महिला-जगत लेख सार्थक पहल लोहे को जीवन का आकार देती गड़िया लोहार महिलाएं April 10, 2023 / April 10, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शेफाली मार्टिन्सराजस्थान कृषि हमारे देश का एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, भारत के पारंपरिक व्यवसायों में इसका उल्लेख किया गया है. इसीलिए कृतज्ञता के भाव में हम किसानों को अन्नदाता कहते हैं. लेकिन जिस चीज की अनदेखी की जाती है वह है लोहार का वह हाथ, जो किसानों को औज़ार प्रदान कर अनाज उगाने में मदद […] Read more »
लेख शख्सियत समाज इतिहास से विस्मृत प्रथम स्वातन्त्र्य समर की वीराङ्गना झलकारी बाई April 6, 2023 / April 6, 2023 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय इतिहास के विस्मृत पन्नों में एक वीराङ्गना नारी – अपने अपूर्व तेज एवं राष्ट्रभक्ति की अभूतपूर्व चेतना के रूप में विद्यमान है। उसका समूचा जीवन स्वातन्त्र्य यज्ञ की बलिवेदी में समर्पित हो गया। इतिहास ने भले उसके साथ अन्याय किया। लेकिन उसकी वीरता की गाथा पीढ़ी- दर पीढ़ी किंवदन्तियों व लोकगाथा […] Read more » Jhalkari Bai
लेख नहीं बदली है माहवारी से जुड़ी अवधारणाएं April 6, 2023 / April 6, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नैना सुहानी मुजफ्फरपुर, बिहार मासिक धर्म एक ऐसा विषय है जिस से ग्रामीण इलाकों में अनगिनत अंधविश्वास और पुरानी सोच जुड़ी हुई है. सामाजिक प्रतिबंध के कारण यहां ऐसे विषयों पर बात करना भी पाप माना जाता है. जिस वहज से महिलाएं सही जानकारी के अभाव में बीमारियों का शिकार हो जाती हैं और उन्हें कई […] Read more »
लेख स्वास्थ्य-योग डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य April 6, 2023 / April 6, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक सरकारी अस्पताल उपलब्ध है। मासूम और अनपढ़ मरीजों या उनके रिश्तेदारों का शोषण किया जाता है। अधिकांश केंद्र अकुशल या अर्ध-कुशल पैरामेडिक्स द्वारा चलाए जाते हैं और ग्रामीण सेटअप में डॉक्टर शायद ही कभी उपलब्ध होते हैं। मरीजों […] Read more »
लेख जान के दुश्मन बनते आवारा कुत्ते April 6, 2023 / April 6, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत के मीडिया में लगातार ‘आवारा कुत्तों का खतरा’ सुर्खियों में रहता है। पिछले पांच वर्षों से, 300 से अधिक लोग – ज्यादातर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चे – कुत्तों द्वारा मारे गए हैं। 2017 के एक अध्ययन से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर कुत्ते भी वन्यजीवों के लिए विनाशकारी हो […] Read more »
लेख मूल्य आधारित शिक्षा है सुख की अनुभूति का आधार April 6, 2023 / April 6, 2023 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय हमारी प्राचीन गौरवशाली भारतीय संस्कृति समस्त विश्व के सुख, समृद्धि एवं शान्ति की कामना करती है। भारतीय चिन्तन में व्यष्टि से समष्टि तक का विचार किया गया है। भारतीय पर्व इस बात का प्रतीक हैं। यहां पर प्राय: प्रतिदिन कोई न कोई लोकपर्व, व्रत, पूजा एवं अनुष्ठान का दिवस होता है, जो इस बात का प्रतीक […] Read more » Value based education is the basis of feeling of happiness
लेख शख्सियत समाज मुख्यमंत्री का पद ठुकुराने वाली एक भारतीय आत्मा-पद्मभूषण डाॅ. माखनलाल चतुर्वेदी April 4, 2023 / April 4, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment 4 अप्रेल उनकी जयंती पर विशेष आत्माराम यादवआजादी के बाद सन् 1956 में मध्यप्रदेश राज्य गठन के पश्चात राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसे बिठाया जाये, इसे लेकर पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी, पण्डित रविशंकर शुल्क एवं पण्डित द्वारकाप्रसाद मिश्रा में से किसी एक नाम को लेकर सहमति हेतु विचारविमर्श हुआ, सर्वसम्मति से तीन कागजों की […] Read more »
लेख राजस्थानी को कब हासिल होगा निज भाषा का गौरव? April 4, 2023 / April 4, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment देवेन्द्रराज सुथारजालौर, राजस्थान मातृभाषा किसी भी देश या क्षेत्र की संस्कृति और अस्मिता की संवाहक होती है. इसके बिना मौलिक चिंतन संभव नहीं है. नई शिक्षा नीति में कक्षा 5 तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में रखने की बात कही गई है, लेकिन राजस्थान के लोग मातृभाषा में शिक्षा पाने से […] Read more » When will Rajasthani get the pride of its own language
लेख बुराई तब बढ़ती है जब अच्छे लोग कुछ नहीं करते”? April 4, 2023 / April 4, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment अच्छे लोगों पर अपने समुदाय को बनाए रखने के लिए बुराइयों के सामने बोलने और कार्य करने की जिम्मेदारी है। एडमंड बर्क ने कहा था; “बुराई की जीत के लिए केवल एक चीज जरूरी है कि अच्छे लोग कुछ न करें।” अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी कहा था कि: “दुनिया उन लोगों द्वारा नष्ट नहीं […] Read more » Evil grows when good people do nothing"?
लेख समाज कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द? April 4, 2023 / April 4, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment वंदना कुमारीमुजफ्फरपुर, बिहार भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के मुताबिक कृषि में सकल घरेलू उत्पाद की हिस्सेदारी 20.2 फीसदी है. भारत की तकरीबन आधी जनसंख्या रोजगार के लिए खेती बाड़ी पर ही निर्भर है. कृषि द्वितीयक उद्योगों के लिए […] Read more » श्रमिक महिलाओं का दर्द
लेख सार्थक पहल सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी April 3, 2023 / April 3, 2023 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह संवेदना एक ऐसी अनुभूति है, जो दूसरों के दर्द को अपना बना देती है। दर्द दूसरों को होता है, पर प्राण अपने छटपटाते हैं। ऐसी ही अनुभूति आरिफ को सारस पक्षी के प्रति हुई थी। घायल सारस होता है पर प्राण आरिफ के छटपटाते हैं। यही संवेदना आरिफ को औरों से […] Read more »
लेख आह! इंदौर, वाह…इंदौरी April 3, 2023 / April 3, 2023 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारइंदौर में मौत की बावड़ी से धडक़न टूटने की गिनती हो रही है। सबके अपने सूत्र, सबके अपने आंकड़ेें। पलकें नम हो गई हैं। हर कोई इस विपदा से दुखी और बेबस है। खबरों की फेहरिस्त है। कोई शासन-प्रशासन को गरियाने में लगा है तो कोई इस बात की तह तक जाने की जल्दबाजी […] Read more » Ahh! Indore wow... Indori