लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव, Loksabha Election

लोकसभा चुनावों के बारे में तथ्य

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि नज़र आई है। 1952 के पहले आम चुनावों में 489 सीटों के लिए 1,864 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनकी संख्या 1971 के आम चनावों में 2,784 तथा 1980 में यह संख्या बढ़कर 4,620 हो गई।

गुजरात में जोर पकड रहा है भ्रष्टाचार और काला धन का मुद्दा

‘देश के बाहर गये काले धन की पाई-पाई हम वापस लेकर आयेंगे’ मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की इस उद्धोषणा के आगे कांग्रेस आक्रामक होकर भाजपा को भ्रष्टाचार में लिप्त और काले धन की पोषक पार्टी के उपमे से नवाजती है।

भाजपा का चुनावी;कॉरपोरेट कल्चरसरिता अरगरे

मध्यप्रदेश में बीजेपी के फ़रमान ने कई मंत्रियों की नींद उड़ा दी है। पिछले लोकसभा चुनावों की कामयाबी दोहराने के केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव के चलते प्रदेश मंत्रिमंडल की बेचैनी बढ़ गई है।

श्री वाजपेयी चार राज्यों से चुनाव जीतने वाले अकेले सांसद

भाजपा के पहले प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी अकेले सांसद थे जिन्हें चार राज्यों से चुनाव लडकर सांसद बनने का रिकार्ड बनाया था। वे अलग-अलग छह लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लडकर सांसद बन चुके हैं।

वर्ष-2004 के आम चुनावों के दिलचस्प तथ्य

• ये पहले आम चुनाव थे जिनमें मत पेटियों के स्थान पर पूरी तरह से इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग किया गया। देश में मतदाता सूची में 67,48,87,930 पंजीकृत मतदाता थे।

चौदहवीं लोकसभा (2004-2009) में दलगत स्थिति

लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर गम्भीर, तथ्यपूर्ण एवं तर्कपूर्ण बहस को आगे बढाने की दृष्टि से प्रमुख समाचार, विश्‍लेषण और आंकडें प्रस्‍तुत कर रहे हैं-

लोकसभा चुनाव परिणाम (1951-2004) / राजनीतिक दल

लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर गम्भीर, तथ्यपूर्ण एवं तर्कपूर्ण बहस को आगे बढाने की दृष्टि से प्रमुख समाचार, विश्‍लेषण और आंकडें प्रस्‍तुत कर रहे हैं-

चुनावी समर में काँग्रेस बनी रणछोड़दास

लोकसभा चुनावों को लेकर मध्यप्रदेश में भाजपा हर मोर्चे पर बढ़त लेकर बुलंद हौंसलों के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि काँग्रेस टिकट बँटवारे को लेकर मचे घमासान में ही पस्त हो गई है…

राज्‍यवार कुल लोकसभा क्षेत्र (2004)

भारत में संसदीय लोकतंत्र है। लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर…

मौका है बदल डालो, अब नहीं तो कब…????

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने देश के मतदाताओं से सही उम्मीदवार को वोट देने का आग्रह किया है। मतदान को सबसे बड़ा अवसर बताते हुए डॉ. कलाम ने कहा है कि हमारे द्वारा चुने गये प्रतिनिधि…

संसद में शिक्षा का बढता स्‍तर

चुनाव आयोग के आंकडों के मुताबिक तीसरी लोकसभा में 141 सांसद 10वीं पास भी नहीं थे लेकिन 14वीं लोकसभा में इसके उलट 157 पोस्ट ग्रेजुएट पहुंचे और दसवीं से नीचे रह गए सिर्फ उन्नीस तथा दसवीं पास 96 व ग्रेजुएट सांसदों की संख्या जा पहुंची 249