प्रमोद रंजन

आपकी दिलचस्पी सबाल्टर्न अध्ययन और आधुनिकता के विकास में रही है। ‘साहित्येतिहास का बहुजन पक्ष’, ‘बहुजन साहित्य की प्रस्तावना’, ‘पेरियार के प्रतिनिधि विचार’ और ‘शिमला-डायरी’ उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। रंजन इन दिनों असम विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ लैंग्वेज एंड कल्चरल स्टडीज में प्राध्यापक हैं। संपर्क : +919811884495