पर्यावरण लेख अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन सोलर परियोजनाओं की वायबिलिटी गैप फंडिंग में करेगा इज़ाफ़ा November 3, 2023 / November 3, 2023 by निशान्त | Leave a Comment विकासशील देशों में सोलर एनर्जी को अपनाने में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन (आईएसए) ने सोलर परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता या वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ़) में पर्याप्त वृद्धि की घोषणा की है. आईएसए, जिसमें 120 से अधिक सदस्य देश शामिल हैं, निवेश के अवसरों को बढ़ाने और स्वच्छ, टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा […] Read more » International Solar Alliance to increase viability gap funding for solar projects
पर्यावरण लेख मानसून 2023 – देश के 73% हिस्से में बारिश सामान्य लेकिन जिलेवार आंकड़े असामान्य October 30, 2023 / October 30, 2023 by निशान्त | Leave a Comment दक्षिण-पश्चिम मानसून 2023 के एक जिला स्तर पर किए गए एक व्यापक विश्लेषण में भारत के वार्षिक मानसून मौसम पैटर्न में देश भर में वर्षा पैटर्न में चरम विषमता सामने आयी है। दरअसल क्लाइमेट ट्रेंड्स और कार्बन कॉपी द्वारा किए गए इस विश्लेषण में कहा गया गौ कि जहां एक ओर दावा किया गया है कि देश के 73% हिस्से में “सामान्य” […] Read more » Monsoon 2023 – Rain normal in 73% of country but district wise figures abnormal
पर्यावरण बिना सख़्त नियमों के ग्रीन हाइड्रोजन का विकास बढ़ा सकता है कार्बन उत्सर्जन October 27, 2023 / October 27, 2023 by निशान्त | Leave a Comment ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है. साथ ही, भारत ने साल 2030 तक सालाना पांच मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य भी रखा है. लेकिन इस बीच […] Read more » green hydrogen
पर्यावरण लेख सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ ज़रूरी October 25, 2023 / October 25, 2023 by निशान्त | Leave a Comment जिस रफ्तार से जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबिलिटी जैसे मुद्दों की प्रासंगिकता बढ़ रही है और आमजन में उसके प्रति रुचि बढ़ रही है, उसके चलते अब पत्रकारों पर ज़िम्मेदारी बढ़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है. और इस […] Read more » It is important for journalists to have a better understanding of issues like sustainability and climate change. सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन
पर्यावरण लेख भीषण गर्मी से आपके बच्चे का बुढ़ापा हो सकता है ख़राब October 11, 2023 / October 11, 2023 by निशान्त | Leave a Comment इस नए शोध की मानें तो जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी आपके बच्चे का बुढ़ापा खराब कर सकती है। अगर आप कल की किसी ऐसी संभावना से बचना चाहते हैं तो आपको आज कुछ करना होगा। जलवायु परिवर्तन तो प्रकृतिक प्रक्रिया है और वो हमारे विकास के साथ होती रहेगी। लेकिन उसकी गति को अगर […] Read more »
पर्यावरण लेख पिघलते ग्लेशियरों की निगरानी ज़रूरी, वरना आज सिक्किम, कल…. October 9, 2023 / October 9, 2023 by निशान्त | Leave a Comment बीते हफ्ते, सिक्किम में दक्षिण लोनाक झील पर बहुत भारी बारिश हुई। इसके चलते झील के पानी ने अपना किनारा छोड़ दिया। सब कुछ इतना अचानक हुआ कि झील के पानी ने चुंगथांग बांध को तोड़ दिया। और इसके बाद तबाही का ऐसा दौर आया कि फिलहाल चालीस से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर […] Read more » Monitoring of melting glaciers is necessary
पर्यावरण सावधान! रिवर इंटरलिंकिंग परियोजनाओं से बदल सकता है मॉनसून का पैटर्न October 9, 2023 / October 9, 2023 by निशान्त | Leave a Comment हाल ही में नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित एक शोध लेख ने भारत में प्रस्तावित रिवर इंटरलिंकिंग परियोजनाओं के मानसून पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शोधकर्ताओं ने जलवायु मॉडलिंग का प्रयोग करते हुए पाया कि गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी और गोदावरी जैसी प्रमुख नदियों के जल के अंतर्बेसिन हस्तांतरण या […] Read more » Attention Monsoon pattern may change due to river interlinking projects
पर्यावरण लेख पर्यावरण संरक्षण-संवर्द्धन का आनंद है ग्वालियर का ‘अल्मोड़ा’ October 5, 2023 / October 3, 2023 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अल्मोड़ा के बारे में आप सबने सुना होगा। अल्मोड़ा अपने सुरम्य वातावरण के साथ ही साहसिक गतिविधियों के लिए पर्यटकों को आमंत्रित करता है। अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और वन्य जीवन के लिए प्रसिद्ध है। यह तो हुई हिमालय की गोद में बसे विश्व प्रसिद्ध अल्मोड़ा की बात। यदि […] Read more » अल्मोड़ा ग्वालियर का ‘अल्मोड़ा
पर्यावरण वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग में भारत, नेपाल की उपेक्षा: रिपोर्ट October 5, 2023 / October 5, 2023 by निशान्त | Leave a Comment एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि जहां एक ओर भारत और नेपाल में दुनिया भर में वायु प्रदूषण के सबसे खराब प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं इन देशों की इस समस्या से निपटने में मदद करने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से बेहद कम आर्थिक सहयोग मिलता है. दिल्ली की शुमार दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित […] Read more » India Nepal ignored in international funding to tackle air pollution वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग में भारत
पर्यावरण प्रकृति और मनुष्य के बीच है शाश्वत रिश्ता October 3, 2023 / October 3, 2023 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment संस्कृत में कहा गया है -‘शाश्वतम्, प्रकृति-मानव-सङ्गतम्,सङ्गतं खलु शाश्वतम्। तत्त्व-सर्वं धारकं, सत्त्व-पालन-कारकं, वारि-वायु-व्योम-वह्नि-ज्या-गतम्। शाश्वतम्, प्रकृति-मानव-सङ्गतम्।। अर्थात इसका भावार्थ यह है कि प्रकृति और मनुष्य के बीच का संबंध शाश्वत है।रिश्ता शाश्वत है। जल, वायु, आकाश के सभी तत्व, अग्नि और पृथ्वी वास्तव में धारक हैं और जीवों के पालनहार हैं। सच तो यह है कि […] Read more » There is an eternal relationship between nature and man प्रकृति और मनुष्य के बीच है शाश्वत रिश्ता
पर्यावरण लेख भारत में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना ही होगा October 3, 2023 / October 3, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत अपनी ऊर्जा की कुल आवश्यकता का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल के रूप में आयात करता है एवं भारत के कुल आयात में कच्चे तेल की भागीदारी सबसे अधिक है। इससे भारत के विदेश व्यापार में असंतुलन पैदा होता है तथा विदेश व्यापार घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। कच्चे तेल को परिष्कृत […] Read more »
पर्यावरण लेख संयुक्त राष्ट्र: वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ‘प्रगति अब भी अपर्याप्त’ September 12, 2023 / September 12, 2023 by निशान्त | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र ने 2015 के ऐतिहासिक पेरिस समझौते के बाद से जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक प्रगति का अपना पहला आधिकारिक मूल्यांकन या ग्लोबल स्टॉक टेक जारी करते हुए दुनिया को एक चेतावनी सी दी है। यह मूल्यांकन रिपोर्ट सीधे तौर पर कहती है कि पेरिस समझौते के वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5C तक सीमित करने […] Read more » UN: 'Progress still insufficient' to meet global climate goals