कविता इत्मिनान November 29, 2025 / December 9, 2025 by मुनीष भाटिया | Leave a Comment उम्मीदें अब व्यर्थ सी हैं लगती, न कोई अपना न कोई गैर। मन शांत हो ग़र भीतर से न रहती शिकायत न कोई वैर। Read more »
कविता आज गए धर्मेंद्र जी… November 25, 2025 / November 25, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment क-एक कर जा रहे हैं, कोई उन्हें रोक न पाए। आज धर्मेंद्र जी भी चले, जग को बिना बताए। Read more » आज गए धर्मेंद्र जी
कविता मैं पर्यावरण November 20, 2025 / November 20, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मैं पर्यावरण आज का प्रदूषण की चादर में लिपट गया हूँ मानव मन की लालसा में असहाय अब कराह उठा हूँ ! Read more » मैं पर्यावरण
कविता भजन: श्री बांके बिहारी जी November 20, 2025 / November 20, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment श्री बांके बिहारी जी Read more » Bhajan: Shri Banke Bihari Ji श्री बांके बिहारी जी
कविता आख़िरी गाँठ November 17, 2025 / November 17, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment उलझनों को सुलझाते–सुलझाते जितना खुद को समझा, Read more » आख़िरी गाँठ
कविता जाड़ा आया रे November 13, 2025 / November 13, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment ठंडी-ठंडी चलती बयार, धूप भी लगती अब गुलजार। कप-कप काँपे हाथ-पैर, माँ बोले — पहन ले स्वेटर ढेर Read more »
कविता लालच और रिश्तों की त्रासदी November 6, 2025 / November 6, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment लालच आँखें मूँद दे, भेद न देखे प्रीत।भाई भाई शत्रु बने, टूटे अपने मीत।। धन के पीछे दौड़कर, भूले यूँ सम्मान।घर आँगन में छा गया, कलह और अपमान।। ममता होकर लालची, रिश्ते करे उदास।स्वार्थ की इस आँच में, जले सगे विश्वास।। लोभ अंधेरा बन गया, बुझा स्नेह का दीप।अपने ही अब भूलते, प्रेम सुधा की […] Read more » लालच और रिश्तों की त्रासदी
कविता मन ने तेरा व्रत लिया October 9, 2025 / October 9, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment जिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ । उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ ।। Read more » My mind has taken your vow मन ने तेरा व्रत लिया
कविता देश न भूले भगत को September 29, 2025 / September 29, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment देश न भूले भगत को Read more » The country should not forget Bhagat देश न भूले भगत को
कविता भजन : श्री राधा कृष्णा प्रेम September 16, 2025 / September 16, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment तर्ज: ब्रज रसिया दोहा : मैया को समझाए रहे, प्यारे नन्द कुमार ।राधा संग ब्याह की, कर रहे प्रभु गुहार।। मु: मेरे मन को गई लुभाये (चुराए) – २राधिका बरसाने वारी ——————_२ अ १: जब मैं गैया चराने जाऊं, मार्ग में ही जाये ठाड़ी पाऊं ।मि: नैनन के तीर गई चलाय -२(नैनों से गयी बतराये) […] Read more » भजन : श्री राधा कृष्णा प्रेम
कविता भजन : श्री कृष्णा विरह September 16, 2025 / September 16, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment तर्ज : ओ बाबुल प्यारे दोहा: बंसी बाजी श्याम की, जमुना जी के तीर।गोपियाँ सुध बुध भूलीं, हो गयीं सभी अधीर।। मु: ओ बंसी बारे, ओ बंसी बारे…तेरी मुरली के ये धुन, करती मुझको है गुमसुमहर लेती है मेरा मन,ओ बंसी बारे, ओ बंसी बारे… अ १: तेरी ही यादों में जीवन बिताया,बढ़ती गई तन्हाई, […] Read more »
कविता गयाजी धाम September 12, 2025 / September 12, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पितृ पक्ष में पितर तृप्तिका होता सुंदर काम है ।विश्व पटल पर सबसे पावनपूज्य गया जी धाम है ॥अद्भुत नगरी , प्यारी नगरीविष्णु जी की दुलारी नगरीमंगला गौरी , अक्षयवट औरविष्णुपद की पौरी – पौरीपिंड – पिंड में यहां लिखापितरों का ही नाम है ।विश्व पटल पर सबसे पावनपूज्य गया जी धाम है ॥ कर्मकांड […] Read more » गयाजी धाम