राजनीति खो गई लालू की लालिमा! January 17, 2011 / December 16, 2011 | 1 Comment on खो गई लालू की लालिमा! श्रीराजेश बिहार और लालू. एक समय में दोनों एक दूसरे के पर्याय माने जाते थे. प्रदेश की राजनीति में बादशाहत कायम करने वाले मसखरे-से भदेस नेता लालू प्रसाद यादव अब खामोश हैं. बीते विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की हुई जबरदस्त हार ने उन्हें हरिनाम याद दिला दिया है. बड़बोले लालू के मुंह बोल फूटते […] Read more » Lalu Prasad Yadav लालू प्रसाद यादव
कविता कविता/ “मगंल पाण्डेय” January 17, 2011 / December 16, 2011 | 1 Comment on कविता/ “मगंल पाण्डेय” जो मरा नहीं अमर है, किताबों में उसका घर है, उसके लिये हमारी आखें नम हैं। जो करा काम कल, शुक्रिया भी कहना कम हैं। क्या हमारे अन्दर इतना दम हैं, दम नहीं तो क्या हम- हम हैं, जो दूसरों के लिये क्या वही कर्म हैं। कोई है जो कहे मगंल पाण्डेय हम हैं, बस […] Read more » poem कविता
सिनेमा समान्तर सिनेमा के प्रभाव की तरह का एक नाटक ‘लाल देद’ January 15, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment प्रमोद कुमार बर्णवाल समान्तर सिनेमा की एक उल्लेखनीय विशेषता चीजों, घटनाओं, स्थितियों, परिस्थितियों, अवस्था और दशा को ठीक उसी तरह से प्रकट करना रहा है जैसा कि वह है। कई बार फिल्मकार कहानी की मांग कहकर वह सब पर्दे पर प्रदर्शित करते रहे हैं जिसका यथार्थ से संबंध नहीं रहा है। फिल्मकारों का आरोप रहा […] Read more » Movie लाल देद सिनेमा
विविधा पराजित विजेता, विजयी विजित January 15, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment -नरसिंह जोशी पानीपत रण संग्राम के 250वें वार्षिक स्मृति दिन 14 जनवरी 2011 पर विशेष भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण लड़ाई जिसे टर्निंग प्वाईंट आफ हिस्ट्री यह कह सकते हैं ऐसी लड़ाई 14 जनवरी 1761 को पानीपत में हुई। मराठा और अफगानिस्तान का अहमदशाह अब्दाली के बीच का यह महाभीषण संग्राम था। देश की […] Read more » Panipat पानीपत
विविधा क्या टूट रहा है राहुल गांधी की लोकप्रियता का जादू January 15, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment प्रदीप चन्द्र पाण्डेय क्या राहुल गांधी की लोकप्रियता का जादू टूट रहा है। कम से कम उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय उनके दौरे से तो यही लगता है कि राहुल अब स्वयं उन युवाओं के बीच ही प्रश्न बनकर उभर रहे हैं जिनके कंधों पर भरोसा कर वे मिशन 2012 फतेह करने का मंसूबा पाले […] Read more » Rahul Gandhi राहुल गांधी
विविधा पराई बुद्धि से स्वकार्य संपन्न नहीं होते January 14, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on पराई बुद्धि से स्वकार्य संपन्न नहीं होते कुसुमलता केडिया कोई भी समाज तब तक स्वस्थ, सबल, स्वाधीन एवं प्रतिष्ठा संपन्न नहीं हो सकता जब तक उसकी सामूहिक बुध्दि जाग्रत एवं प्रदीप्त न हो। उधार की तलवार से लड़ाई तो हो सकती है, परंतु उधारकी बुध्दि से ऐश्वर्य एवं श्री की प्राप्ति असंभव है। पराई बुध्दि से स्वकार्य संपन्न नहीं होते, पराई सेवा […] Read more » Complete बुद्धि
विविधा ये उदारता कहीं ले न डूबे January 14, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on ये उदारता कहीं ले न डूबे विमल कुमार सिंह निश्चित रूप से भारत सनातनी परंपरा का देश है और ‘अतिथि देवो भव’ का संस्कार हमारी रगों में समाया है। पिछली सहस्राब्दियों में हमने अनगिनत समुदायों को अपने यहां प्रश्रय दिया। अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण जब यहूदी और पारसी अपने मूल स्थान पर सताए जा रहे थे तो हमने बाहें फैला […] Read more » Infiltration घुसपैठ
धर्म-अध्यात्म पश्चिम में हिन्दू रीति-रिवाजों से विवाह करवाने की होड़ January 13, 2011 / December 16, 2011 | Leave a Comment हरिकृष्ण निगम भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति-प्राप्त कुछ प्रतिभाओं द्वारा भारतीय रीति-रिवाजों के साथ विवाह करवाने के समाचारों की आज जैसे बाढ़ सी आ गई है। अब तो अमेंरिका में भी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचने की होड़ सी लगती दिखती है। राजसी ठाठ-बाट, पारंपरिक भारतीय व्यंजनों एवं विधि-विधानों और सजावटों […] Read more » Hindu Marrige हिंदू विवाह
धर्म-अध्यात्म भारतीय चिंतन में ब्रह्म निरूपण January 13, 2011 / December 16, 2011 | 1 Comment on भारतीय चिंतन में ब्रह्म निरूपण हृदयनारायण दीक्षित अस्तित्व सुरम्य है। रूपों रहस्यों से भरा-पूरा। यहां रूप के साथ रस, गंध, ध्वनि छन्द का वातायन है। जन्म मृत्यु की आंख मिचौनी है। ऐसा विराट अस्तित्व क्या अकारण है? प्रत्येक कार्य के पहले कारण होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण में कार्य कारण की महत्ता है। ‘श्वेताश्वतर उपनिषद्’ की शुरूवात सृष्टि के बारे में […] Read more » Indian भारतीय
विविधा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद January 12, 2011 / December 16, 2011 | 1 Comment on युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद अवनीश सिंह स्वामी विवेकानंद ने भारत में हिन्दू धर्म का पुनरुद्धार तथा विदेशों में सनातन सत्यों का प्रचार किया। इस कारण वे प्राच्य एवं पाश्चात्य देशों में सर्वत्र समान रूप से श्रद्धा एवं सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं। दुनिया में हिंदू धर्म और भारत की प्रतिष्ठा स्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक हस्ती […] Read more » Swamy Vivekanand स्वामी विवेकानंद
विविधा लोकगायक बालेश्वर: ‘माटी के देहियां माटी में’ January 11, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on लोकगायक बालेश्वर: ‘माटी के देहियां माटी में’ प्रदीप चन्द्र पाण्डेय लोकगायक बालेश्वर को शायद यह पता नहीं था कि ‘ माटी के देहिया माटी में’ जिस गीत को वे डूबकर गाया करते थे उनका भी अंतिम समय इतना करीब आ गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कला प्रेमियों के लिये बालेश्वर का निधन हतप्रभ कर देने वाला है। अरे रे, रे रे […] Read more » Singer लोकगायक बालेसर
विविधा द्रोणाचार्य या चाणक्य? January 11, 2011 / December 16, 2011 | 2 Comments on द्रोणाचार्य या चाणक्य? शशांक शेखर सर्वविदित है कि भारत विविधताओं का देश रहा है। यहाँ गुरु को गोविन्द से ऊपर का स्थान दिया जाता है। भारत सदैव अपने अस्तित्व को महान बनाए रखने के लिए अतीत का सहारा लेता आया है। साथ ही वर्तमान के धुरंधरों को सम्मानित करने के लिए अतीत के महान व्यक्तियों के नाम को […] Read more » Chanakya चाणक्य