस्कृतिक सूर्य को समूचे विश्व के समक्ष अवतरित किया। वस्तुतः वह भारत एवं हिन्दुत्व के नवयुग का अवतरण था। भारत एवं हिन्दुओं को पतित,अज्ञानी,मूर्ख समझने वाले आत्मश्लाघा में डूबे हुए पाश्चात्य जगत का जब विवेकानन्द […] Read more » Inspiration of freedom movement: Swami Vivekananda
पर्यावरण लेख पर्यावरण संरक्षण : कहीं कोरी कवायद न रह जाए June 7, 2022 / June 7, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल प्रत्येक वर्ष की भाँति विश्व पर्यावरण दिवस मनाने और उसका प्रचार-प्रसार करने के लिए समूचे विश्व सहित हम भी जी-तोड़ मेहनत करने में लग जाते हैं,किन्तु इसके इतर दिनों-दिन पर्यावरण की दुर्गति और उस पर आँखे मूँदकर सबकुछ सही मान लेने की प्रवृत्ति ने हमें प्रकृति के प्रति निर्दयी और कृतघ्न तो […] Read more » environment protection पर्यावरण संरक्षण
लेख विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर भ्रामकता सही नहीं है’ May 13, 2022 / May 15, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलमध्यप्रदेश के पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में बगैर ओबीसी आरक्षण के निर्वाचन सम्पन्न कराने एवं अधिसूचना जारी करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय सुनाया है। किन्तु इस पर राजनैतिक गिद्ध दृष्टि गड़ाने वाले इस निर्णय को भी निराशापूर्ण बताते हुए अपनी वोटबैंक की राजनीति सिद्ध करना चाह रहे हैं। ये […] Read more » Misleading about the decision of the Supreme Court is not right. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर भ्रामकता सही नहीं
लेख मानसिक स्वास्थ्य की परवाह क्यों नहीं? April 20, 2022 / April 20, 2022 | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलविश्व के बदलते हुए परिदृश्य के साथ ही अनेकानेक संकटों से समाज जूझ रहा है।स्वास्थ्य सुविधाओं की मूलभूत कमीं से जहाँ आम आदमी को जहाँ प्रतिदिन दो – चार होना ही पड़ता है। वहीं स्वतन्त्रता के सात दशक पूरे हो जाने के बावजूद भी देश में स्वास्थ्य सुविधाओं -अस्पतालों, चिकित्सकों, अत्याधुनिक तकनीकी, पैरामेडिकल […] Read more » Why not care about mental health?