राजनीति जातिगत भेदभाव पर लगेगी लगाम या समाज में बढ़ जाएगी कड़वाहट? यूजीसी के नए नियमों पर क्यों मचा बवाल January 28, 2026 / January 28, 2026 | Leave a Comment यूजीसी के नए नियमों पर क्यों मचा बवाल Read more »
विश्ववार्ता वैश्विक समस्याओं के हल की तलाश January 16, 2026 / January 16, 2026 | Leave a Comment डॉ० मत्स्येन्द्र प्रभाकर भारत इस वर्ष (2026 में) ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और इस कड़ी में इसकी अध्यक्षता सम्भाले है। विश्व परिदृश्य में मंडराते अत्यन्त चुनौतीपूर्ण इस दौर में यह ब्रिक्स का 18वाँ शिखर सम्मेलन होगा जिसकी तिथि अभी तय की जानी है। उम्मीद है कि यह सम्मेलन और इसके जरिये भारत […] Read more » वैश्विक समस्याओं के हल
कविता गांधी पर संगोष्ठी January 14, 2026 / January 14, 2026 | Leave a Comment तीन दिन का भव्य सरकारी सेमिनार चल रहा था। देश के कोने-कोने से आए प्रखर विद्वान,रेशमी Read more » गांधी पर संगोष्ठी
राजनीति विश्ववार्ता पाकिस्तान की राह पर जाता बांग्लादेश भारत के प्रति फैला रहा घृणा January 12, 2026 / January 12, 2026 | Leave a Comment भारत ने इन घटनाओं पर खुलकर चिता जरूर जताई है लेकिन क्या हम लाचार हैं वहां के हिंदू युवकों की हत्या होते देखने के लिए । आखिर क्या कारण है कि वहां अल्पसंख्यक समाज खासकर हिंदू एक से बढ़कर एक वीभत्स अत्याचार और दुर्दांत मौत का शिकार हो रहा है। बांग्लादेश में हिदू आबादी करीब 7 प्रतिशत है। Read more » पाकिस्तान की राह पर जाता बांग्लादेश बांग्लादेश
विश्ववार्ता तलवार की धार पर भारत की विदेश नीति! January 12, 2026 / January 12, 2026 | Leave a Comment डॉ० मत्स्येन्द्र प्रभाकर अमेरिका की ‘दादागीरी’ और दबंगई पुरानी है। यह दुनिया भर में कम से कम सवा सौ साल से चल रही है। इस अवधि में और आक्रामकता आयी है। इसी दौरान दो बार विश्व युद्ध हुए। सोवियत संघ के रूप में दुनिया में दूसरी महाशक्ति बनी तथा उसका पराभव हुआ। कालान्तर […] Read more » भारत की विदेश नीति
समाज सार्थक पहल आनंदमय विद्यालय निर्माण के लिए सामूहिक चेतना आवश्यक January 7, 2026 / January 7, 2026 | Leave a Comment प्राथमिक विद्यालय से लेकर संकुल और बीआरसी स्तर तक काम किया है। इन वर्षों में विद्यालय को लेकर शिक्षक, विद्यार्थी, समाज और अधिकारी वर्ग की दृष्टि, सोच एवं कल्पना को समझने का अवसर मिला। इनमें से प्रत्येक वर्ग विद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है। किंतु, विद्यालय बेहतर बनाने की दृष्टि, कल्पना एवं कार्य योजना अलग-अलग हैं। Read more » आनंदमय विद्यालय
विश्ववार्ता मादुरो का साथ देकर ट्रंप से यूं ही नहीं टकरा रहे हैं रूस और चीन, जरा समझिये January 6, 2026 / January 6, 2026 | Leave a Comment रूस और चीन अमेरिकी एकाधिकार को तोड़ना चाहते हैं। वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार और आर्थिक संभावनाओं से उन्हें दीर्घकालिक लाभ दिखता है। डॉलर आधारित प्रतिबंधों के विकल्प खड़े करने की उनकी कोशिशें, वेनेज़ुएला जैसे मामलों से मज़बूत होती हैं। Read more » मादुरो
व्यंग्य कुत्तों की गिनती January 6, 2026 / January 6, 2026 | Leave a Comment दरअसल कुत्तों को लेकर हमारा समाज दो धड़ों में बंटा हुआ है। पहली श्रेणी वाले लोग किसी भी तरह के कुत्तों से बचना चाहते हैं जबकि दूसरी श्रेणी में आने वाले लोग आवारा कुत्तों तक को बचाने के लिए उनके प्रवक्ता बनकर आंदोलन पर उतर आते हैं। कुछ लोगों के लिए उनका कुत्ता ब्रूनो, टॉमी या शेरु होता है - क्यूट, लविंग, केयरिंग और इंटेलीजेंट। Read more » कुत्तों की गिनती
लेख कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज December 31, 2025 / December 31, 2025 | Leave a Comment मनोज बिसारिया सर्दियाँ शुरु होते ही सरकार रैन-बसेरों की व्यवस्था में लग जाती है। कहीं सरकारी ख़र्च पर अलाव जलाए जाते हैं तो कहीं संस्थाओं द्वारा कंबल बांटे जाते हैं। ऐसा लगभग हर साल होता है लेकिन ये भी सच है कि बावजूद इसके बहुत -से लोगों को ख़ुले आसमां तले सोना ही पड़ता है। […] Read more » कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज
कविता शोक-सभा के कौए December 30, 2025 / December 30, 2025 | Leave a Comment काले पंख फैलाए Read more » शोक-सभा के कौए
पर्यावरण लेख अरावली: जनता के दबाव में झुकी सरकार, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है December 29, 2025 / December 29, 2025 | Leave a Comment अरावली वही क्षेत्र मानी जाएगी जिसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। इस फैसले के बाद यह डर पैदा हुआ कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा। ऐसा होने पर वहां खनन और रियल-एस्टेट जैसी गतिविधियां करने, अरावली की हत्या करने के लिए रास्ता खुल जाएगा। Read more » अरावली
कविता निष्फल मुस्कान December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment ——————— “सोच की अनुपस्थिति जब ओठों पर टिक जाती है, तो हँसी— हृदय की नहीं, खालीपन की भाषा बन जाती है। विचारहीन मुस्कान आईने में चमकती है, पर आत्मा के भीतर अंधेरे का विस्तार करती है। जो प्रश्न नहीं पूछता, जो पीड़ा पर ठहरकर मनन नहीं करता— वह जीते हुए भी जीवन से अनुपस्थित रहता […] Read more » निष्फल मुस्कान