श्रीराम तिवारी

लेखक जनवादी साहित्यकार, ट्रेड यूनियन संगठक एवं वामपंथी कार्यकर्ता हैं। पता: १४- डी /एस-४, स्कीम -७८, {अरण्य} विजयनगर, इंदौर, एम. पी.

भारतीय विपक्ष नकारात्मकता और हिंदुत्व विरोध की जुड़वाँ राजनीति का शिकार हो रहा है !

 संसद में  कालधन,धर्मांतरण और रेप की घटनाओं पर  वामपंथी सांसदों की  विद्व्त्ता पूर्ण तार्किक – तकरीरें, मुलायमसिंह की पैंतरेबाजी , ममता

यदि इस दक्षेश सम्मलेन का यही एजेंडा था -तो देश को विश्वाश में क्यों नहीं लिया गया ?

 इससे पहले कि  काठमांडू में सम्पन्न दक्षेस शिखर सम्मेलन  में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक

सरदार पटेल बनाम पंडित नेहरू का तुलनात्मक विमर्श देशभक्तिपूर्ण नहीं है।

नदियों-झरनों का कल-कल संगीत ,पंछिओं -पखेरुओं का कलरव गान ,प्राकृतिक सौंदर्य बोध का रसास्वादन करने के लिए न केवल

जो कभी ‘संघम शरणम गच्छामि’ हुआ करते थे वे अब सभी मोदी शरणम गच्छामि हो रहे हैं !

संसार की सभी सभ्यताओं में -धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों में अंतर्निहित कुछ ऐंसे तत्व भी