श्रीराम तिवारी

लेखक जनवादी साहित्यकार, ट्रेड यूनियन संगठक एवं वामपंथी कार्यकर्ता हैं। पता: १४- डी /एस-४, स्कीम -७८, {अरण्य} विजयनगर, इंदौर, एम. पी.

जानिए, चीन विश्व शक्ति का दूसरा ध्रुव कैसे बना

-श्रीराम तिवारी- भारत के  स्वनामधन्य  एवं तथाकथित परम  देशभक्त – घोषित यायावर प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी  की अद्द्यतन  चीन यात्रा से

भाजपा-रूपी चौबे कहीं छब्बे बनने के चक्कर में दुब्बे ही न रह जाएं!

-श्रीराम तिवारी- हिंदूवादी होने का स्वांग भरने वाली राजनैतिक पार्टियां और उनके हमदर्द उत्तर प्रदेश के रामपुर धर्मांतरण-काण्ड

क्या वे नहीं जानते कि:- बोली एक अमोल है ,जो कोई बोले जान?

 केन्द्रीय  मंत्री गिरिराज सिंह और उनके जैसे अन्य अपरिपक्व  भाजपा नेताओं  के  रंगभेदवादी और नस्लवादी वयानों से उन 

मुक्ति संग्राम में मेरा, अपने इष्ट से मिलन हो गया

अमर शहीद-भगतसिंह -राजगुरु -सुखदेव की शहादत को चिरस्मरणीय बनाते हुए-काव्यात्मक श्रद्धाँजलि ! मुक्ति संग्राम में

नकारात्मक संघर्ष पर टिकी बिहार की डर्टी पॉलिटिक्स का यही असली रूप रंग है

  अभीअभी निवृत्त हुए याने भूतपूर्व हुए बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम माझी का पटना में

सत्तारूढ़ नेतत्व की नादानी के कारण भारत चौतरफा संकट से घिर चुका है।

     अमेरिका में  न केवल ‘ अश्वेतों ‘ पर बल्कि प्रवासी भारतीयों -हिन्दू ,सिख  मुस्लिमों  पर भी आये दिन  नस्ली

अण्णा हजारे : राजनैतिक बन्दूक के खाली कारतूस से ज्यादा कुछ नहीं

आर्थिक उदारीकरण और बाजारीकरण की नयी नीतियों के   प्रारम्भिक दौर में भी जब नरसिम्हाराव और मनमोहनसिंह