धर्म-अध्यात्म

ईश्वर सदा-सर्वदा सबको प्राप्त है किन्तु सदोष अन्तःकरण में उसकी प्रतीती नहीं होती

–मनमोहन कुमार आर्य                वैदिक सिद्धान्त है कि संसार में ईश्वर, जीव और प्रकृति तीन…

यदि सभी मनुष्य विवेकयुक्त होते तो वेद और सत्यार्थप्रकाश सर्वमान्य धर्मग्रन्थ होते

-मनमोहन कुमार आर्य                संसार में तीन अनादि सत्तायें वा पदार्थ हैं जो ईश्वर, जीव…

गुरुकुल न होते वेद और शास्त्रों की रक्षा सहित धर्म रक्षा होनी सम्भव नहीं थी

-मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य के जीवन में शरीर और आत्मा दोनों का महत्व होता…

“आर्यसमाज की स्थापना की पृष्ठभूमि एवं गुरुकुल स्थापना सहित इसके कुछ प्रमुख कार्य”

मनमोहन कुमार आर्य                सृष्टि के आरम्भ से महाभारत युद्ध पर्यन्त ईश्वर प्रदत्त ज्ञान वेद…

महान् व्यक्तित्व के रूप में प्रतिष्ठित ऋषि दयानन्द के भक्त स्वामी श्रद्धानन्द जी

-मनमोहन कुमार आर्य                महान् व्यक्तित्व के धनी स्वामी श्रद्धानन्द जी (पूर्व आश्रम का नाम…