कविता

द्विज-अद्विज

---विनय कुमार विनायकतुम वाणी के वरद पुत्र,श्रुति सूक्त के सूत्रधार!विधिविधानकेनियंता,श्री के स्वयंभू अवतारी! सृष्टि के पतवार को थामे,तुमनेंही मानव को...

पंद्रहअगस्त सिर्फ नहीं तिथि

---विनय कुमार विनायकपन्द्रह अगस्त सिर्फ नहीं तिथि!बल्कि यह एक इतिहास हैउन पूर्वजों के एहसास की,जिनकी उनसबकोतलाश थी,बंद हुई चक्षु से...

आदिवासी नहीं कोई जाति यह एक अवस्था है

---विनय कुमार विनायकआदिवासी नहीं कोई जाति यह एक अवस्था है,आदिवासी जनजातिकीअवस्था सेहर नस्लवर्णजातिवर्गकोगुजरना होता है! आज की वर्तमानवर्णाश्रमी जातिकल कबिलाईआर्यआदिवासी...

सात मनुओं का काल कहलाता है सात मन्वन्तर

---विनय कुमार विनायकसात मनुओं का काल कहलाता हैसात मन्वन्तर,पहला मनु स्वायंभुव, फिरस्वारोचिष,उत्तम,तामस,रैवत,चाक्षुष औरवैवस्वत मनु का यह मन्वन्तर! स्वायंभुव मनु से...

स्वागतम् हिन्द का गौरव बढ़ाने वालों…

स्वागतम् सुस्वागतम् हिन्द का गौरव बढ़ाने वालों गगनभेदी उद्घोषों में विजयी पताका चहुंओर फहराकर राष्ट्रगान का मान बढ़ाने वालों। स्वर्ण,...

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