कविता दक्षिणा रहस्य August 25, 2025 / August 25, 2025 by डॉ राजपाल शर्मा 'राज' | Leave a Comment अम्बर रक्तिम वर्ण हो चला रथ रवि का अस्ताचल कोलौट रहा हलधर का टोला, पुष्ट स्कंध पर धरि हल कोगोखुर से उड़ती रज रम्या, खग-मृग सब चले नीड़ कोगुरु माता बैठी आंगन में, अभ्यन्तर लिए पीड़ को तभी द्रोण आये कुटिया में दिखी निस्तब्धता छाईगुरु माता इतनी तन्मय थी, आहट तक ना सुन पाईनिज नारी […] Read more » दक्षिणा रहस्य
कविता तुम कब रोए August 25, 2025 / August 25, 2025 by डॉ राजपाल शर्मा 'राज' | Leave a Comment पहला पर्ण जो निकला तन सेजीर्ण-शीर्ण हो गया समय सेकिसी पवन के झोंके ने तबअलग कर दिया तेरे तन सेउस विलगित पर्ण के जाने कादर्द क्या मन में कुछ नहीं होतापर देखा तो नहीं किसी नेकभी भी तुम को आँख भिगोएपेड़! तुम कब रोए? शाख पर जन्मीं नन्हीं चिड़िया जब उसी शाख पर, किसी झंझा मेंमर […] Read more » तुम कब रोए
लेख छात्र किस दिशा में जा रहे हैं? August 25, 2025 / August 25, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment “शिक्षा, संस्कार और समाज की जिम्मेदारी : बदलते छात्र-शिक्षक संबंध और सही दिशा की तलाश” आज शिक्षा केवल अंक और नौकरी तक सीमित हो गई है। नैतिक मूल्य और संस्कार बच्चों की प्राथमिकता से गायब होते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप शिक्षक-छात्र संबंधों में खटास बढ़ रही है और अनुशासनहीनता सामने आ रही है। यदि परिवार, […] Read more » बदलते छात्र-शिक्षक संबंध
व्यंग्य कुत्ता प्रसंग और युधिष्ठिर August 25, 2025 / August 25, 2025 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवआजकल न्यायालय से सड़क तक कुत्ता प्रसंग चल रहा है। यह गोवंश को बचाने से कहीं ज्यादा अहम् हो गया है। अब अह्म तो दोनों ही हैं, गाय दूध के लिए माता कही जाती है और कुत्ता आदमी का वफादार मित्र है। उसकी यही कृतज्ञता के फलतः महाभारत युग में धर्मराज युधिष्ठिर अपने अनुजों […] Read more » कुत्ता प्रसंग और युधिष्ठिर
लेख विधि-कानून जब न्याय के प्रहरी ही अपराधी बन जाएँ, तो कानून की आस्था कैसे बचे? August 23, 2025 / August 23, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment झूठे मुकदमे केवल निर्दोषों को पीड़ा नहीं देते, बल्कि न्याय तंत्र की नींव को भी हिला देते हैं। जब वकील ही इस व्यापार में शामिल होते हैं तो वकालत की गरिमा और न्यायपालिका की विश्वसनीयता दोनों पर गहरा आघात होता है। ऐसे वकीलों पर आपराधिक मुकदमे चलना अनिवार्य है ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा […] Read more » झूठे मुकदमे
लेख आर्यभट्ट से गगनयानः प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएँ August 23, 2025 / August 23, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment 23 अगस्त को दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- 2025 विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि यह चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता की दूसरी वर्षगांठ है। पाठकों को बताता चलूं कि इस दिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त के दिन 2023 में इसरो की चंद्रयान-3 लैंडर की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग की […] Read more » 23 अगस्त राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
कविता मदिरालय August 23, 2025 / August 23, 2025 by श्लोक कुमार | Leave a Comment ये उर है की मसलसल रूह में बसतातवायफ़ की अनुराग में काफिरअहोरात्र मदिरालय दिखताये शब ए दिन उसकी तस्वीर चूमताये चंचला मुझे तशवीश कर रही, हर लफ्ज कोबातील सा बता रही हैंमैं इन अश्कों को कहाँ ले जाऊये लतीफ से, अनिष्ट बनते जा रहे हैरूह, देह, मैं बिन तस्सवुर के होते जा रहे हैंखत्म हुआ […] Read more » मदिरालय
कविता आरती श्री बलराम जी की August 18, 2025 / August 23, 2025 by नन्द किशोर पौरुष | Leave a Comment (दाऊ महाराज जी की) आरती दाऊ बाबा की कीजै।अपनौ मन पावन कर लीजै।। वासुदेव सूत रोहिणी छैया।श्रीकृष्ण कौ प्यारौ बड़ौ भैया।।रेवती माँ के संग दर्शन कीजै।आरती दाऊ बाबा की कीजै।। नन्द यशोदा के आंगन में।खेले ये मोहन के संग में।।ग्वाल बाल के संग गाय चरावै।ब्रज कौ ये राजा कहलावै।।श्री कृष्णा संग पूजन कीजै।आरती दाऊ बाबा […] Read more » आरती श्री बलराम जी की
कविता नकली कान्हा August 17, 2025 / August 25, 2025 by डॉ राजपाल शर्मा 'राज' | Leave a Comment जन्माष्टमी का पर्वबड़ी धूमधाम से मनाया गया,बाज़ार से पीताम्बर मंगवाया गया।जो बच्चे डरते हैं छिपकली से,उन्होंने भी कान्हा बनाया गया।सिर पर मुकुट पहना, कर बांसुरी दी गई,इस अद्भुत छवि की खूब सेल्फ़ी ली गई। बालिकाएँ राधा बन गई थीं,बड़ी ही मोहक लग रही थीं।रूप तो नयनाभिराम था,पर सब बाज़ार का ही तो सामान था।बच्चों को […] Read more » नकली कान्हा
लेख डायरेक्ट एक्शन डे (16अगस्त,1946) मुस्लिम लीगियों द्वारा “सीधी कार्यवाही” का अखिल भारतीय कार्यक्रम August 16, 2025 / August 23, 2025 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment (मुस्लिम लीग ने अपनी पाकिस्तान की मांग मनवाने के लिए ‘डायरेक्ट ऐक्शन’ का ऐलान कर उसके लिए 16 अगस्त, 1946 की तारीख निश्चित कर दी थी। तत्सम्बन्धी जारी किये गये गुप्त परिपत्र का अनुवाद यहां प्रस्तुत है। तदनुसार मुसलमानों ने देश भर में जो हत्याकांड रचे, उनमें कलकत्ता और नोआखाली के हिन्दू-संहार भीषणतम ये। अकेले […] Read more » Direct Action Day (16 August 1946): All India programme of "direct action" by the Muslim Leaguers डायरेक्ट एक्शन डे
कविता सुदर्शनचक्रधारी श्री कृष्ण की आवश्यकता अनुभव करता देश August 16, 2025 / August 23, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment जन्माष्टमी पर्व की आप सभी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। श्री कृष्ण जी भारतीय सनातन के पुरोधा योद्धा महापुरुष रहे हैं। जिन लोगों ने उन्हें केवल राधा के संग नचाने का कार्य किया है या “छलिया का भेष बनाकर श्याम चूड़ी बेचने आया” या गोपिकाओं के वस्त्र चुराने वाला दिखाया है या माखन चोर दिखाया है, […] Read more » सुदर्शनचक्रधारी श्री कृष्ण की आवश्यकता
लेख शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी August 16, 2025 / August 16, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment “पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और यह हर साल 12-15% की दर से बढ़ रही है। लेकिन साफ़-सफ़ाई और सार्वजनिक शिष्टाचार पर आधारित पालतू नीति केवल गिने-चुने शहरों में ही लागू है। विश्व […] Read more » Cities dogs and our responsibility कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी