समाज हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें November 19, 2018 / November 19, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- ‘दुर्घटना’ एक ऐसा शब्द है जिसे पढ़ते ही कुछ दृश्य आखों के सामने आ जाते हैं, जो भयावह होते हैं, त्रासद होते हैं, डरावने होते हैं। किस तरह लापरवाही एवं महंगी गाड़ियों को सड़कों पर तेज रफ्तार में चलाना एक फैशन बनता जा रहा है, उसकी ताजी एवं भयावह निष्पत्ति की दुर्घटना दिल्ली […] Read more » ड्राइवर शराबदिल्ली-एनसीआर प्रदूषण हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें
समाज मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो November 16, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग :- स्वतंत्र भारत में यह कैसा समाज बन रहा है, जिसमें करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी घरेलू हिंसा बर्दाश्त करती आ […] Read more » आदतों कवयित्रि महादेवी वर्मा छेड़खानी दहेज बलात्कार भू्रण-हत्या महत्वाकांक्षाओं मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो वासनाओं वासनाओं एवं कट्टरताओं वृत्तियों शिव सत्य
राजनीति विपक्षी एकता के सूत्रधार की असली चुनौती November 13, 2018 / November 13, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग :- आगामी लोकसभा चुनाव की हलचल उग्र होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी बनाम विपक्षी गठबंधन का दृश्य बन रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, विपक्षी एकता के स्वर सुनाई दे रहे हैं। लेकिन सशक्त विपक्ष के गठबंधन की सबसे बड़ी बाधा एक सूत्रधार को लेकर है, जो विभिन्न […] Read more » अखिलेश यादव अरविंद केजरीवाल एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फारूक अब्दुल्ला बेरोजगारी महंगाई मायावती राहुल गांधी विपक्षी एकता के सूत्रधार की असली चुनौती व्यापार की संकटग्रस्त स्थितियां शरद पवार
राजनीति अनंत कुमार को अलविदा नहीं कहा जा सकता November 12, 2018 / November 12, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – केन्द्रीय मंत्री अनन्त कुमार का अचानक अनन्त की यात्रा पर प्रस्थान करना न केवल भाजपा बल्कि भारतीय राजनीति के लिए दुखद एवं गहरा आघात है। उनका असमय देह से विदेह हो जाना सभी के लिए संसार की क्षणभंगुरता, नश्वरता, अनित्यता, अशाश्वता का बोधपाठ है। वे कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे। […] Read more » अनंत कुमार को अलविदा नहीं कहा जा सकता एमपी खेल छत्तीसगढ़ नेता पर्यटन बिहार युवा मामलों और संस्कृति व्यापारी और एक सफल उद्योगपति शहरी विकास एवं गरीबी सामाजिक कार्यकर्ता
विश्ववार्ता आम नागरिकों के हाथों में हथियार क्यों? November 10, 2018 / November 10, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – अमेरिका के कैलीफोर्निया में जिस तरह एक व्यक्ति ने एक बार में अचानक गोलियां चलाकर एक पुलिस अधिकारी सहित बारह लोगों को मारा डाला, इस खौफनाक एवं भयावह घटना ने दुनियाभर को आहत किया है, झकझोर दिया है। अमेरिका में दो सप्ताह से भी कम समय के अंदर भीषण एवं भयावह गोलीबारी […] Read more » अमेरिका आम नागरिकों के हाथों में हथियार क्यों? इस खौफनाक एवं भयावह डाला ब्रिटेन
राजनीति सिग्नेचर ब्रिज के नाम पर राजनीतिक बवाल क्यों? November 9, 2018 / November 9, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – राजधानी दिल्ली के बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज का करीब 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद उद्घाटन होना भी दिल्ली की जनता को एक सुकून दे रहा है। यमुना नदी के ऊपर बने इस ब्रिज से उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच सफर करनेवाले लोगों को न केवल सुविधा होगी बल्कि समय की […] Read more » अमानवीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राजनीति क्रूर सिग्नेचर ब्रिज के नाम पर राजनीतिक बवाल क्यों?
समाज मेडिकल शिक्षा में नैतिक मूल्यों की सार्थक पहल November 8, 2018 / November 8, 2018 | 2 Comments on मेडिकल शिक्षा में नैतिक मूल्यों की सार्थक पहल ललित गर्ग – देश में आज डाॅक्टर एवं अस्पताल लूट घंसौट, लापरवाही, भ्रष्टाचार, अनैतिकता एवं अमानवीयता में शुमार हो चुके है, आए दिन ऐसे मामले प्रकाश में आते है कि अनियमितता एवं लापरवाही के कारण मरीज का इलाज ठीक ढंग से न होने पाने के कारण मरीज की मौत हो गयी या उससे गलत वसूली […] Read more » अनैतिकता एवं अमानवीयता इंजीनियर डाॅक्टर भ्रष्टाचार लापरवाही लूट घंसौट वकील
राजनीति कारोबारी मोर्चे पर ऊंची छलांग का अर्थ November 1, 2018 / November 1, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबारी सहूलियत के मोर्चे पर भारत ने लंबी छलांग लगाई है। विश्व बैंक की इस रैंकिंग 2019 में भारत 23 पायदान की छलांग के साथ 77वें स्थान पर आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा ‘मिनिमम गवर्नमेंट टू मैक्सिमम गवर्नेस’ के मंत्र पर अमल और लंबित […] Read more » कारोबारी मोर्चे पर ऊंची छलांग का अर्थ कालेधन एवं भ्रष्टाचार मेकिंग इंडिया मोदी सरकार विश्व बैंक सुधारों
समाज पत्रकारों के जीवन पर खतरों के साये November 1, 2018 / November 1, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नीलावाया के जंगलों में माओवादियों ने घात लगाकर सैन्य बलों पर हमला किया और उसमें दो जवानों सहित नई दिल्ली से गयी दूरदर्शन टीम के एक पत्रकार कैमरामैन अच्युतानंद साही की मौत हो गई और एक पत्रकार गंभीर […] Read more » आतंकवाद दैनिक हिंदुस्तान नक्सलवाद पत्रकार गौरी लंकेश पत्रकार जागेंद्र सिंह बिहार युद्ध
समाज त्यौहारों की संस्कृति का धुंधलाना October 29, 2018 / October 29, 2018 | Leave a Comment -ललित गर्ग- दीपावली जैसे त्योहार के मौके पर खुशियों का इजहार करने के लिए बेहतर खानपान और रोशनी की सजावट से पैदा जगमग के अलावा कानफोडू पटाखों का सहारा लोगों को कुछ देर की खुशी तो दे सकता है, लेकिन उसका असर व्यापक होता है। पटाखों की आवाज और धुएं के पर्यावरण सहित लोगों की […] Read more » आकर्षित किया जीवन-मूल्यों राष्ट्रीय प्रेम संस्कृति एवं संस्कारों
राजनीति वेंकैया नायडू का हिन्दी भाषा का दर्द समझें October 25, 2018 / October 25, 2018 | 6 Comments on वेंकैया नायडू का हिन्दी भाषा का दर्द समझें ललित गर्ग- हिन्दी की दुर्दशा आहत करने वाली है। इस दुर्दशा के लिये हिन्दी वालों का जितना हाथ है, उतना किसी अन्य का नहीं। अंग्रेजों के राज में यानी दो सौ साल में अंग्रेजी उतनी नहीं बढ़ी, जितनी पिछले सात दशकों में बढ़ी है। इस त्रासद स्थिति की पड़ताल के लिये हिन्दी वालों को अपना […] Read more » अफगानिस्तान तिब्बत नेपाल बांग्लादेश भूटान महात्मा गांधी म्यांमार राष्ट्र भाषा वैंकय्या नायडू का हिन्दी भाषा का दर्द समझें
राजनीति समाज गुजरात में पलायन की त्रासद घटनाएं क्यों? October 23, 2018 / October 23, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- हम कैसा समाज बना रहे हैं? जहां पहले हिन्दू और मुसलमान के बीच भेदरेखा खींची गई फिर सवर्ण और हरिजन के बीच, फिर अमीर और गरीब के बीच और ग्रामीण और शहरी के बीच। अब एक प्रांत और दूसरे प्रांत के बीच खींचने का प्रयास किया जा रहा है। यह सब करके कौन […] Read more » गुजरात में पलायन की त्रासद घटनाएं क्यों? धर्मान्ध पूर्वाग्रहित राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादी