विश्ववार्ता पोंपिओ और मेटिस क्या करेंगे ? September 4, 2018 | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपिओ और रक्षा मंत्री जिम मेटिस इस सप्ताह भारत और पाकिस्तान आएंगे। यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगी। भारत को अपना सामरिक भागीदार मानते हुए अमेरिका उसे लगभग सवा लाख करोड़ रु. के हेलिकाॅप्टर भी बेचना चाहता है और भारत पर यह दबाव भी डालना […] Read more » Featured अफगानिस्तान अमेरिका इमरान खान पाकिस्तान पोंपिओ और मेटिस क्या करेंगे ? विदेश मंत्री माइक पोंपिओ सोवियत संघ
गजल मैंने तो सिर्फ आपसे प्यार करना चाहा था September 3, 2018 | Leave a Comment डॉ. रूपेश जैन मैंने तो सिर्फ आपसे प्यार करना चाहा था ख़ाहिश-ए-ख़लीक़ इज़हार करना चाहा था धुएँ सी उड़ा दी आरज़ू पल में यार ने मिरि तिरा इस्तिक़बाल शानदार करना चाहा था भले लोगो की बातें समझ न आईं वक़्त पे मैंने तो हर लम्हा जानदार करना चाहा था तिरे काम आ सकूँ इरादा था बस इतना सा तअल्लुक़ आपसे आबदार करना चाहा था इंतिज़ार क्यूँ करें फ़स्ल-ए-बहाराँ सोचकर चमन ये ‘राहत’ खुशबूदार करना चाहा था Read more » ख़ाहिश-ए-ख़लीक़ फ़स्ल-ए-बहाराँ मैंने तो सिर्फ आपसे प्यार करना चाहा था
कविता कान्हा का धाम September 3, 2018 | Leave a Comment प्रीति सुराना गोकुल कान्हा का धाम न होता। जग में गौ मां का नाम न होता,.. अमृत मंथन से निकली गौ माते, धर्मशास्त्र हैं यह बात बताते। पूजी जाती है गाय युगों से, संस्कृति यही भारत की सदियों से। धर्म में भी ऐसा काम न होता, गोकुल कान्हा का धाम न होता। जग में गौ […] Read more » अमृत मंथन कान्हा का धाम गोकुल संस्कृति
समाज नव वर्ष एक उत्सव July 25, 2018 / July 25, 2018 | Leave a Comment गीता आर्य अलग अलग देशों में विभिन्न प्रकार के उत्सव एवं त्योहार मनाये जाते हैं । त्योहारों का अपना विशेष महत्त्व होता है । त्योहार जहाँ एक ओर हमें खुशी प्रदान करते हैं वहीं दूसरी ओर हम में सामाजिक रूप से एकता का भाव जाग्रत करते हैं । भारत और विश्व में अनेक प्रकार […] Read more » Featured क्रिसमस डे दिवाली देशों और धर्मों नये-नये पकवान बनाना नव वर्ष एक उत्सव पटाखे फोड़ना
कविता रक्तिम – भँवर July 24, 2018 / July 24, 2018 | Leave a Comment रक्तिम – भँवर आलोक पाण्डेय भर – भर आँसू से आँखें , क्या सोच रहे मधुप ह्रदय स्पर्श , क्या सोच रहे काँटों का काठिन्य , या किसी स्फूट कलियों का हर्ष ? मन्द हसित , स्वर्ण पराग सी , विरह में प्रिय का प्रिय आह्वान , या सोच रहे किस- क्रुर प्रहार से छुटा […] Read more » उर निकुंज कुंकुम कुसुम - कलेवर घुँघरू प्रणय के आस बिन्दी रक्तिम - भँवर रोली विलुलित आँचल सब कुछ डूब भँवर जाने दो ; सान्ध्य-रश्मियों का विहार
समाज परिवार का महत्त्व और उसका बदलता स्वरूप July 23, 2018 / July 23, 2018 | Leave a Comment गीता आर्य परिवार व्यक्तियों का वह समूह होता है, जो विवाह और रक्त सम्बन्धों से जुड़ा होता है जिसमें बच्चों का पालन पोषण होता है । परिवार एक स्थायी और सार्वभौमिक संस्था है। किन्तु इसका स्वरूप अलग अलग स्थानों पर भिन्न हो सकता है । पश्चिमी देशों में अधिकांश नाभिकीय परिवार पाये जाते हैं । […] Read more » Featured अहंकार आधुनिकता घमंड नगरीकरण नारी सशक्तिकरण बढ़ता सुखवाद बिना कर्तव्य के अधिकार भारतीय समाज महत्वकांक्षा रोजगार हेतु पलायन स्वार्थवाद
कविता प्रतिध्वनि 2- कलेवर July 12, 2018 / July 12, 2018 | Leave a Comment अनुपम सक्सेना बहुत सी बातें ऐसी होती हैं जो अनकही रह जाती हैं कई प्रश्न ऐसे होते हैं जो अनुत्तरित रह जाते हैं बहुत कुछ पकड़ने की कोशिश में कुछ चीजें छूट जातीं हैं कुछ सच ऐसे होतें हैं जिन पर पर्दा डाल दिया जाता है इन्ही अनकहे अनुत्तरित छूटे हुए सच की मैं प्रतिध्वनि […] Read more » आत्म गौरव आत्मसम्मान और स्वाभिमान प्रतिध्वनि 2- कलेवर फटे कपड़ों बहुत सी बातें
न्यूज़ सावरकर पर पुनर्विचार, कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में आयोजन July 3, 2018 / July 4, 2018 | Leave a Comment नई दिल्ली : स्वतंत्रता सेनानी और हिन्दू विचार धारा के राजनितिक विनायक दामोदर सावरकर के विचारों को राष्टीय मंच देने के लिए सावरकर पर पुनर्विचार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आज शाम 4 : 30 कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में होगा आप सभी आकर इस कार्यक्रम के भागीदारी बने आपको बता […] Read more » कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली सावरकर
विविधा आपातकाल को लेकर जनता को जागरूक रहना चाहिये – हरेन्द्र प्रताप June 28, 2018 / June 28, 2018 | Leave a Comment माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. में आपातकाल प्रसंग पर विमर्श हरेन्द्र प्रताप भोपाल, 26 जून। प्रख्यात चिंतक और विचारक श्री हरेन्द्र प्रताप ने आपातकाल के दर्द को बयां करते हुए कहा कि आज की युवा पीढी को आपातकाल के दौर को याद दिलाने की आवश्यकता है। मैंने प्रत्यक्ष तौर पर आपातकाल […] Read more » Featured आपातकाल जय प्रकाश नारायण पत्रकारों और कार्यकर्ताओं युवाओं लोकतंत्र की रक्षा श्री लाजपत आहूजा संविधान
राजनीति समाज धूल में हवा होती फर्टिलिटी June 25, 2018 / June 25, 2018 | Leave a Comment उमेश कुमार सिंह नई दिल्ली: आजकल धूल भरी हवा व प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है, इसका सीधा असर हमारे जीवन को प्रभावित करता है यही कारण है कि दिल्ली एन सी आर में कई ऐसे कपल्स हैं, जो काफी कोशिशों के बाद भी बच्चा पैदा करने में नाकाम हो रहे हैं। ऐसे […] Read more » Featured कॉपर गर्भपात जहरीले कण जिंक धूल में हवा होती फर्टिलिटी पुरुषों की फर्टिलिटी लेड हवा व प्रदूषण
समाज जीवन जीने की कला है योग June 16, 2018 / June 16, 2018 | Leave a Comment डॉ नीलम महेन्द्र योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले जान लेना आवश्यक है कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आदि काल में इसकी रचना, और वर्तमान समय में इसका ज्ञान एवं इसका प्रसार स्वहित से अधिक सर्व अर्थात सभी के हित को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है।अगर […] Read more » Featured कार्य और विचार जीवन जीने की कला है योग जोश और उत्साह तथा मनुष्य मन संयम और संतुष्टि स्फूर्ति स्वास्थ्य
समाज “करके देखो अच्छा लगता है! June 14, 2018 / June 14, 2018 | Leave a Comment लायन विकास मित्तल दोस्तों विश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष. 10 जून को मनाया जाता है। क्या आप रक्तदान करते है ??? क्या कहा नही ?? ये तो गलत बात है विश्व रक्तदान दिवस मनाने में मजा तभी आयेगा जब सभी लोग 90 दिन के बाद खुद रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक पहुचें।अभी भी जागरुकता की […] Read more » "करके देखो अच्छा लगता है! Featured कैंसर मधुमेह रक्तग्रुप 'AB रक्तदान समाज हृदय रोग