समाज आईसीयू के अमानवीय एवं अनैतिक पक्षों की निगरानी जरूरी May 2, 2026 / May 2, 2026 | Leave a Comment देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और संवेदनशील प्रश्न सामने आता है-क्या चिकित्सा अब सेवा न रहकर व्यवसाय का कठोर रूप एवं एक त्रासदी बनती जा रही है? विशेष रूप से निजी अस्पतालों के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) से जुड़े मामलों ने इस प्रश्न को Read more » Monitoring the inhumane and unethical aspects of ICU is essential.
धर्म-अध्यात्म करुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध April 30, 2026 / April 30, 2026 | Leave a Comment गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था, वे एक राजकुमार थे, किन्तु जीवन के दुख-जरा, व्याधि और मृत्यु ने उनके अंतर्मन को विचलित कर दिया। 29 वर्ष की आयु में उन्होंने राजवैभव का त्याग कर सत्य की खोज का मार्ग अपनाया। Read more » बुद्ध पूर्णिमा
लेख करुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध April 29, 2026 / April 29, 2026 | Leave a Comment गौतम बुद्ध एक प्रकाशस्तंभ है, जिसका प्रकाश केवल बाहरी दुनिया को ही नहीं, बल्कि भीतरी दुनिया को भी आलोकिक करता है। बुद्ध को सबसे महत्वपूर्ण भारतीय आध्यात्मिक महामनीषी, देवपुरुष, सिद्ध-संन्यासी, समाज-सुधारक धर्मगुरु माना जाता हैं। बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है, Read more » Gautam Buddha is the beacon of compassion peace and enlightenment बुद्ध पूर्णिमा
आर्थिकी भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ April 28, 2026 / April 28, 2026 | Leave a Comment इस समझौते की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है कि न्यूजीलैंड द्वारा भारतीय निर्यातकों को लगभग सभी उत्पादों पर शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्रदान करना। यह भारतीय उद्योग, विशेषकर श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग वस्तुएं और प्लास्टिक उत्पाद जैसे क्षेत्रों को इससे अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। Read more » Global implications of the India-New Zealand Free Trade Agreement भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार
लेख भारतीय ज्ञान-संपदा और वैश्विक नवाचार के बीच संवाद April 27, 2026 / April 27, 2026 | Leave a Comment यदि विश्व के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो पश्चिमी देशों ने आधुनिक बौद्धिक संपदा व्यवस्था को संगठित रूप प्रदान किया। यूरोप और अमेरिका ने पेटेंट, प्रतिलिप्यधिकार और व्यापार चिह्नों के माध्यम से नवाचार को उद्योग से जोड़ा। वहां विश्वविद्यालय, उद्योग और सरकार के बीच समन्वय ने ज्ञान को आर्थिक शक्ति में परिवर्तित किया। Read more » भारतीय ज्ञान-संपदा और वैश्विक नवाचार
लेख आशा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उत्सव April 27, 2026 / April 27, 2026 | Leave a Comment इस दिवस का इतिहास अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक है। वर्ष 1980 में सात वर्षीय क्रिस ग्रेसियस जो ल्यूकेमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, उनकी अंतिम इच्छा एक पुलिस अधिकारी बनने की थी। जब यह बात स्थानीय पुलिस तक पहुंची, तो उन्होंने न केवल उसकी इच्छा को समझा, बल्कि उसे पूरा करने का संकल्प भी लिया। Read more » A vibrant celebration of hope compassion and human emotions World Wish Day – April 29
शख्सियत समाज आचार्य महाश्रमण की निर्गुण-चेतना से विश्व-शांति की नई दिशा April 24, 2026 / April 24, 2026 | Leave a Comment आचार्य महाश्रमण का जीवन ‘रहें भीतर, जीएँ बाहर’ के सूत्र पर आधारित है। यह सूत्र आधुनिक जीवन की जटिलताओं में संतुलन स्थापित करने का एक अद्वितीय मार्ग प्रस्तुत करता है। आज का मनुष्य बाहरी उपलब्धियों की दौड़ में अपने भीतर के शून्य को अनदेखा कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप तनाव, असंतोष और हिंसा का जन्म होता है। Read more »
समाज कृत्रिम बुद्धिमत्ता: सुविधा का वरदान या मूल्यों का संकट April 21, 2026 / April 21, 2026 | Leave a Comment कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक और चिंताजनक पक्ष है साइबर अपराधों में इसका बढ़ता उपयोग। आज अपराधी किसी व्यक्ति की आवाज की नकल करके उसके परिचितों को धोखा देने में सक्षम हो गए हैं। Read more » कृत्रिम बुद्धिमत्ता
समाज छात्रों का आत्मघातः सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? April 21, 2026 / April 21, 2026 | Leave a Comment कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि Read more » छात्रों का आत्मघात
विधि-कानून समाज विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नई खाई April 20, 2026 / April 20, 2026 | Leave a Comment आधुनिकता के संक्रमणकालीन दौर में सबसे अधिक यदि कोई संस्था प्रश्नों के घेरे में है, तो वह विवाह और रिश्तों की पारंपरिक अवधारणा है। बदलती जीवनशैली, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीक, वैश्वीकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती चेतना ने रिश्तों की परिभाषा, अपेक्षाएँ और संरचना-सब कुछ बदल दिया है Read more » A new divide between the institution of marriage and individual freedom विवाह संस्था विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
समाज ‘वात्सल्य पीठ’: करुणा, साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ April 17, 2026 / April 17, 2026 | Leave a Comment दिल्ली जैसे महानगर की आपाधापी, भागदौड़ और संवेदनहीनता के बीच यदि कोई ऐसा स्थान निर्मित हो, जहाँ पहुंचते ही मन शांत हो जाए, आत्मा को विश्राम मिले और जीवन को Read more » ‘वात्सल्य पीठ’: करुणा वात्सल्य पीठ’ साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ
राजनीति नारी-आरक्षणः नये भारत का आधार एवं संभावनाओं का शिखर April 16, 2026 / April 16, 2026 | Leave a Comment पिछले कुछ वर्षों में भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका में एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। महिलाएं अब केवल मतदाता नहीं रहीं, बल्कि वे एक निर्णायक मतदाता वर्ग के रूप में उभरी हैं। 2019 के आम चुनावों में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों के लगभग बराबर रही और कई राज्यों में उन्होंने पुरुषों से अधिक मतदान किया। Read more » नये भारत का आधार नारी-आरक्षण नारी-आरक्षण