बच्चों का पन्ना समाज बाल श्रम के कलंक से मुक्ति कब? January 6, 2016 | Leave a Comment स्निग्धा श्रीवास्तव मैं उसका नाम नहीं जानती। लेकिन अकसर अपने घर से मेट्रो तक आने-जाने के दौरान उसे सड़कों से पालीथिन, कागज, प्लास्टिक और लोहे के टुकड़ों को बीनते देखती हूं। अगर हम अपने आसपास नजर दौड़ाएं, तो रेस्टोरेंट, ढाबों, दुकानों और अन्य जगहों पर बच्चे काम करते हुए मिल जाएंगे। चौदह साल से कम […] Read more » child labour Featured when to end child labour बाल श्रम के कलंक से मुक्ति
प्रवक्ता न्यूज़ ‘साहित्य में भारतीयता की अवधारणा’ विषय पर 10 जनवरी को विश्व पुस्तक मेला में संगोष्ठी January 6, 2016 / January 7, 2016 | Leave a Comment प्रवक्ता.कॉम और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित ‘साहित्य में भारतीयता की अवधारणा’ विषयक संगोष्ठी और श्री शाहज़ाद फिरदौस द्वारा लिखित व सूर्यास्त्र द्वारा प्रकाशित उपन्यास ‘व्यास’ के लोकार्पण में आप सादर आमंत्रित हैं ! रविवार, 10 जनवरी 2016 – अपराह्न 2:30 बजे से 4:00 बजे विश्व पुस्तक मेला, हाॅल नं. 8, प्रगति […] Read more » Featured
जन-जागरण विविधा आंतक के साए में रहा पंजाब January 5, 2016 | 1 Comment on आंतक के साए में रहा पंजाब अवनीश सिंह भदौरिया पंजाब में पिछले कई वर्षों से आतंकी हमले होते आ रहे हैं। पांच माह पहले गुरदासपुर जिले के दीनानगर थाने पर आतंकी हमला शायद ही कोई भारतीय भूला हो? अब फिर उन्हीं घटनाओं की पुनरावृत्ति करते हुए सीमापार से आए सेना की वर्दी में आतंकियों ने पठानकोट एयरफोर्स बेस को निशाना बनाने […] Read more » Featured Punjab in the shadow of terrorism आंतक के साए में रहा पंजाब
राजनीति किस ओर बढता बिहार? January 4, 2016 | Leave a Comment सुप्रिया सिंह विकास के नाम पर शुरु हुई बिहार की चुनाव यात्रा जैसे – जैसे आगे बढी वैसे –वैसे इस यात्रा ने अपना मार्ग बदलकर बयानी यात्रा का ऐसा मार्ग चुना जिसकी कल्पना भी नहीं की जा रही थी। और ऐसे-ऐसे उदाहरण देखने को मिले जो किसी भी चुनाव मे देखने को नहीं मिले थें। […] Read more » bihar is going which way Featured किस ओर बढता बिहार?
विविधा चिंताजनक है सैनिकों में बढ़ता अवसाद January 3, 2016 | Leave a Comment लक्ष्मन शर्मा इसी वर्ष सितंबर महीने में हिसार की सैनिक छावनी की बैरक में केरल निवासी 33 वर्षीय दिलीप कुमार ने फांसी का फंदा लगाकर आत्म हत्या कर ली। हत्या का कारण पहली जांच में परिवार से दूर रहने के कारण उपजा अवसाद बताया गया। भिंड के एसडीएम बीबी अग्निहोत्री के आवास पर तैनात पूर्व […] Read more » Featured increasing depression in soldiers चिंताजनक है सैनिकों में बढ़ता अवसाद सैनिकों में बढ़ता अवसाद
जन-जागरण विविधा भारत में इस्लामिक स्टेट का फैलता जाल December 27, 2015 / December 27, 2015 | 1 Comment on भारत में इस्लामिक स्टेट का फैलता जाल अविनाश सिंह भदौरिया नागपुर एयरपोर्ट से महाराष्ट्र एटीएस और तेलंगाना पुलिस के साझा ऑपरेशन में तीन ऐसे छात्र गिरफ्तार किए गए जिन पर आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने का संदेह है। कहा तो यह जा रहा है कि ये आईएसआईएस में शामिल होने जा रहे थे। पकड़े गए तीनों संदिग्ध हैदराबाद में अंतिम वर्ष […] Read more » Featured इस्लामिक स्टेट का फैलता जाल भारत में इस्लामिक स्टेट भारत में इस्लामिक स्टेट का फैलता जाल
राजनीति लाहौर: मोदी का जबर्दस्त जुआ December 27, 2015 | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लाहौर पहुंचकर चमत्कारी काम किया है। वे गए थे, रुस और अफगानिस्तान अब पाकिस्तान भी उन यात्राओं में जुड़ गया। इन तीन देशों की एक साथ यात्रा आज तक किसी भी नेता ने कभी नहीं की! भारत, रुस, अफगानिस्तान और पाकिस्तान की बात जाने दीजिए, किसी अमेरिकी या यूरोपीय नेता […] Read more » Featured मोदी का जबर्दस्त जुआ लाहौर
मीडिया विविधा सार्थक पहल “काये मेडम जो टूटर का होत ?” December 26, 2015 | 3 Comments on “काये मेडम जो टूटर का होत ?” कीर्ति दीक्षित “काये मेडम जो टूटर का होतकि ? सुनत हैं इसे पिरधान मंत्री लौ सुन लेत ?” पिछले दिनों बुंदेलखंड के गाँव में कुछ खबरें कवर करने गई हुई थी l किसानों से बात कर ही रही थी कि पीछे से आये इस सवाल ने मेरे ध्यान को उस तरफ खीचा , मैंने […] Read more » “काये मेडम जो टूटर का होत ?” Featured
कविता व्यंग्य प्रेमिका के साइड इफेक्ट्स December 19, 2015 | Leave a Comment प्रशांत मिश्रा ओ मेरी प्रिय संगिनी,अष्ट भुजंगिनी,लड़ाकू दंगिनी, नमन करता हूँ तुमको अपने ह्रदय के अंतर्मन से, और खुदको समर्पित करता हूँ तुम्हे अपने तन मन से, मत मारी गयी थी मेरी जब तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव दिया था, और किस मनहूस घडी में तुमने वो स्वीकार किया था, मेरे दोस्त मुझे जोरू का […] Read more » Featured प्रेमिका के साइड इफेक्ट्स
कविता साहित्य मै एक महिला हूँ ?? December 19, 2015 | Leave a Comment बचपन की आनाकानी में, या हो बेबस जवानी में। लुटती हर वक्त है वो, कश्मीर चाहे कन्याकुमारी में। यूँ तो वह माँ होती हैं, या होती है बहन किसी की, निकलती है जब दुनिया देखने, बन जाती हैं हवस किसी की। पुरुष प्रधान इस देश की, बस इतनी यहीं कहानी हैं, लालन के लिये माँ […] Read more » Featured poem on women मै एक महिला हूँ ??
व्यंग्य साहित्य क्यों रें अज्जू!!! December 15, 2015 | Leave a Comment क्यों रें अज्जू!!! क्या हो रिया हैं आजकल । अज्जू- कुछ नहीं हो रिया यार पीके,बस फेसबुकिया बन एक दुसरे को गरिया रहै हैं । पीके- गरिया रहै हो??किसे गरिया रहै हो बे! तुम कब से गरियाना शुरूकर दिये हो!! अरे कुछ नहीं भाई बस ऐसे ही अब जकरबर्ग ने फेसबुकिया बनाई है तो बकैती […] Read more » क्यों रें अज्जू!!!
मीडिया इंटर्नशिप का कहर December 14, 2015 | Leave a Comment कालेज के सेमेस्टर खत्म होने से पहले ही सभी को इंटर्न की चिंता होने लगती है। फिर चाहे वह किसी भी क्षेत्र का विद्यार्थी हो उसे इंटर्न की चिंता सताने लगती है। सेमेस्टर के अंतिम दिनों में जब परीक्षा का भूत हमारे सर पर सवार होता है तो ऐसे में इंटर्न का भी आतंक हमें […] Read more » इंटर्नशिप का कहर