धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द, सत्यार्थ प्रकाश और आर्यसमाज मुझे क्यों प्रिय हैं? October 20, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment सृष्टि के आरम्भ से लेकर अद्यावधि संसार में अनेक महापुरूष हुए हैं। उनमें से अनेकों ने अनेक ग्रन्थ लिखे हैं या फिर उनके शिष्यों ने उनकी शिक्षाओं का संग्रह कर उसे ग्रन्थ के रूप में संकलित किया है। हम उत्तम महान पुरूष को प्राप्त करने के लिए निकले तो हमें आदर्श महापुरूष के रूप में […] Read more » Featured आर्यसमाज महर्षि दयानन्द सत्यार्थ-प्रकाश
धर्म-अध्यात्म न्यायकारी व दयालु ईश्वर कभी किसी का कोई पाप क्षमा नहीं करता। October 20, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य संसार में दो प्रकार के पदार्थ हैं, चेतन व जड़ पदार्थ। चेतन पदार्थ भी दो हैं एक ईश्वर व दूसरा जीवात्मा। ईश्वर संख्या में केवल एक हैं जबकि जीवात्मायें संख्या में अनन्त हैं। ईश्वर के ज्ञान में जीवात्माओं की संख्या सीमित है परन्तु अल्पज्ञ जीवात्माओं की अल्प शक्ति होने के कारण वह […] Read more » Featured
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वेदों में निषेध है मांसाहार व पशुबलि October 17, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के गो मांस को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बीफ विवाद में कूद पड़ने से यह मुद्दा चुनाव के महत्वपूर्ण मामलों से भटककर बिहार विधानसभा चुनाव का मुख्य मुद्दा बन गया […] Read more » Featured पशुबलि मांसाहार वेदों में निषेध है वेदों में निषेध है मांसाहार व पशुबलि
धर्म-अध्यात्म असत्य धार्मिक मान्यताओं का खण्डन आवश्यक October 16, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ‘माता-पिता, आचार्य, चिकित्सक व किसान आदि की तरह धर्म प्रचारक का असत्य धार्मिक मान्यताओं का खण्डन आवश्यक’ खण्डन किसी बात को स्वीकार न कर उसका दोष दर्शन कराने व तर्क व युक्तियों सहित मान्य प्रमाणों को उस मान्यता व विचार को खण्डित व अस्वीकार करने को कहते हैं। हम सब जानते हैं कि सत्य एक […] Read more » Featured असत्य धार्मिक मान्यताओं का खण्डन आवश्यक
धर्म-अध्यात्म विविधा अखण्ड सत्तास्वरूपा विश्वमयी चेतना अदिति October 16, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” परमेश्वर के तीनों ही लिंगों में नाम हैं । स्वामी दयानन्द सरस्वती ने सत्यार्थ प्रकाश के प्रथम सम्मुल्लास में कहा है कि, जितने ‘देव’ शब्द के अर्थ लिखे हाँ उतने ही ‘देवी’ शब्द के भी हैं l परमेश्वर के तीनों लिंगों में नाम हैं , जैसे – ब्रह्म चितिश्वरेश्चेति l जब ईश्वर का […] Read more » Featured अखण्ड सत्तास्वरूपा विश्वमयी चेतना अदिति
धर्म-अध्यात्म विविधा हम शास्त्रार्थ से सत्यार्थ, यथार्थ और तथ्यार्थ के उपासक बनें October 16, 2015 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment इस्लाम का दुष्प्रभाव इस्लाम ने भारत में पदार्पण किया तो उसने भारत की प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर और ऐतिहासिक संपदा को विनष्ट करने में किसी प्रकार की कमी नही छोड़ी। उसने भारत पर अपने आतंक और अत्याचारों की काली छाया डालकर ‘मां भारती’ के वैभव को पूर्णत: मिटाने का प्रयास किया। इस प्रकार भारत पर इस्लाम […] Read more » Featured यथार्थ और तथ्यार्थ के उपासक बनें हम शास्त्रार्थ से सत्यार्थ
धर्म-अध्यात्म ईश्वर, माता-पिता, आचार्य, वायु, जल व अन्न आदि देवताओं का ऋणी मनुष्य October 15, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य इस संसार में पूर्व जन्म के प्रारब्ध को लेकर जन्म लेता है। माता-पिता सन्तान को जन्म देने व पालन करने वाले होने से सभी सन्तानें इन दो चेतन मूर्तिमान देवताओं की ऋणी हैं। माता अपनी सन्तान को दस महीनों तक गर्भ में रखकर उसे जन्म देने योग्य बनाती है, इससे उसे […] Read more » Featured अन्न आचार्य ईश्वर जल देवताओं का ऋणी मनुष्य माता पिता वायु
धर्म-अध्यात्म यज्ञ क्या होता है और कैसे किया जाता है? October 14, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कार्य वा कर्म को कहते हैं। आजकल यज्ञ शब्द अग्निहोत्र, हवन वा देवयज्ञ के लिए रूढ़ हो गया है। अतः पहले अग्निहोत्र वा देवयज्ञ पर विचार करते हैं। अग्निहोत्र में प्रयुक्त अग्नि शब्द सर्वज्ञात है। होत्र वह प्रक्रिया है जिसमें अग्नि में आहुत किये जाने वाले चार प्रकार के द्रव्यों […] Read more » Featured यज्ञ यज्ञ कैसे किया जाता है यज्ञ क्या होता है
धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार नवरात्रों में दूर करें अपने घर के वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता October 14, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment नवरात्रों में मां दुर्गा की पूजा का सही विधान, सही दिशा एवं पूजा रूम की सजावट के साथ एक और महत्वपूर्ण पक्ष भी है जिसका ध्यान रखना जरूरी है। और वह है घर का साफ़-सुथरा होना व चीज़ों का सही स्थान पर रखा होना। इस बारे में बता रहे हैं वास्तुशास्त्री प्रसाद कुलकर्णी सीईओ […] Read more » Featured वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता
धर्म-अध्यात्म सार्थक करें नवरात्रि October 13, 2015 by डॉ. दीपक आचार्य | Leave a Comment शक्ति उपासना की दृष्टि से नवरात्रि काल सर्वाधिक उपयुक्त समय है जिसमें थोड़ी सी देवी पूजा करने मात्र से अधिकाधिक फल प्राप्त होता है। नवरात्रि में साधना के दो आयाम देखने को मिलते हैं – वैयक्तिक और सामूहिक। वैयक्तिक साधना में एकान्त और एकाग्रता की आवश्यकता है जबकि सामूहिक साधना में आराधना का मिश्रित और […] Read more » सार्थक करें नवरात्रि
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार विविधा नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना धर्मशास्त्रानुसार कैसे करें ? October 13, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रोत्सव आरंभ होता है । इस वर्ष नवरात्रोत्सव १३ अक्टूबर, २०१५ से आरंभ हो रहा है । इस काल में नवरात्रोत्सव में घटस्थापना करते हैं । अखंड दीप के माध्यम से नौ दिन श्री दुर्गादेवी की पूजा करना अर्थात नवरात्रोत्सव मनाना । नवरात्रि के काल में श्री दुर्गादेवी का तत्त्व अधिक […] Read more » Featured नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना
धर्म-अध्यात्म ज्ञान-ध्यान के बिना ईश्वर प्राप्त नहीं होता October 13, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment वेदादि ग्रन्थों के अध्ययन, तर्क, विवेचना और सम्यक् ज्ञान-ध्यान के बिना ईश्वर प्राप्त नहीं होता’ मनमोहन कुमार आर्य संसार में किसी भी वस्तु का ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसे देखकर व विचार कर कुछ-कुछ जाना जा सकता है। अधिक ज्ञान के लिये हमें उससे सम्बन्धित प्रामाणिक विद्वानों व उससे सम्बन्धित साहित्य की शरण लेनी […] Read more » Featured ज्ञान-ध्यान के बिना ईश्वर प्राप्त नहीं होता