लेख समाज दुल्हन फर्जी, रिश्ता असली बेवकूफी का! June 3, 2025 / June 3, 2025 | Leave a Comment फर्जी रिश्तों का व्यापार: शादी नहीं, ठगी का धंधाभारत में शादियों को लेकर एक सांस्कृतिक उत्सव, पारिवारिक प्रतिष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव की भावना जुड़ी होती है। लेकिन जब इस पवित्र रिश्ते को ठगों का व्यवसाय बना दिया जाए, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास की हत्या होती है। हरियाणा के […] Read more » दुल्हन फर्जी
कविता कृषक की गाथा — मिट्टी से मन तक June 2, 2025 / June 2, 2025 | Leave a Comment मिट्टी की महक से है उसकी आराधना,खेत-खलिहान में वो करता नित नमन।धूप-छाँव में जो तपे, जो झूके न कभी,कृषक है धरती का सबसे बड़ा सजन। खून-पसीने से लिखी उसकी यह कहानी,संघर्ष की लौ में जलती है आह्वान।फसलें बोए, सपने रोपे, मन के वीर,हरियाली से भर दे वह वीरान मैदान। बूंद-बूंद में समेटे अमृत सावन के,हवा […] Read more » The story of a farmer - from soil to mind कृषक की गाथा
कविता स्त्रियाँ जो द्रौपदी नहीं बनना चाहतीं June 2, 2025 / June 2, 2025 | Leave a Comment वे स्त्रियाँअब चीरहरण नहीं चाहतीं,ना सभा की नपुंसक दृष्टि,ना कृष्ण का चमत्कारी वस्त्र-प्रदर्शन।वे अब प्रश्न नहीं करतीं —“सभागृह में धर्म कहाँ है?”वे खुद ही धर्म बन चुकी हैं।वे स्त्रियाँन तो द्रौपदी हैं,ना सीता,ना कुंती,वे अपना नाम खुद रखती हैं —कभी विद्रोह,कभी प्रेम,कभी ‘ना’।वे अब अग्निपरीक्षा नहीं देतीं,क्योंकि वे जान चुकी हैं —आग से नहीं,सवालों से […] Read more » स्त्रियाँ जो द्रौपदी नहीं बनना चाहतीं
लेख समाज सात शव और एक सवाल: हम सब कब जागेंगे? May 28, 2025 / May 28, 2025 | Leave a Comment “मरते एक हैं, दोषी हम सब हैं” “मौन अपराध है: पंचकूला की त्रासदी से सीख” “हर आत्महत्या एक पुकार है, क्या हम सुन रहे हैं?” “जब रिश्ते रह गए सिर्फ़ त्योहारों तक” “आर्थिक तंगी से नहीं, सामाजिक बेरुख़ी से मरे वो लोग” सिर्फ़ खबर नहीं थी वो, एक सामूहिक अपराध का दस्तावेज़ थी > “आखिरकार […] Read more » Seven members of a family committed mass suicide in Panchkula
लेख समाज फेसबुक या फूहड़बुक?: डिजिटल अश्लीलता का बढ़ता आतंक और समाज की गिरती संवेदनशीलता May 27, 2025 / May 27, 2025 | Leave a Comment लेखिका: प्रियंका सौरभ जब सोशल मीडिया हमारे जीवन में आया, तो उम्मीद थी कि यह विचारों को जोड़ने, संवाद को मज़बूत करने और जन-जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। लेकिन आज, 2025 में, विशेषकर फेसबुक जैसे मंच पर जिस तरह से अश्लीलता और फूहड़ता का आतंक फैलता जा रहा है, वह न केवल चिंताजनक […] Read more » Facebook or Fuchbook? The growing terror of digital pornography and the falling sensitivity of society फेसबुक या फूहड़बुक
महिला-जगत लेख बदलते युग का नया तमाशा: संस्कारों की सिसकियाँ May 26, 2025 / May 26, 2025 | Leave a Comment (समाज में बदलती नैतिकता, रिश्तों की उलझन और तकनीक के नए असर पर) समाज में अब बेटी की निगरानी नहीं, दादी और सास की होती है। तकनीक और आज़ादी के इस युग में रिश्तों की परिभाषा बदल गई है। जहाँ पहले लड़कियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी, अब वही महिलाएं अपनी आज़ादी के साथ […] Read more » संस्कारों की सिसकियाँ
राजनीति सिन्दूर: अब श्रृंगार ही नहीं, शौर्य का प्रतीक May 18, 2025 / May 22, 2025 | Leave a Comment सिन्दूर, जो कभी सिर्फ वैवाहिक प्रेम का प्रतीक था, आज ऑपरेशन सिंदूर की नायिकाओं वियोमिका और सोफिया की साहसिक कहानियों का प्रतीक बन गया है। ये महिलाएं सिर्फ सजी-धजी मूरतें नहीं, बल्कि अदम्य साहस, बलिदान और नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने न केवल अपने हौसले से दुश्मनों को मात दी, बल्कि यह भी […] Read more » but a symbol of bravery operation sindoor Sindoor: Now not just makeup ऑपरेशन सिंदूर
मीडिया लेख सार्थक पहल सोशल मीडिया पर देह की नुमाइश: सशक्तिकरण या आत्मसम्मान का संकट ? May 16, 2025 / May 16, 2025 | Leave a Comment “लाइक्स की दौड़ में खोती पहचान: नारी सशक्तिकरण का असली मतलब” सोशल मीडिया पर नारी देह का बढ़ता प्रदर्शन क्या वाकई सशक्तिकरण है या महज़ लाइक्स और फॉलोअर्स की होड़? क्या हम सच्ची आज़ादी की ओर बढ़ रहे हैं या एक डिजिटल पिंजरे में कैद हो रहे हैं? क्या आत्मसम्मान की जगह केवल देह की […] Read more » सशक्तिकरण या आत्मसम्मान का संकट सोशल मीडिया पर देह की नुमाइश
खेल जगत मनोरंजन एक युग का अंत: क्रिकेट के महानायकों को सलाम May 13, 2025 / May 13, 2025 | Leave a Comment विराट कोहली और रोहित शर्मा न केवल महान बल्लेबाज़ हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दिल और धड़कन भी हैं। विराट की आक्रामकता और रोहित की क्लासिक बल्लेबाज़ी ने हमें अनगिनत यादें दी हैं। एक युग का अंत, लेकिन उनकी विरासत हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी। सलाम चैंपियंस! विराट कोहली और रोहित शर्मा का भारतीय क्रिकेट […] Read more » विराट कोहली और रोहित शर्मा
राजनीति युद्ध से युद्धविराम तक: भारत-पाक रिश्तों की बदलती तस्वीर May 11, 2025 / May 11, 2025 | Leave a Comment 10 मई 2025 को, भारत और पाकिस्तान ने एक पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की, जो हाल के वर्षों में सबसे गंभीर संघर्ष के बाद हुआ। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सैन्य तनाव बढ़ा था। अमेरिकी राष्ट्रपति की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद, दोनों देशों […] Read more » युद्ध से युद्धविराम तक
लेख माँ का आँचल – प्रेम की छाँव, बलिदान का गीत” May 11, 2025 / May 11, 2025 | Leave a Comment माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन की पहली गुरु, मार्गदर्शिका और सबसे करीबी मित्र है। उसकी ममता जीवनभर हमें सुरक्षा, सुकून और संस्कार देती है। माँ का आशीर्वाद किसी कवच से कम नहीं, जो हर मुश्किल में हमें संबल देता है। मदर्स डे पर उसे सम्मान देना मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके […] Read more » mothers day माँ का आँचल
राजनीति एक था पाकिस्तान: इतिहास के पन्नों में सिमटता सच May 8, 2025 / May 8, 2025 | Leave a Comment सिंदूर की सौगंध: ‘एक था पाकिस्तान’ की गूंज “एक था पाकिस्तान” – ये केवल तीन शब्द नहीं, बल्कि इतिहास की एक गहरी दास्तां है। यह उस विभाजन का प्रतीक है, जिसने दिलों को तोड़ा और घरों को उजाड़ा। लेकिन क्या हमें हमेशा इस नफरत के जाल में फंसे रहना चाहिए? हमें न केवल बाहरी दुश्मनों […] Read more » The truth confined to the pages of history There was once Pakistan: एक था पाकिस्तान: