अमेरिका में क्यों है इतनी हिंसक मानसिकता?

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ललित गर्ग आधुनिक सभ्यता की सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि यहां हिंसा इतनी सहज बन गयी है कि हर बात का जवाब सिर्फ हिंसा की भाषा में ही दिया जाता है। देश एवं दुनिया में हिंसा का परिवेश इतना मजबूत हो गया है कि आज अपने ही घर में हम इतने असुरक्षित हो गए… Read more »

‘भगवान के घर’ में वामपंथ का आतंक

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केरल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर वामपंथियों के हमले बढ़े, अब तक 300से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या   – लोकेन्द्र सिंह ‘ईश्वर का अपना घर’ कहा जाने वाला प्राकृतिक संपदा से सम्पन्न प्रदेश केरल लाल आतंक की चपेट में है। प्रदेश में लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी… Read more »

अनुशासन की आड़ में कहीं शोषण तो नहीं

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भ्रष्टाचार जिसकी जड़ें इस देश को भीतर से खोखला कर रही हैं उससे यह देश कैसे लड़ेगा ? यह बात सही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काफी अरसे बाद इस देश के बच्चे बूढ़े जवान तक में एक उम्मीद जगाई है। इस देश का आम आदमी भ्रष्टाचार और सिस्टम के आगे हार कर उसे… Read more »

कुछ टोटके :-

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शनिवार की शाम को भोजपत्र पर लाल चंदन से किरायेदार का नाम लिखकर शहद में डुबो दें। संभव हो, तो यह क्रिया शनिश्चरी अमावस्या को करें। कुछ ही दिनों में किरायेदार घर खाली कर देगा। ध्यान रहे, यह क्रिया करते समय कोई टोके नहीं।

सूखा और तद्जनित सामाजिक समस्याएं

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शैलेन्द्र चौहान वर्तमान में महाराष्ट्र का एक बड़ा हिस्सा भयानक सूखे की चपेट में है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। महाराष्ट्र समेत देश के कई ऐसे राज्य हैं जो कि सूखे की चपेट में हैं। इनकी संख्या बारह बताई जाती है। आम भाषा में सूखे का अर्थ पानी की कमी है।… Read more »

पुत्तिंगल मंदिर : ये हादसा है या लापरवाही

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सुरेश हिंदुस्थानी केरल के कोल्लम जिले के पुतिंगल मंदिर पर लगी आग के बाद फिर से वैसे ही सवाल उठने लगे हैं, जैसे कि हर घटना के बाद उठते हैं। प्रशासन ने भले ही अनुमति नहीं होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे का प्रयास किया हो, लेकिन यह बात भी प्रशासन की… Read more »

शराबियों को कौन रोकेगा?

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सुरा एवं सुंदरी दो चीजें अनादी काल से राजा-महाराजा व धनपतियों के लिए मनोरंजन का सर्वोतम साधन रहा है| मदिरा ने घनानंद जैसे शक्तिशाली राजा को भी अंपने नशे में इतना चूर कर दिया की वह सबकुछ खो बैठा| खैर ये सब तो इतिहास की ज्ञात हकीकत है की शराब पहले अहंकार को जन्म देती… Read more »

मेरा खुला पत्र

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अमित राजपूत हाल ही में दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में हुई घटना को देखते हुए मेरा अनुमान है कि इस राष्ट्रविरोधी घटना के तार निश्चित रूप से हाफ़िज सईद से जुड़े हुए हैं। इससे पहले, जो छात्र इस घटना के सूत्रधार हैं उसके मास्टरमाइण्ड और अगुवा जिन्होने कुछ अतिमहत्वाकांक्षी और निरा स्वार्थी कथित… Read more »

बेपर्दा हाती शैक्षिक संस्थाएं

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संदर्भःतमिलनाडू की मेडिकल छात्राओं की आत्महत्या- प्रमोद भार्गव केंद्रिय विश्वविद्यालय हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या से उपजे आक्रोश का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि तमिलनाडू के प्राकृतिक शिक्षा एवं योग महाविद्यालय की तीन छात्राओं द्वारा एक साथ आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आ गया। इसके साथ ही कोटा से… Read more »

मैं बुंदेलखंड बोल रहा हूँ

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रवि उपाध्याय/अतुल मोहन सिंह “बेदम, बदनसीब, बीहड़ और अब बंजर में तब्दील हो चके बुंदेलखंड की यही किस्मत है. न जाते कितने ही बाग़ी और रहनुमाओं को ख़त्म होते देख चुके बुन्देली माटी के बाशिंदे अब उपेक्षा का स्यापा नहीं करते बल्कि अपने हालात को नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं कभी अतिवृष्टि कभी ओलावृष्टि… Read more »