धर्म-अध्यात्म कर्तव्य पालन व परोपकार सहित कामनाओं की पूर्ति यज्ञ से होती है January 28, 2021 / January 28, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसके द्वारा हर क्षण वायु को प्रदूषित किया जाता है। वायु ही नहीं अपितु मनुष्य जिस स्थान पर रहता वहां भी अस्वच्छता व अपवित्रता उत्पन्न होती रहती है जिसे अनेक प्रकार से स्वच्छ व पवित्र किया जाता है। वायु मुख्यतः मनुष्य के श्वास लेने से अपवित्र होती है। […] Read more » including duty and benevolence Yajna is fulfilled by the duties यज्ञ
धर्म-अध्यात्म सन्ध्या व देवयज्ञ कर मनुष्य जीवन को शुद्ध व पवित्र बनाना चाहिये January 25, 2021 / January 25, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य का जीवन शुद्ध व पवित्र होना चाहिये। शुद्ध एवं पवित्र जीवन के अनेक लाभ होते हैं। इससे आत्मा आस्तिक, बलवान तथा शुभ कर्मों को करने में प्रवृत्त होने के साथ अशुभ व पाप कर्मों को करने से दूर भी होता है। मनुष्य जीवन हमें परमात्मा से प्राप्त हुआ है जो स्वयं में […] Read more » People should make pure and pure life by making evening and devotion सन्ध्या व देवयज्ञ
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने ऋषि परम्परा का निर्वहन करते हुए वेद परम्पराओं को पुनर्जीवित किया January 23, 2021 / January 23, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यआदि काल से महाभारत काल तक देश देशान्तर में ईश्वरीय ज्ञान वेदों का प्रचार था। वेद सृष्टि की आदि में ईश्वर द्वारा मनुष्यों को प्रेरित व प्राप्त ज्ञान है। वेद सब सत्य विद्याओं से युक्त हैं जिससे मनुष्य की सर्वांगीण उन्नति होती है। ईश्वर, जीवात्मा तथा सृष्टि की उत्पत्ति, सृष्टि उत्पत्ति के प्रयोजन, […] Read more » ऋषि दयानन्द ऋषि परम्परा का निर्वहन वेद परम्पराओं को पुनर्जीवित
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि तथा दुर्गुणों को दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिये January 22, 2021 / January 22, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यहमें मनुष्य जीवन परमात्मा से मिला है। परमात्मा ने ही जीवात्माओं के लिए इस सृष्टि को उत्पन्न किया है। हम जो सूर्य, चन्द्र, पृथिवी तथा आकाश में में तेजस्वी नक्षत्रों को देखते हैं उन सबको सर्वव्यापक, सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान तथा सच्चिदानन्दस्वरूप परमात्मा ने ही सृष्टि के आदिकाल में उत्पन्न किया था। ईश्वर अनादि तथा […] Read more » परमात्मा परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि तथा दुर्गुणों को दूर करने की प्रार्थना
धर्म-अध्यात्म सत्यार्थप्रकाश से वेदों के महत्व तथा मत-मतान्तरों की अविद्या का ज्ञान होता है January 22, 2021 / January 22, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को यह ज्ञान नहीं होता है कि उसके लिये क्या आवश्यक एवं उचित है जिसे करके वह अपने जीवन को सुखी व दुःखों से रहित बना सके। मनुष्य जीवन के सभी पक्षों का ज्ञान हमें केवल वैदिक साहित्य का अध्ययन करने से ही होता है। वेद विद्या से युक्त तथा अविद्या […] Read more » सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने ईश्वर के सत्यस्वरूप को जानना सरल बना दिया January 22, 2021 / January 22, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में जानने योग्य यदि सबसे अधिक मूल्यवान कोई सत्ता व पदार्थ हैं तो वह ईश्वर व जीवात्मा हैं। ईश्वर के विषय में आज भी प्रायः समस्त धार्मिक जगत पूर्ण ज्ञान की स्थिति में नहीं है। सभी मतों में ईश्वर व जीवात्मा के सत्यस्वरूप को लेकर भ्रान्तियां हैं। कुछ मत ईश्वर को मनुष्यों […] Read more » Sage Dayanand made it easy to know the truth of God ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म दुःखों से रक्षार्थ सत्य को धारण करने की प्रेरणा करता है January 18, 2021 / January 18, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का जो ज्ञान होता है वह सत्य व असत्य दो कोटि का होता है। मनुष्य के कर्म भी दो कोटि यथा सत्य व असत्य स्वरूप वाले हाते हैं। अनेक स्थितियों में मनुष्य को सत्य को अपनाने से क्षणिक व सामयिक हानि होती दीखती है और असत्य का आचरण करने से […] Read more » वैदिक धर्म
धर्म-अध्यात्म स्वाध्याय से ईश्वर तथा जीवात्मा सहित अनेक विषयों का ज्ञान होता है January 18, 2021 / January 18, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन को उत्तम व श्रेष्ठ बनाने के लिये आत्मा को ज्ञान से युक्त करने सहित श्रेष्ठ कर्मों व आचरणों का धारण व पालन करना होता है। मनुष्य जब संसार में आता है तो वह एक अबोध शिशु होता है। माता, पिता तथा परिवार के लोगों की बातें सुनकर वह बोलना सीखता है। […] Read more » Swadhyaya gives knowledge of many subjects including God and Jeevatma. ईश्वर तथा जीवात्मा स्वाध्याय
धर्म-अध्यात्म ईश्वर सृष्टि उत्पत्ति सहित सभी अपौरुषेय कार्य जीवों के कल्याणार्थ करता है January 16, 2021 / January 16, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में तीन मूल सत्तायें हैं जिन्हें हम ईश्वर, जीव तथा प्रकृति के नाम से जानते हैं। आकाश का भी अस्तित्व है परन्तु यह एक चेतन व जड़ सत्ता नहीं है। आकाश खाली स्थान को कहते हैं जिसमें अन्य सभी सत्तायें आश्रय पाये हुए हैं। इसी प्रकार से संसार में दस […] Read more » God does all the inauspicious works including the creation ईश्वर
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की उपासना का उद्देश्य कृतज्ञता ज्ञापन एवं ईश्वर साक्षात्कार January 15, 2021 / January 15, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार की जनसंख्या का बड़ा भाग ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करता है और अपने ज्ञान व परम्पराओं के अनुरूप ईश्वर की स्तुति, प्रार्थना व उपासना करता है। ईश्वर की स्तुति, प्रार्थना तथा उपासना करना क्यों आवश्यक है?, इसके लिये हमें ईश्वर के सत्यस्वरूप, उसके गुण, कर्म व स्वभाव तथा उस ईश्वर के […] Read more » Purpose of Worship of God Gratitude memorandum and God interview ईश्वर की उपासना
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा एक स्वतन्त्र एवं अन्य अनादि तत्वों से पृथक सत्ता व पदार्थ है January 13, 2021 / January 13, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह संसार ईश्वर जीव तथा प्रकृति, इन तीन सत्ताओं व पदार्थों से युक्त है। अनन्त आकाश का भी अस्तित्व है परन्तु यह कभी किसी विकार को प्राप्त न होने वाला तथा किसी प्रकार की क्रिया न करने वाला व इसमें क्रिया होकर कोई नया पदार्थ बनने वाला पदार्थ है। ईश्वर, […] Read more » जीवात्मा
धर्म-अध्यात्म अविद्या से सर्वथा रहित तथा सत्य ज्ञान से पूर्ण ग्रन्थ है सत्यार्थप्रकाश January 12, 2021 / January 12, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य चेतन एवं अल्पज्ञ सत्ता है। इसका शरीर जड़ पंच–भौतिक पदार्थों से परमात्मा द्वारा बनाया व प्रदान किया हुआ है। परमात्मा को ही मनुष्य शरीर व उसके सभी अवयव बनाने का ज्ञान है। उसी के विधान व नियमों के अन्तर्गत मनुष्य का जन्म होता तथा मनुष्य के शरीर में वृद्धि व […] Read more » Satyartha Prakash सत्यार्थप्रकाश