विविधा जानने का अधिकार तो दे दिया पर जानने न दिया February 5, 2011 / December 15, 2011 | 2 Comments on जानने का अधिकार तो दे दिया पर जानने न दिया पूजा श्रीवास्तव जी हां, मैं बात कर रही हूं भारत की तीसरी क्रांति के रूप में पहचाने जाने वाले सूचना के अधिकार कानून की स्थिति की……सन् 2005 में सूचना के अधिकार कानून का बनना सुशासन के इतिहास में भले ही एक अहम पन्ना जोडता है पर अगर ये कहा जाए कि ये कानून सफल रहा […] Read more » RTI सूचना का अधिकार
विश्ववार्ता व्यक्ति – चित्र/ पाकिस्तान के उदारवादी चेहरे की मौत February 5, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment सलमान तासीर के व्यक्तित्व पर एक आलेख प्रमोद कुमार बर्णवाल १९४७ में पाकिस्तान के निर्माण के बाद से अब तक सिन्धू नदी मे बहुत सारा पानी बह चुका है लेकिन आम आदमी के विकास के बजाय वहा पर धर्मान्धता और कट्टरता बढती गयी है , जिसका शिकार अभी – अभी वहां के पन्जाब प्रान्त के […] Read more » MODERATE FACE OF pAKISTAN सलमान तासीर
प्रवक्ता न्यूज़ वर्तमान हालात और मीडिया की जिम्मेदारी February 5, 2011 / December 15, 2011 | 2 Comments on वर्तमान हालात और मीडिया की जिम्मेदारी श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’ लोकतंत्र के तीन मुख्य स्तम्भ है विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका और लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में सर्वमान्य तरीके से प्रेस या मीडिया को स्वीकार किया गया है। वर्तमान में अगर हम सारी व्यवस्था पर नजर डालें तो पता चलता है कि लोकतंत्र के इस चौथे स्तमभ ने बाकी तीनों […] Read more » MEDIA"S RESPONSIBILITY IN present scenario मीडिया मीडिया की जिम्मेदारी वर्तमान हालात
प्रवक्ता न्यूज़ नर्मदा कुंभ का होगा निराला आगाज February 5, 2011 / December 15, 2011 | 1 Comment on नर्मदा कुंभ का होगा निराला आगाज विराग पाचपोर, नागपुर (महाराष्ट्र ) माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ में देशभर से संत, महात्माओ एवं प्रबुद्धजनो के अलावा लगभग तीस लाख लोगों के आने की संभावना है। इसकी सुचारू व्यवस्था के लिये हजारों कार्यकर्ता कुंभ में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की व्यवस्था में लगे है । विगत 12,13 व 14 नवम्बर को मंडला में कुंभ के […] Read more » social kumbh of river Narmada माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ
प्रवक्ता न्यूज़ सिनेमा भोजपुरी सिनेमा के पचास साल पर पटना में होगी बहस February 3, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment 16 फरवरी को भोजपुरी सिनेमा के पचास साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर एफएमसीसीए (फाउंडेशन फॉर मीडिया कल्चर एंड सिनेमा अवेयरनेस) पटना में तीन दिनों का भोजपुरी फिल्म और सांस्कृतिक समारोह आयोजित करने जा रहा है। 14, 15 और 16 फरवरी को एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस समारोह […] Read more » 50 years of Bhojpuri cinema भोजपुरी सिनेमा
विविधा भोपाल में अटकी इंदौर की मेट्रो February 3, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment विनोद उपाध्याय देवी अहिल्या की नगरी इंदौर का नाम देश के चुनिंदा 18 पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। शहरवासियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों के लिए भी यह खुश-खबर अवश्य है, जिससे नगर को सँवारने वाली संस्थाओं पर जवाबदारी और बढ़ गई है। इंदौर को प्रारंभिक विकास के दौर में जिन कपड़ा उद्योगों व हस्तशिल्प […] Read more » Bhopal indore metro भोपाल में अटकी इंदौर की मेट्रो
धर्म-अध्यात्म समाज धर्म और समाज में तालमेल जरूरी February 1, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment विमल कुमार सिंह पूर्ण मानव समाज, चाहे वह विश्व के किसी भी कोने में रहता हो, किसी न किसी धार्मिक विश्वास या मान्यता से अवश्य जुड़ा रहा है। यद्यपि कुछ लोग ऐसे भी रहे हैं जो धार्मिक विश्वास के सभी रूपों को नकारने में लगे रहे, परंतु इतिहास के पन्ने पलटने पर हमें ज्ञात होता […] Read more » harmony in society धर्म धर्म और समाज में तालमेल समाज में तालमेल
धर्म-अध्यात्म महिला-जगत ईसाई धर्म और नारी मुक्ति February 1, 2011 / December 15, 2011 | 6 Comments on ईसाई धर्म और नारी मुक्ति प्रो. कुसुमलता केडिया क्रिश्चिएनिटी की जिन मान्यताओं के विरोध में यूरोपीय नारी मुक्ति आंदोलन वीरतापूर्वक खड़ा हुआ, वे मान्यताएं हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म तथा विश्व के सभी धर्मों में कभी थी ही नहीं। यहां तक कि यहूदी धर्म और इस्लाम में भी ये मान्यताएं कभी भी नहीं थीं। भले ही स्त्रियों पर अनेक प्रतिबंध इस्लाम […] Read more » christanity Women's liberation ईसाई धर्म नारी मुक्ति
राजनीति हिंसा न भवति January 30, 2011 / December 15, 2011 | 2 Comments on हिंसा न भवति शाक्त ध्यानी दिग्गी राजा ने संघ पर आरोप लगाया है कि वह सरस्वती विद्या मन्दिरों की शिक्षा में बच्चों को हिंसा का पाठ पढ़ा जाता है। संघ की शिक्षायें कोई इंटरनेट पर चलने वाले गुप्त फतवे नहीं हैं कि जिसके निर्देश पर भविष्य की रणनीति बन रही हो, जिन लोगों को सरस्वती विद्या मंदिरों की […] Read more » no violence हिंसा न भवति
राजनीति कांग्रेसी राजनीति का पतन और डॉ. लोहिया का प्रभाव January 30, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment हरिकृष्ण निगम सन् 1967 के पश्चात् कांग्रेस के प्रभुत्व का ह्रास और स्वातंत्र्योत्तर भारत की राजनीति का प्रथम बड़े स्तर का मोड़ जिन कारणों से आया था उसमें देश के चौथे आम चुनावों के परिणाम सर्वाधिक महत्व के माने जाते हैं। उस परिवर्तन की आंधी लाने वालों में डॉ. राममनोहर लोहिया के निर्विवादित रूप से […] Read more » Fall of Congress politics कांग्रेसी राजनीति का पतन डॉ. लोहिया का प्रभाव
राजनीति वैमनस्य की राजनीति January 29, 2011 / December 15, 2011 | 1 Comment on वैमनस्य की राजनीति अवध किशोर व्यक्तिवाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद, स्वार्थवाद तथा भाई-भतिजावाद इन सभी वादों से बड़ा राष्ट्रवाद है। राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है। इस देश के प्रत्येक नागरिकों के मन और मस्तिष्क में यह बात बैठनी चाहिए, तभी और केवल तभी राष्ट्रवाद बढ़ेगा और अपना राष्ट्र परमवैभव के उच्च शिखर पर प्रतिष्ठापित होगा, कर्तव्य पथ पर निरन्तर चलते हुए कटिले-पथरीले […] Read more » The politics of enmity वैमनस्य की राजनीति
विविधा वर्ष 2011 में क्या मिलेगे यक्ष प्रश्नों के उत्तर? January 29, 2011 / December 15, 2011 | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित समय चलता रहता है वह कभी नहीं रूकता और नहीं किसी यातायात व्यवस्था का इंतजार करता है न ही किसी के भाग्य धर्म, अर्थ और काम की चिंता करता है ।बिना किसी तनाव व अस्वस्थता के वह बराबर चलता रहता है। लेकिन फिर भी समय के अनुसार परिवर्तन होता रहता है। यह समय […] Read more » answer to imp questions in 2011 यक्ष प्रश्नों के उत्तर वर्ष 2011