द्रोणाचार्य या चाणक्य?

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शशांक शेखर सर्वविदित है कि भारत विविधताओं का देश रहा है। यहाँ गुरु को गोविन्द से ऊपर का स्थान दिया जाता है। भारत सदैव अपने अस्तित्व को महान बनाए रखने के लिए अतीत का सहारा लेता आया है। साथ ही वर्तमान के धुरंधरों को सम्मानित करने के लिए अतीत के महान व्यक्तियों के नाम को… Read more »

चाणक्य की सैन्य नीति अपनाकर ही भारत विश्वशक्ति बनेगा : बक्शी

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भोपाल (हि.स.)। आज भारत की सेना विश्व में दूसरे नंबर पर है। वायुसेना का स्थान चौथा, जल सेना का स्थान पांचवा है। भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की सैन्य शक्ति की तुलना में अपना विशिष्ट स्थान न केवल सामरिक ह्ष्टि से रखती है बल्कि भारतीय सेना के जाबाज युद्ध नीति, कौशल कला के… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान/कांग्रेस के चाणक्य का राजनैतिक सूर्य अस्ताचल की ओर!

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बीसवीं सदी में देश प्रदेश की राजनीति में धूमकेतु की तरह उभरे कांग्रेस के चाणक्य कुंवर अर्जुन सिंह की स्थिति उनके ही चेलों ने बहुत जर्जर करके रख दी है। कल तक जिस राजनैतिक बियावन में अर्जुन सिंह ने गुरू द्रोणाचार्य की भूमिका में आकर अपने अर्जुन रूपी शिष्यों को तलवार चलाना सिखाया उन्ही अर्जुनों… Read more »