धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार मकर सक्रान्ति पर्व का महत्व और उसको जानने से लाभ December 5, 2020 / December 5, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य सभी आवश्यक विषयों का ज्ञान प्राप्त करना चाहता है। जो ज्ञान उसे अधिक महत्वपूर्ण लगता है उसे स्मरण रखते हुए उससे लाभ प्राप्त करने में उसी प्रवृत्ति बनती है। हमारे अनेक पर्व हमें उनके महत्व से परिचित कराते हैं जिन्हें मनाकर हम उससे यथोचित लाभ लेने का प्रयास करते हैं। […] Read more » Importance of Makar Sakranti festival मकर सक्रान्ति पर्व
धर्म-अध्यात्म क्या हमें अपने पूर्वजन्म एवं पुनर्जन्म होने के सिद्धान्त का ज्ञान है? December 4, 2020 / December 4, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य हो या इतर प्राणी, सभी जन्म व मरण के चक्र में फंसे हुए हैं। संसार में हम देखते हैं कि जिसका जन्म होता है उसकी मृत्यु अवश्य होती है। जन्म से पूर्व और मृत्यु के बाद का ज्ञान कुछ आध्यात्मिक व वैदिक विद्वानों को ही होता है। कुछ ऐसे मनुष्य हैं जो […] Read more » Do we know the principle of our previous birth and rebirth previous birth and rebirth? पूर्वजन्म एवं पुनर्जन्म होने के सिद्धान्त
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज ज्ञान विज्ञान से पोषित सनातन वैदिक धर्म का रक्षक एवं प्रचारक है December 1, 2020 / December 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में अनेक संगठन एवं संस्थायें हैं। इन सबमें आर्यसमाज ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो मनुष्य मात्र के हित को ध्यान में रखकर ज्ञान व विज्ञान से पोषित सत्य सनातन वैदिक धर्म का प्रचार करता है। आर्यसमाज धर्म के नाम पर देश देशान्तर में फैले अज्ञान, अन्धविश्वास, पाखण्ड तथा […] Read more » Arya Samaj is a protector and propagator of Sanatan Vedic religion enriched with knowledge science आर्यसमाज
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म के कुछ मुख्य सिद्धान्त जिनका प्रचार आर्यसमाज करता है December 1, 2020 / December 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य वैदिक धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म व मत है। वैदिक धर्म का प्रचलन वेदों से हुआ। वेद सृष्टि के आरम्भ में अन्य सांसारिक पदार्थों की ही तरह ईश्वर से उत्पन्न हुए। परमात्मा सत्य, चित्त व आनन्द स्वरूप है। ईश्वर के इस स्वरूप को सच्चिदानन्दस्वरूप कहा जाता है। चेतन पदार्थ ज्ञान […] Read more » Some of the main principles of Vedic religion that Aryasamaj promotes वैदिक धर्म के कुछ मुख्य सिद्धान्त
धर्म-अध्यात्म मनुष्य का कर्तव्य सद्गुणों से युक्त होना तथा दुर्गुणों को हटाना है November 29, 2020 / November 29, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के जीवन व कार्यों पर दृष्टि डालते हैं तो वह अनेकानेक प्रकार के कार्य करते हुए दृष्टिगोचर होते हैं। वह जो कार्य करते हैं, उन कार्यों से यदि उनके जीवन उच्च व श्रेष्ठ बनते हैं, तो वह कार्य उन्हें अवश्य ही करने भी चाहियें। परन्तु हम पाते हैं कि मनुष्य […] Read more » The duty of a human being is to have virtues and remove the faults. मनुष्य का कर्तव्य मनुष्य का कर्तव्य सद्गुणों से युक्त होना
धर्म-अध्यात्म हमारा सर्वव्यापक ईश्वर परम दयालु एवं परोपकारी सत्ता है November 29, 2020 / November 29, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यअधिकांश लोग ईश्वर की सत्ता को तो मानते हैं परन्तु उन्हें ईश्वर के सत्यस्वरूप तथा उसके गुण, कर्म व स्वभाव का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। ईश्वर के सत्यस्वरूप का ज्ञान वेद और वेदों पर आधारित ऋषियों के ग्रन्थ उपनिषद एवं दर्शन सहित सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि ग्रन्थों से भी प्राप्त होता है। वैदिक विद्वानों […] Read more » Our omnipotent God is the ultimate merciful and benevolent entity सर्वव्यापक ईश्वर सर्वव्यापक ईश्वर परम दयालु एवं परोपकारी
धर्म-अध्यात्म स्वाध्याय तथा उपासना से ही जीवन की वास्तविक उन्नति होती है November 27, 2020 / November 27, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य एक चेतन प्राणी है। मनुष्य का आत्मा चेतन अनादि व नित्य पदार्थ है। मनुष्य का शरीर जड़ प्राकृतिक तत्वों से बना हुआ नाश को प्राप्त होने वाला होता है। शरीर की उन्नति मनुष्य आसन, व्यायाम, सात्विक भोजन तथा संयम आदि गुणों को धारण कर करते हैं। आत्मा की उन्नति शरीर […] Read more »
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को सुख ईश्वर की भक्ति व सत्कर्मों से ही मिलता है November 26, 2020 / November 26, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमें जो सुख व दुःख की अनुभूति होती है वह शरीर व इन्द्रियों के द्वारा हमारी आत्मा को होती है। आत्मा चेतन पदार्थ होने से ही सुख व दुःख की अनुभूति करता है। प्रकृति व सृष्टि जड़ सत्तायें हैं। इनको किसी प्रकार की अनुभूतियां वा सुख व दुःख नहीं होते। आत्मा […] Read more » ईश्वर की भक्ति मनुष्य को सुख ईश्वर की भक्ति व सत्कर्मों से ही मिलता है
धर्म-अध्यात्म सृष्टि बनाकर हमें मनुष्य जन्म एवं सुख आदि देने से ईश्वर उपासनीय है November 25, 2020 / November 25, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं। हमें यह मनुष्य जन्म परमात्मा ने दिया है। जन्म व मृत्यु के मध्य की हमारी अवस्था जीवात्मा वा जीव कहलाती है। इस सृष्टि में हमारे जैसे जीव अनन्त संख्या में हैं। सभी जीव अणु परिमाण युक्त अल्पज्ञ चेतन सत्तायें हैं तथा सभी एकदेशी, ससीम, अनादि, नित्य, जन्म–मरण धर्मा […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म हम श्रेष्ठ वैदिक धर्म एवं संस्कृति के अनुयायी होने से भाग्यशाली हैं November 25, 2020 / November 25, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा जन्म भारत में हुआ है। भारत ही वह देश है जो धर्म एवं संस्कृति के सृजन का केन्द्र वा उत्पत्ति स्थान है। सृष्टि के आरम्भ में वेदों का आविर्भाव इसी प्राचीन देश आर्यावर्त के तिब्बत में परमात्मा से हुआ था। समस्त वेद ही धर्म का मूल एवं आधार है। वेद […] Read more » वैदिक धर्म एवं संस्कृति
धर्म-अध्यात्म सम्मान हेतु कृतज्ञता ज्ञापन November 24, 2020 / November 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम वैदिक विचारधारा के प्रचारार्थ जो लेख आदि लिखते हैं उसे अनेक पाठक एवं मित्र पसन्द करते हैं। कुछ लोग समय समय पर फोन आदि कर अपनी शुभकामनायें एवं आशीर्वाद हमें प्रदान करते रहते हैं। इससे हमें कार्य करने का उत्साह उत्पन्न होता है। हिमाचल प्रदेश के पौण्टा साहब स्थान के […] Read more » Gratitude for respect सम्मान हेतु कृतज्ञता ज्ञापन
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म सत्य सिद्धान्तों से युक्त तथा अन्धविश्वासों से मुक्त है November 23, 2020 / November 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यवैदिक धर्म ही मनुष्य का सत्य व यथार्थ धर्म है। इसका कारण वैदिक धर्म का ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर आधारित होना है। वेदों को हमारे ऋषि मुनियों ने सब सत्य विद्याओं का पुस्तक बताया है। वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक इसलिये है कि वेदों का प्रादुर्भाव सृष्टिकर्ता ईश्वर से हुआ है। संसार […] Read more »