आर्थिकी देश में लगातार बढ़ रही आर्थिक गतिविधियों के चलते अब उद्योग जगत अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने पर दे रहा है जोर January 14, 2022 / January 14, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय स्टेट बैंक द्वारा हाल ही में सम्पन्न किए गए एक सर्वे में यह तथ्य स्पष्ट तौर पर उभरकर सामने आया है कि देश में लगभग समस्त उद्योग क्षेत्र अब अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि ये उद्योग अपनी उत्पादन क्षमता का 70 प्रतिशत से अधिक औसत उपयोग कर रहे […] Read more » उत्पादन क्षमता का विस्तार बढ़ रही आर्थिक गतिविधि
आर्थिकी राजनीति मजबूत हो रही है भारतीय बैंकों की स्थिति January 6, 2022 / January 6, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय स्थिरिता प्रतिवेदन जारी किया है। यह प्रतिवेदन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा, भारत में वित्तीय स्थिरिता की स्थिति की जानकारी देते हुए, प्रत्येक दो माह बाद नियमित रूप से जारी किया जाता है। विश्व के कई देशों में हालांकि कोरोना महामारी की तीसरी अथवा चौथी लहर चल […] Read more » The position of Indian banks is getting stronger भारतीय बैंकों की स्थिति
आर्थिकी राजनीति केंद्र सरकार के प्रयासों से भारत राजकोषीय दृढ़ीकरण की ओर बढ़ रहा है December 29, 2021 / December 29, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान गरीब तबके को राहत प्रदान करने, उनकी आर्थिक सहायता करने एवं उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा देश के नागरिकों को मुफ्त कोरोना टीका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई योजनाओं को लागू किया था। इन योजनाओं पर बहुत बड़ी राशि वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में खर्च […] Read more » India is moving towards fiscal consolidation with the efforts of the central government राजकोषीय दृढ़ीकरण
आर्थिकी लेख भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी व्यापार का बढ़ रहा योगदान December 27, 2021 / December 27, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास दर सामान्यतः उत्पादों की आंतरिक मांग पर अधिक निर्भर करती है परंतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में विदेशी व्यापार भी भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में अपनी महती भूमिका निभाते नजर आ रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत से 40,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि के वाणिज्यिक उत्पादों के निर्यात होने […] Read more » भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी व्यापार
आर्थिकी लेख प्राचीन भारत की आर्थिक व्यवस्था में छुपे हैं विश्व की वर्तमान आर्थिक समस्याओं के हल December 23, 2021 / December 23, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment आज जब विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कई प्रकार की आर्थिक समस्याएं (मुद्रा स्फीति, नागरिकों के बीच लगातार बढ़ रही आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, घाटे की वित्त व्यवस्था, शासन पर लगातार बढ़ रहा ऋण, आदि) उत्पन्न हो रही हैं और उनका कोई हल निकट भविष्य में दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे समय में इन विकसित देशों में […] Read more » The solutions to the current economic problems of the world are hidden in the economic system of ancient India. प्राचीन भारत की आर्थिक व्यवस्था
आर्थिकी राजनीति सफल आर्थिक नीतियों से देश के नागरिकों में प्रसन्नता का संचार सम्भव December 19, 2021 / December 19, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment किसी भी देश की आर्थिक नीतियों की सफलता का पैमाना, वहां के समस्त नागरिकों में प्रसन्नता का संचार, ही होना चाहिए। कोई भी नागरिक सामान्यतः प्रसन्न तभी रह सकता है जब उसकी न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से हो जाती हो। आजकल शुरुआती दौर में तो रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की आसानी […] Read more » सफल आर्थिक नीति
आर्थिकी राजनीति भारत सहित वैश्विक स्तर पर क्यों बढ़ रही है मुद्रा स्फीति की दर December 16, 2021 / December 16, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में अमेरिका एवं अन्य यूरोपीयन देशों में मुद्रा स्फीति की दर के आंकड़े जारी किये गए हैं। अमेरिका में नवम्बर 2021 माह में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति की दर 6.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो जून 1982 से लेकर आज तक सबसे अधिक मुद्रा स्फीति की दर है। अक्टोबर […] Read more » rate of inflation increasing globally including India Why is the rate of inflation increasing globally including India बढ़ रही है मुद्रा स्फीति की दर
आर्थिकी लेख राष्ट्रवाद का भाव जगाकर कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं विकसित अवस्था में पहुंची हैं December 13, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जापान, जर्मनी एवं ब्रिटेन अपनी अर्थव्यवस्थाओं को नए सिरे से खड़ा करना शुरू किया, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इन तीनों देशों की अर्थव्यस्थाएं पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गई थीं। उक्त तीनों देशों के साथ ही इजराइल ने भी अपनी भूमि वापिस प्राप्त […] Read more » राष्ट्रवाद का भाव
आर्थिकी भारत में ब्याज दरें एवं खुदरा महंगाई दर कम करने के प्रयास कर रही है केंद्र सरकार December 11, 2021 / December 11, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय रिजर्व बैंक ने दिनांक 8 दिसम्बर 2021 को घोषित की गई मौद्रिक नीति में लगातार नौवीं बार नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने रुख को नरम रखा है। मार्च और मई 2020 में रेपो रेट में लगातार दो बार कटौती की गई थी। इसके […] Read more » Central government is making efforts to reduce interest rates and retail inflation in India ब्याज दरें एवं खुदरा महंगाई दर कम
आर्थिकी राजनीति वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है December 8, 2021 / December 8, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य जारी किया है। इस परिदृश्य में बताया गया है कि वर्ष 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5.9 प्रतिशत की विकास दर हासिल की जा सकेगी और वर्ष 2022 में यह घटकर 4.9 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगी, जबकि वर्ष 2020 में पूरे विश्व में […] Read more » भारतीय अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति
आर्थिकी राजनीति आर्थिक मोर्चे पर अंततः सेवा क्षेत्र से भी आई अच्छी खबर December 6, 2021 / December 6, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment मार्च 2020 के बाद कोरोना महामारी की प्रथम एवं दूसरी लहर के दौरान देश के नागरिकों ने न केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना किया बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी भारी कमी देखने में आई जिसके चलते कई नागरिकों ने अपना रोजगार खोया एवं आर्थिक समस्याओं का सामना किया। परंतु, केंद्र सरकार द्वारा समय […] Read more » finally good news came from the service sector as well. on the economic front Services Purchasing Managers Index सर्विसेज परचेसिंग मेनेजर्स इंडेक्स
आर्थिकी राजनीति केंद्र सरकार द्वारा भारत में लागू की गई वित्तीय समावेशन योजना के लाभ दिखने लगे हैं December 3, 2021 / December 3, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment किसी भी देश में वित्तीय समावेशन के सम्बंध में ठोस नीतियों को लागू कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाया जा सकता है, गरीबी एवं आर्थिक असमानता को कम किया जा सकता है एवं वित्तीय स्थिरिता की स्थिति को प्राप्त किया जा सकता है। भारत में भी केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जनधन योजना को […] Read more » financial inclusion scheme implemented by the central government in India The benefits of the financial inclusion scheme implemented by the central government in India are visible. वित्तीय समावेशन योजना