राजनीति लेख अन्ना ने दिया बहनजी-बुखारी को सिमरन व इक़रा से जवाब ! August 29, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on अन्ना ने दिया बहनजी-बुखारी को सिमरन व इक़रा से जवाब ! इक़बाल हिंदुस्तानी आखि़रकार नेताओं की शतरंजी चालों से 12 दिन तक मौत और ज़िंदगी के बीच झूलते रहने के बाद अन्ना ने अपना अनशन दलित बच्ची सिमरन और मुस्लिम बच्ची इक़रा के हाथां जूस पीकर अपनी तीनों मांगे मनवाकर तोड़कर भी ख़त्म नहीं किया, बल्कि फिलहाल स्थगित किया है। अनशन उन्होंने आगे भी जारी रखने […] Read more » Anna Hazare Mayawati इमाम बुखारी राइट टू रिकाल राइट टू रिजेक्ट
लेख संसद में हंगामा किस के लिये ? August 18, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment संसद के मानसून सत्र को शुरू हुए लगभग पंद्रह दिन से ज्यादा हो चुके है। पर इन पंद्रह दिनो में संसद में क्या हुआ हम सब लोग जानते है। लोकसभा में जहा मानसून सत्र के पहले सप्ताह में विपक्ष के हंगामे के चलते कोर्इ कार्यवाही न हो सकी जिस के कारण लोकसभा का 47 प्रतिशत […] Read more » Parliament संसद में हंगामा
लेख बाबा रामदेव न संत बन पाये न लीडर August 18, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 32 Comments on बाबा रामदेव न संत बन पाये न लीडर शादाब जफर ”शादाब” एक बहुत पुराना और बहुत ही मशहूर है शेर ”ना खुदा ही मिला ना विसाल-ए-सनम,ना इधर के रहे न उधर के रहे। आज ये शेर बाबा रामदेव के जीवन पर कितना सटीक बैठ रहा है। स्वदेशी के मुद्दे को लेकर चले बाबा रामदेव ने गंगा, काले धन और फिर भ्रष्टाचार पर जिस […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
लेख सोशल नेटवर्किंग बनाम सेक्स नेटवर्किंग August 13, 2011 / December 7, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | 5 Comments on सोशल नेटवर्किंग बनाम सेक्स नेटवर्किंग डॉ. मनोज चतुर्वेदी मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह समाज के लिए जीता व मरता है। यदि वह समाज से अलग हो तो या वह देवता होगा या तो दानव होगा, लेकिन जब वह समाज में फ्रेंड्शिप के बहाने सेक्स, जनप्रवाद, अपशब्दों का मायाजाल फैलाए तो गोयबल्स की श्रेणी में आ जाता है। वह समाजिक […] Read more » Sex networking सेक्स नेटवर्किंग सोशल नेटवर्किंग
लेख वुस्तानवी एक शख्सियत नहीं बल्कि एक विचारधारा का संघर्ष August 13, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on वुस्तानवी एक शख्सियत नहीं बल्कि एक विचारधारा का संघर्ष इक़बाल हिंदुस्तानी दारूलउलूम देवबंद विश्वप्रसिद्व इस्लामी संस्था है। मौलाना वुस्तानवी का मामला भले ही शांत दिख रहा हो लेकिन उनके समर्थक अगर उनकी बर्खास्तगी के मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाते हैं तो यह एक बार फिर से ज़बरदस्त चर्चा में आ जायेगा। वहां का मोहतमिम कौन होगा यह उलूम का अंदरूनी मामला होता है। […] Read more » Vustanvi वुस्तानवी
लेख अराजकता के इस दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें August 6, 2011 / December 7, 2011 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | 1 Comment on अराजकता के इस दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें मेरा बड़ा बेटा स्टेशनरी की दुकान चलाता है|वहीं पर कम्प्यूटर फोटो कापी इत्यादि भी उपलब्ध हैं सेवा निवृति के बाद मैं भी इस दुकान में बैठकर कंप्यूटर पर लेखन का काम करता हूं|कभी कभी काउंटर पर बैठकर रुपये गिनकर दुकान की आर्थिक हैसियत का अंदाज भी लगा लेता हूं|एक दिन एक ग्यारह बारह साल का […] Read more » Military rule सैनिक शासन
लेख गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र August 5, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 2 Comments on गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र शादाब जफर “शादाब’’ 15 अगस्त बहुत ही करीब है। में सोच रहा हॅू कि आखिर हमारे भोले भाले नादान प्रधानमंत्री जी लाल किले की प्राचीर से गणतंत्र का झंडा फहरायेगे या भ्रष्टतंत्र का कहना मुश्किल है। आईपीएल घोटाला, राष्ट्रमंडल खेलो में घोटाला, मुंबई के आदशर आवास सोसायटी घोटाला, टुजी स्पेक्ट्रस आवंटन घोटाला, सतर्कता अधिष्ठान में […] Read more » independence गणतंत्र गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र भ्रष्टतंत्र
लेख नवचेतना के आधार:प्रेमचंद July 30, 2011 / December 7, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment रामकृष्ण प्रेमचंद जयन्ती : 31 जुलाई प्रेमचंद जितने अंश में साहित्यकार थे उतने ही अंश में एक समाजवेत्ता और मार्गदर्शक भी बल्कि उनकी यह दोनों विशेषताएं इतनी एकरूप हो गयी थीं कि उनका अस्तित्व ही नहीं बच पाया था. इस कालजयी साहित्यसर्जक के स्मरणपर्व पर किये उनकी कला के विभिन्न पक्षों का एक बेबाक विवेचन. बात […] Read more » Premchand प्रेमचंद
लेख हम किस आजादी की बात करते हैं? July 27, 2011 / December 8, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on हम किस आजादी की बात करते हैं? बरुण कुमार सिंह आजादी के 65 साल बाद भी मुल्क का जनमानस अपने ही द्वारा चुने गये राजनेताओं की काली करतूतों से शमिरंदा है। सब जानते हैं कि तमाम बड़े नेता ऐसे हैं, जो भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। कोई मुख्यमंत्रा हैं, तो कोई केन्द्रीय सरकार के कैबिनेट का सम्मानित सदस्य रह […] Read more » independence राजनेताओं की काली करतूतों
लेख भारत-रत्न दिलवाने की जिद July 27, 2011 / December 8, 2011 by विनोद उपाध्याय | 3 Comments on भारत-रत्न दिलवाने की जिद विनोद उपाध्याय 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने जब कला, साहित्य, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने के लिए भारत रत्न की स्थापना की थी तब यह सोचा भी नहीं होगा की भविष्य में यह विवाद का केंद्र बनेगा। भारत […] Read more » Atal Bihari Vajpayee अटल बिहारी वाजपेयी भारत-रत्न \ सचिन तेंदुलकर
लेख खाकी में खोखली और बीमार U.P पुलिस July 26, 2011 / December 8, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर “शादाब’’ दरोगा बनने की ललक में मेरठ हादसे के अगले ही दिन 24 और अभ्यर्थी सिपाही दौड में बीमार होने के बाद आजमग में भी दौड पूरी न कर सके और अस्पताल पहुच गये। इन में से एक सिपाही तो निराशा के कारण अस्पताल की छत से जान देने के उद्देश्य से कूद […] Read more » U.P. पुलिस खाकी खोखली और बीमार
लेख शिव स्वयं सावन हैं July 21, 2011 / December 8, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment समग्र किसान चेतना का प्रतीक है- शिव पंडित सुरेश नीरव सावन का महीना। चैत्र मास से शुरू होनेवाले भारतीय कैलेंडर का पांचवा महीना। पांच यानि सृष्टि के पंचभूत का प्रतीक। तो फिर क्यों न हो भूताधिपति महादेव को प्रिय यह पांचवां महीना। जो स्वयं जल की तरह तरल और भोले हैं। जिनके माथे पर चंद्रमा […] Read more » Shiv शिव सावन