पर्यावरण लेख सार्थक पहल भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की जरूरत। June 25, 2022 / June 25, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment -प्रियंका ‘सौरभ’ सिंगल यूज प्लास्टिक से तात्पर्य उन प्लास्टिक वस्तुओं से है जो एक बार उपयोग की जाती हैं और त्याग दी जाती हैं। एकल-उपयोग प्लास्टिक में निर्मित और उपयोग किए गए प्लास्टिक के उच्चतम प्रयोग में वस्तुओं की पैकेजिंग से लेकर बोतलों, पॉलिथीन बैग, खाद्य पैकेजिंग आदि शामिल है। यह विश्व स्तर पर उत्पादित […] Read more » ban single use plastic Need to ban single use plastic in India. सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध
पर्यावरण लेख भारत और बांग्लादेश में हुई अत्यधिक वर्षा और बाढ़ सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन के कारण June 24, 2022 / June 24, 2022 by निशान्त | Leave a Comment भारत के उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में हुई भारी मॉनसून की बारिश और नदियों में उसके बाद बढ़े जलस्तर के कारण हाल ही में भारत और बांग्लादेश में सीमा से सटे कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बाढ़ आई। इसके चलते लाखों लोग फंसे हुए हैं और एक मानवीय संकट पैदा हो रहा है। देश और विदेश में […] Read more » The excessive rainfall and floods in India and Bangladesh are directly due to climate change.
पर्यावरण लेख पर्यावरण में सुधार के बिना इस धरा का अस्तित्व ही खतरे में है अतः पत्थर फैंकने के स्थान पर बच्चों से पौधे रोपने को कहा जाना चाहिए June 16, 2022 / June 16, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत प्रांत द्वारा पर्यावरण में सुधार के उद्देश्य से “प्लास्टिक मुक्त ग्वालियर” का आहवान करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों, संस्थानों, स्कूलों, कालेजों एवं सरकारी विभागों को अपने साथ जोड़ते हुए ग्वालियर महानगर को प्लास्टिक मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के प्रथम चरण में ग्वालियर महानगर […] Read more » children should be asked to plant saplings.' so instead of throwing stones the very existence of this earth is in danger Without improving the environment त्थर फैंकने के स्थान पर बच्चों से पौधे रोपने को कहा जाना चाहिए
पर्यावरण लेख पर्यावरण संरक्षण : कहीं कोरी कवायद न रह जाए June 7, 2022 / June 7, 2022 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल प्रत्येक वर्ष की भाँति विश्व पर्यावरण दिवस मनाने और उसका प्रचार-प्रसार करने के लिए समूचे विश्व सहित हम भी जी-तोड़ मेहनत करने में लग जाते हैं,किन्तु इसके इतर दिनों-दिन पर्यावरण की दुर्गति और उस पर आँखे मूँदकर सबकुछ सही मान लेने की प्रवृत्ति ने हमें प्रकृति के प्रति निर्दयी और कृतघ्न तो […] Read more » environment protection पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण लेख पर्यावरण संरक्षण से बचेगा मानव जीवन June 6, 2022 / June 6, 2022 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर विशेष-डॉ. सौरभ मालवीयमानव जाति के संरक्षण के लिए पर्यावरण की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। दिन-प्रतिदिन दूषित होते पर्यावरण की रक्षा एवं इसके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रति वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में इसकी […] Read more » Human life will be saved by environmental protection world environment day 05 ju विश्व पर्यावरण दिवस
पर्यावरण लेख पृथ्वी के अस्तित्व का आधार है पर्यावरण June 4, 2022 / June 4, 2022 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment प्रकृति व मानव एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के बिना मानव की परिकल्पना नहीं की जा सकती। प्रकृति दो शब्दों से मिलकर बनी है – प्र और कृति। प्र अर्थात प्रकृष्टि (श्रेष्ठ/उत्तम) और कृति का अर्थ है रचना। ईश्वर की श्रेष्ठ रचना अर्थात सृष्टि। प्रकृति से सृष्टि का बोध होता है। प्रकृति अर्थात वह […] Read more » Environment is the basis of existence of earth पर्यावरण पृथ्वी के अस्तित्व का आधार पृथ्वी के अस्तित्व का आधार है पर्यावरण
पर्यावरण लेख वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दक्षिण एशियाई देशों का बने एक फोरम May 30, 2022 / May 30, 2022 by निशान्त | Leave a Comment वायु प्रदूषण खासकर दक्षिण एशियाई देशों के लिये बहुत विकट समस्या बन गया है। इस विपत्ति की सबसे ज्यादा तपिश दक्षिण एशियाई देशों भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल को सहन करनी पड़ रही है। वायु प्रदूषण संपूर्ण दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी समस्या है और इस क्षेत्र में स्थित कोई भी देश इससे […] Read more » वायु प्रदूषण
पर्यावरण लेख जलवायु परिवर्तन ने 30 गुना बढ़ाया भारत और पाकिस्तान में समय से पहले हीटवेव का खतरा May 24, 2022 / May 24, 2022 by निशान्त | Leave a Comment भारत और पाकिस्तान में पिछले लंबे समय से चल रही ताप लहर (हीटवेव) की वजह से इंसानी आबादी को बड़े पैमाने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और इसने वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति पर भी असर डाला है। दुनिया के प्रमुख जलवायु वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल द्वारा किए गए रैपिड एट्रीब्यूशन […] Read more » Climate change increased the risk of premature heatwaves in India and Pakistan by 30 times
पर्यावरण बेहद जरूरी है संकटग्रस्त जैव प्रजातियों का संरक्षण May 23, 2022 / May 23, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई) पर विशेष योगेश कुमार गोयलमनुष्यों की ही भांति जीव-जंतु तथा पेड़-पौधे भी धरती के अभिन्न अंग हैं लेकिन अपने निहित स्वार्थों तथा विकास के नाम पर मनुष्य ने न केवल वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों को बेदर्दी से उजाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है और वनस्पतियों का भी तेजी से […] Read more » International Biodiversity Day 22 May protect the endangered species अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 22 मई
पर्यावरण लेख दुनिया की हर छठी मौत के लिए प्रदूषण था ज़िम्मेदार: द लांसेट May 19, 2022 / May 19, 2022 by निशान्त | Leave a Comment वर्ष 2019 में 90 लाख लोगों की मौत का कारण बना वायु प्रदूषण, बीते चार सालों में स्थिति में मामूली सुधार वर्ष 2019 में प्रदूषण करीब 90 लाख लोगों की मौत के लिये जिम्मेदार था। यह दुनिया भर में होने वाली हर छठी मौत के बराबर है। वास्तव में इस संख्या में वर्ष 2015 में […] Read more » दुनिया की हर छठी मौत के लिए प्रदूषण था ज़िम्मेदार
पर्यावरण लेख ‘तपती धरती’ का जो ज़िम्मेदार,बचाव भी उसी से दरकार May 19, 2022 / May 19, 2022 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीमौसम विशेषज्ञों द्वारा ग्रीष्म ऋतू शुरू होने से पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी गयी थी कि इस बार दुनिया के अधिकांश देश झुलसाने वाली अभूतपूर्व गर्मी का सामना कर सकते हैं। सहस्त्राब्दियों पुराने ग्लेशियर्स के लगातार पिघलते रहने के बीच जब यह ख़बर भी आयी थी कि पूरे विश्व को प्रकृतिक रूप से […] Read more » Whoever is responsible for the 'scorching earth'
पर्यावरण लेख सूना-सूना लग रहा बिन पेड़ों के गाँव May 13, 2022 / May 13, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | 1 Comment on सूना-सूना लग रहा बिन पेड़ों के गाँव सूना-सूना लग रहा, बिन पेड़ों के गाँव ।पंछी उड़े प्रदेश को, बांधे अपने पाँव ।। -सत्यवान ‘सौरभ’ पक्षियों को पर्यावरण की स्थिति के सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक माना जाता है। क्योंकि वे आवास परिवर्तन के प्रति संवेदनशील हैं और पक्षी पारिस्थितिकीविद् के पसंदीदा उपकरण हैं। पक्षियों की आबादी में परिवर्तन अक्सर पर्यावरणीय समस्याओं […] Read more » सूना-सूना लग रहा बिन पेड़ों के गाँव