धर्म-अध्यात्म हमें अपना जीवन तथा सुख व दुःख सृष्टिकर्ता ईश्वर से मिलते है September 26, 2020 / September 26, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य कहलाते हैं। हमारा जन्म हमारे माता-पिता की देन होता है। माता-पिता को हमें जन्म देने व पालन करने में अनेक कष्ट उठाने पड़ते हैं। यदि हमारे माता-पिता यह सब न करते तो हमारा न जन्म होता और यदि जन्म होता भी तो हम स्वस्थ, बुद्धिमान व ज्ञानवान न बनते। […] Read more » We get our life and happiness and sorrow from the Creator God ईश्वर
धर्म-अध्यात्म स्वाध्याय व साधना से आत्मा की उन्नति व शारीरिक सुख का लाभ होता है September 24, 2020 / September 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने जीवात्मा के कर्मों के अनुसार अनेकानेक योनियां बनाई हैं। मनुष्य योनि सभी प्राणि योनियों में सर्वश्रेष्ठ है। यही एक योनि है जिसमें मनुष्य आत्मा की उन्नति कर ईश्वर को जान व उसका साक्षात्कार करके अपवर्ग वा मोक्ष को प्राप्त हो सकता है। मनुष्य के जन्म का कारण उसके पूर्वजन्म […] Read more » स्वाध्याय व साधना
धर्म-अध्यात्म शख्सियत ऋषि दयानन्द एवं आर्यसमाज भक्त श्री ललित मोहन पाण्डेय जी September 24, 2020 / September 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम अपने पचास वर्षों के आर्यसमाज से जुड़े जीवन में अनेक ऋषिभक्तों के सम्पर्क में आये हैं और उनसे वैदिक विषयों पर वार्तालाप किया है तथा उनके अनुभवों को जाना है। ऐसे ही हमारे एक मित्र श्री ललित मोहन पाण्डेय हैं। आप 40 से अधिक वर्षों से हमसे जुड़े हैं। इस […] Read more » Rishi Dayanand and Arya Samaj devotee Shri Lalit Mohan Pandey ji आर्यसमाज भक्त श्री ललित मोहन पाण्डेय जी श्री ललित मोहन पाण्डेय जी
धर्म-अध्यात्म सब विद्या पढ व धर्मात्मा होकर सद्धर्म का उपदेश करें: महाराज मनु September 23, 2020 / September 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनुस्मृति एक प्रसिद्ध एवं चर्चित ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ की शिक्षायें मनुष्य जीवन का कल्याण करने वाली है। यह सत्य है कि मनुस्मृति अति प्राचीन ग्रन्थ है। मध्यकाल में कुछ वाममार्गी लोगों ने मनुस्मृति में महाराज मनु के आशय के विपरीत स्वार्थपूर्ति एवं अज्ञानता के कारण इस ग्रन्थ में अनेक स्थानों पर प्रक्षेप किये […] Read more » महाराज मनु
धर्म-अध्यात्म मुनष्य को वेदाध्ययन सहित उपासक तथा सदाचारी होना चाहिये September 23, 2020 / September 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को परमात्मा ने बुद्धि दी है जिससे वह ज्ञान को प्राप्त होता है तथा सत्यासत्य का निर्णय करता है। मनुष्य को ज्ञान को प्राप्त करने जैसी बुद्धि प्राप्त है वैसी अन्य प्राणियों को नहीं है। अन्य प्राणियों की तुलना में मनुष्य की विशेषता अपनी बुद्धि के कारण ही होती है। […] Read more » वेदाध्ययन
धर्म-अध्यात्म यम व नियमों के पालन से ही आत्मा की उन्नति सम्भव है September 21, 2020 / September 21, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य शरीर में आत्मा का सर्वोपरि महत्व है। शरीर को आत्मा का रथ कहा जाता है और यह है भी सत्य। जिस प्रकार हम रथ व वाहनों से अपने गन्तव्य स्थान पर पहुंचते हैं उसी प्रकार से मनुष्य शरीर मनुष्य की आत्मा को उसके लक्ष्य ईश्वर–प्राप्ति कराता है। ईश्वर सर्वव्यापक होने […] Read more » Only by following Yama and rules is the progress of the soul possible यम व नियमों के पालन
धर्म-अध्यात्म सत्संग स्वर्ग और कुसंग नरक है September 20, 2020 / September 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य किसी भी विषय के प्रायः दो पहलु होते हैं, एक सत्य व दूसरा असत्य। सत्य व असत्य का प्रयोग ईश्वर व जीवात्मा से लेकर सृष्टि के सभी पदार्थों व व्यवहारों में सर्वत्र किया जाता है। ईश्वर निराकार है, यह सत्य है और निराकार नहीं है अथवा साकार है, यह असत्य है। […] Read more » कुसंग नरक है सत्संग सत्संग स्वर्ग
धर्म-अध्यात्म सत्य के ग्रहण तथा अन्धविश्वासों के त्याग में ही जीवन की सार्थकता है September 17, 2020 / September 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को मनुष्य का जन्म ज्ञान की प्राप्ति तथा उसके अनुसार आचरण करने के लिये मिला है। यदि मनुष्य सत्यज्ञान की प्राप्ति के लिये प्रयत्न नहीं करता तो उसका अज्ञान व अन्धविश्वासों में फंस जाना सम्भव होता है। अज्ञानी मनुष्य अपने जीवन में लौकिक एवं पारलौकिक उन्नति नहीं कर सकते। सत्यज्ञान […] Read more » Life is meaningful only in the eclipse of truth and renunciation of superstitions. अन्धविश्वासों के त्याग सत्य के ग्रहण
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन में ज्ञेय कुछ मौलिक प्रश्नों पर विचार व उनके समाधान September 16, 2020 / September 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment इस अनन्त संसार में हम अनन्त प्राणियों में से एक प्राणी है जिसका मुख्य उद्देश्य ज्ञान प्राप्ति करना है। ज्ञान यह प्राप्त करना है कि हम कौन हैं, कहां से आये हैं, कहां जाना हैं? हमारा अस्तित्व कब से है, यह अस्तित्व कब व कैसे अस्तित्व में आया, इसका भविष्य में क्या होगा? हम […] Read more » मनुष्य जीवन
धर्म-अध्यात्म सृष्टि, प्राणी-जगत, भाषा एवं ज्ञान की उत्पत्ति किससे हुई? September 16, 2020 / September 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में रहते हैं और सृष्टि वा संसार को अपनी आंखों से निहारते हैं। सृष्टि का अस्तित्व प्रत्यक्ष एवं प्रामणिक है। हमारी यह सृष्टि कोई अनुत्पन्न, अनादि व नित्य रचना नहीं है। इसका अतीत में आविर्भाव व उत्पत्ति हुई है। इसके अनेक प्रमाण है। यह सर्वसम्मत सिद्धान्त है कि सृष्टि […] Read more » From whom did creation language and knowledge originate? भाषा एवं ज्ञान की उत्पत्ति
धर्म-अध्यात्म अन्य कार्य करते हुए ईश्वर के उपकारों का चिन्तन आवश्यक है September 14, 2020 / September 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य को जीवन में अनेक कार्य करने होते हैं। उसे अपने निजी, पारिवारिक व सामाजिक कर्तव्यों की पूर्ति के लिये समय देना पड़ता है। धनोपार्जन भी एक गृहस्थी मनुष्य का आवश्यक कर्तव्य है। इन सब कार्यों को करते हुए मनुष्य को अवकाश कम ही मिलता है। अतः सभी कामों को समय विभाग के […] Read more » ईश्वर के उपकारों का चिन्तन
धर्म-अध्यात्म वेद एवं वैदिक साहित्य के स्वाध्याय से मनुष्य श्रेष्ठ मनुष्य बनता है September 13, 2020 / September 13, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य वेद सृष्टि की आदि में परमात्मा द्वारा अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न चार ऋषियों को दिया गया ईश्वरीय सत्य व निर्दोष ज्ञान है। प्राचीन मान्यता है कि वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। वेदों में सब मनुष्यों को ‘मनुर्भव’ अर्थात् मनुष्य बनने का सन्देश दिया गया है। इसका अर्थ है कि […] Read more » वेद एवं वैदिक साहित्य